क्या भारत में बन सकता है 1,000 रुपये का सिक्का? जानिए सिक्कों से जुड़ा यह खास कानून
भारत में आपने 1, 2, 5,10 और 20 रुपये का सिक्के देखा होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में अधिकतम कितने रुपये का सिक्का ढाला जा सकता है ? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारतीय रुपयों में नोटों के साथ-साथ सिक्कों का भी चलन है। इस कड़ी में आपने देश में 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के देखे होंगे। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में अधिकतम कितने रुपये के सिक्के ढाले जा सकते हैं और क्या इसे लेकर कोई नियम भी है ? अपने इस लेख में हम इन्हीं सभी सवालों का जवाब जानेंगे। जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
अधिकतम कितने रुपये का सिक्का जारी हो सकता है
भारत में सिक्के ढालने और उनके मूल्यवर्ग को तय करने का अधिकार सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 (Coinage Act, 2011) के तहत भारत सरकार को प्राप्त है। कानून के अनुसार, भारत में अधिकतम 1,000 रुपये तक का सिक्का बनाया और जारी किया जा सकता है।
क्या कहता है नियम और कानून
भारत में सिक्कों की ढलाई और उनके मूल्यवर्ग से जुड़े प्रमुख कानूनी नियम इस प्रकार हैं:
सिक्के ढालने का एकाधिकार
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) केवल बैंक नोट जारी करता है, जबकि देश में सभी प्रकार के सिक्कों की ढलाई और उनका आकार-डिजाइन तय करने का अधिकार पूरी तरह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के पास है।
सिक्कों की अधिकतम सीमा
सिक्का अधिनियम की धारा 4 के तहत सरकार को अधिकतम 1,000 रुपये मूल्यवर्ग तक के सिक्के बनाने की कानूनी अनुमति है। भारत में सिक्के ढालने और उनके मूल्यवर्ग को तय करने का अधिकार सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 (Coinage Act, 2011) के तहत भारत सरकार को प्राप्त है। कानून के अनुसार भारत में अधिकतम 1,000 रुपयेतक का सिक्का बनाया और जारी किया जा सकता है।
कहां बनाए जाते हैं सिक्के
भारत सरकार अपने चार प्रमुख टकसालों में सिक्कों का निर्माण करती है। इनमें मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और नोएडा शामिल है।
दो श्रेणियों में जारी होते हैं सिक्के
भारत में जारी होने वाले सिक्कों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा जाता है:
सामान्य चलन के सिक्के
प्रतिदिन लेन-देन के लिए मौजूदा समय में 50 पैसे, 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के ढाले और इस्तेमाल किए जाते हैं।
स्मारक सिक्के
भारत सरकार ने समय-समय पर विशेष अवसरों, महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं या महान हस्तियों की जयंती पर 75, 100, 125, 150, 500 और 1000 तक के विशेष स्मारक सिक्के ढाले हैं। उदाहरण के लिए, तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर के 1000 साल पूरे होने पर 1000 रुपये का सिक्का और संसद भवन के उद्घाटन पर 75 रुपये का सिक्का जारी किया गया था। ये सिक्के मुख्य रूप से संग्रहकर्ताओं के लिए होते हैं और सामान्य बाजार में लेन-देन के लिए उपयोग नहीं किए जाते।
50 पैसे के सिक्के से जुड़ा कानून
आपको बता दें कि यदि 50 पैसे के सिक्के हैं, तो इनमे अधिकतम 10 रुपये तक का भुगतान ही कानूनी रूप से मान्य होता है। हालांकि, 1 रुपये से ऊपर के सभी सिक्के भुगतान के लिए बाध्यकारी होते हैं।
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