बारिश आने से पहले अपनी दस्तक बिजली और गरज के साथ देता है। मानसून के मौसम में जैसे ही हवाएं अपना रुख बदलती है और आसमान के बादल तेज बिजली के साथ गरजती है लोग डर जाते हैं। बादलों के तेज गड़गड़ाहट की आवाज किसी को भी डरा सकती है। कई बार यह इतना खतरनाक होता है कि जमीन पर गिरते ही जानलेवा साबित हो जाता है। जिस जगह पर भी यह गिरती वहां केवल तबाही और सन्नाटा ही पसरा नजर आता है। इसकी चपेट इतनी खतरनाक है कि कई बार लोगों की मौत भी हो जाती है। बारिश के मौसम में बिजली की घटना आए दिन सुनने का मिलती है। ऐसे में क्या आपने कभी ये सोचा ही आखिर बादल क्यों और कैसे बनते हैं? बिजली क्यों चमकती है? ये सवाल लाखों लोगों के दिमाग में होगा, लेकिन इसका सही जवाब शायद ही कोई जानता होगा। अगर आपके मन में भी यही सवाल आता है, तो आप आपको इन सभी सवालों के जवाब देने वाले हैं।
बिजली से कैसे रोशन हो जाता है पूरा आसमान?
बादलों में छोटे-छोटे बर्फ के कण मौजूद होते हैं, जो क्रिस्टल्स के रूप में होते हैं। जैसे-जैसे ये क्रिस्टल्स बढ़ते जाते हैं वे आपस में संघर्ष करने लगते हैं, जिसके कारण पानी के कर्ण चार्ज हो जाते हैं। इन क्रिस्टल्स में कुछ पॉजिटिव और निगेटिव कण मौजूद होते हैं और जब ये क्रिस्टल्स आपस में टकराते हैं, तो बिजली पैदा होती है। जब इन क्रिस्टल्स की मात्रा बढ़ जाती है, तब आपस में ज्यादा टकराव के कारण इतनी तेज बिजली चमकती है कि पूरा आसमान रोशन हो जाता है।
बादल क्यों गरजते हैं?
बादल का गरजना और बिजली का चमकना एक दूसरे से पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। जब बिजली कड़कती है, तब ही बादलों की गरजने की आवाज सुनाई देती है। जब बादल में बिजली बनती है, तब बेहद ही खतरनाक गर्मी पैदा होती है। ये गर्मी तेजी से पूरे बादल में फैल जाती है, जिसके कारण बादल में मौजूद कण आपस में टकराने लगते हैं। इस टकराव से ही खतरनाक गरज पैदा होती है।
बादल के गरजने से पीछे का वैज्ञानिक कारण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब दो बादल टकराते हैं, तो बादल और जमीन के बीच स्टैटिक बिजली (Static Electricity) पैदा होती है। बाद में फिर यही बिजली के रूप में बाहर आती है। यह बिजली हवा को 30,000°C की स्पीड में गर्म करती है। इस तेज गर्म हवा के कारण आसमान में कंपन पैदा होती है। यही कंपन साउंड वेव के रूप में बदलता है जो हमें गरज के रूप में सुनाई देते हैं।
पहले बिजली चमकती है या बादल गरजते हैं?
हालांकि, आप सभी ने इस बात को नोटिस किया होगा कि बादल की तेज घरघराहट से पहले बिजली तेजी से चमक कर पूरे आसमान को रोशन कर देती हैं। दरअसल, इसके पीछे भी एक विज्ञान छिपा है। लाइट की स्पीड आवाज की तुलना में ज्यादा होती है। इसलिए हमें पहले बिजली की चमक दिखाई देती है और उसके बाद बादल की तेज घरघराहट सुनाई देती है।
कितनी होती है बादल के गरजने और बिजली के चमकने की स्पीड?
बिजली के प्रकाश की गति 3 लाख किमी/सेकंड के लगभग होती है, जबकि बादल के गरजने की स्पीड करीब 343 मीटर/सेकंड होती है। इन दोनों की गति में इतना अंतर है कि हमें पहले बिजली दिखाई देती है फिर कुछ सेकंड बाद बादल के गरजने की आवाज सुनाई देती है।
क्या गरजना बारिश का संकेत देता है?
गड़गड़ाहट सुनाई देना इस बात का संकेत है कि वातावरण में बहुत ज्यादा नमी है और घने बादल बन गए हैं। क्यूमुलोनिम्बस जैसे बादल अक्सर भारी बारिश, गरज और बवंडर लेकर आते हैं।
कैसे बनता है रेनबो?
बारिश के बाद या उस दौरान कई बार आसमान में सात रंगों की खूबसूरत लकीर दिखाई देती है, जिसे हम रेनबो कहते हैं। रेनबो देखते ही हम सभी के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और बच्चे भी इसका आनंद उठाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि मानसून के मौसम में ये रेनबो कैसे बनती है। बरसात में पानी की बूंदे जब सूरज की किरणों से टकराती है, तब यह सात रंगों में बट जाती है और इंद्र धनुष के रूप में हमें नजर आती है। बता दें कि रेनबो केवल तब ही बनते हैं, जब आसमान में सूर्य और पानी दोनों मौजूद हो। सूरज का असली रंग सफेद होता है। इसमें सफेद प्रकाश की किरण सात रंगों से बनी होती है। ऐसे में जब सूर्य की किरणें पानी की लाखों छोटी-छोटी बूंदों से टकराती हैं तो वे अपने मूल सात रंगों में बंट जाती हैं। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया को प्रकाश का फैलाव या प्रकाश की किरणों का विभाजन कहते हैं।
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