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B.Tech. के आखिरी साल में छोड़ी पढ़ाई, पढ़ें Alakh Pandey की ‘Physics Wallah’ बनने की कहानी

फिजिक्स की दुनिया में अलख पाण्डेय का नाम फिजिक्स वाला के नाम से मशहूर है। उन्होंने यूट्यूब से बच्चों को फिजिक्स पढ़ाना शुरू किया और आज ‘फिजिक्स वाला’ नाम से एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर दिया है, जिसमें सैंकड़ों कर्मचारी काम कर रहे हैं। 

B.Tech. के आखिरी साल में छोड़ी पढ़ाई, पढ़ें Alakh Pandey की ‘Physics Wallah’ बनने की कहानी
B.Tech. के आखिरी साल में छोड़ी पढ़ाई, पढ़ें Alakh Pandey की ‘Physics Wallah’ बनने की कहानी

सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए कभी न कभी आपने फिजिक्स वाला नाम से मशहूर अलख पाण्डेय की वीडियो जरूर देखी होगी। हमेशा ट्रेंडिंग में रहने वाले पाण्डेय के प्रति बच्चों की दीवानगी और उनकी लोकप्रियता को देखकर आपके मन में आता होगा कि आखिर बच्चों को तो कई शिक्षक पढ़ा रहे हैं, लेकिन अलख ने ऐसा क्या किया है, जो इनकी खास लोकप्रियता है। आखिर क्यों बच्चे इनके प्रति इतने दीवाने हैं और क्यों यह सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं। इनकी एक-एक वीडियो पर लाखों में व्यूज होते हैं। हाल ही में उन पर फिजिक्स वाला नाम से एक वेब सीरिज भी बनी है। तो आइये आज जानते हैं अलख पाण्डेय की कहानी के बारे में, जिसमें एक सामान्य लड़का कैसे इतना बड़ा नाम बन गया। 



अलख पाण्डेय का जन्म उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में अक्टूबर, 1991 में हुआ था। घर में माता-पिता और एक बड़ी बहन हैं। अलख की प्रारंभिक शिक्षा प्रयागराज में ही पूरी हुई।अलख का शुरू से ही विज्ञान विषय के प्रति रूझान था। वह अपना अधिकतर समय विज्ञान के विषयों को पढ़ने में बिताते थे। वहीं, 

परिवार में आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने कम उम्र में ही पढ़ाना शुरू कर दिया था। चूंकि, वह विज्ञान में अच्छे थे, इसलिए उन्होंने UPSCEE में एक अच्छी रैंक हासिल की थी, जिससे उन्हें हरकोर्ट बटलर तकनीकी संस्थान (HBTI) कानपुर में प्रवेश मिल गया था। उन्होंने कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया। पाण्डेय ने बीटेक के पहले साल में फिजिक्स में 80 फीसदी अंक हासिल कर अपने कॉलेज में टॉप किया था। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने बीटेक सेकेंड ईयर की कोचिंग भी शुरू कर दी। पढ़ाने के दौरान तीसरे वर्ष तक अध्यापन में उनकी रुचि और बढ़ गई और वह इसे और आगे बढ़ाना चाहते थे।

 

यही नहीं पाण्डेय अपने कॉलेज में जो पढ़ाया जा रहा था, उससे भी वे काफी संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि अकादमिक शिक्षा वास्तविक जीवन में ज्यादा काम की नहीं है। ऐसे में कॉलेज के अंतिम वर्ष में साल 2014 में उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया और वापस प्रयागराज घर लौट आए।

 

2014 में शुरू किया अपना यूट्यूब चैनल

जब घर वापस आए तो घर वालों को समझाना आसान नहीं था। क्योंकि, घर वालों को उम्मीद थी कि बेटा इंजीनियरिंग करने के बाद किसी बड़ी कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करेगा, लेकिन अलख के मन में कुछ और ही चल रहा था। उन्होंने साल 2014 में अपना YouTube चैनल Physics Wallah शुरू किया।

 

इस तरह बच्चों के दिल में उतरा फिजिक्स वाला

अलख को यह बात अच्छी तरह से पता थी कि बच्चे विज्ञान के विषयों को पढ़ना चाहते हैं। क्योंकि, इस विषय को लेकर बच्चों में हमेशा मांग रहती थी। उन्होंने सोचा कि अपने सरल तरीकों का उपयोग करके वह फिजिक्स और केमिस्ट्री पढ़ा सकते हैं। आसान तरीके से बच्चों तक फिजिक्स व केमिस्ट्री के कांसेप्ट पहुंचेंगे तो बच्चे पसंद करेंगे।  

 

हालांकि, सफर इतना आसान नहीं था। शुरुआत में अलख ने

2015/16 में कक्षा 12वीं के विषयों पर शिक्षण वीडियो अपलोड करना शुरू किये, लेकिन यह काम नहीं आया। फिर 2017 में, जब हाई स्कूल के छात्रों से संबंधित विषयों पर वीडियो अपलोड किए गए, तो उनके चैनल पर सबस्क्राइबर्स की संख्या में वृद्धि होना शुरू हुई।

 

बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते  2018 तक उनके चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या 50,000 को पार कर गई थी।

अगस्त 2018 में, उनका परिचय प्रतीक माहेश्वरी से हुआ, जो स्टार्ट-अप फिजिक्स वाला के को-फाउंडर भी हैं।

 

2020 में फिजिक्स वाला एप और प्लेटफॉर्म किया लांच

अलख पाण्डेय और प्रतीक माहेश्वरी ने मिलकर साल 2020 में फिजिक्स वाला; एप और प्लेटफॉर्म लांच कर दिए। फंडिंग के पहले दौर में फिजिक्स वाला ने 100 मिलियन डॉलर जुटाए थे।

 

फिजिक्स वाला स्टार्टअप में अलख पांडे द्वारा फैकल्टी का ध्यान रखा जाता है, जबकि व्यापार, वित्त और बाकी सब कुछ प्रतीक संभालते हैं। वर्तमान में फिजिक्स वाला के पास 500 शिक्षक हैं, जो प्रतिदिन हजारों कक्षाएं लेते हैं। इसके साथ ही फिजिक्स वाला की सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त लोकप्रियता है। इनकी एक-एक वीडियों लाखों लोगों द्वारा देखी और पसंद की जाती है। 

 

जून 2022 में मीडिया में दिए गए इंटरव्यू में अलख ने कहा था कि छात्रों को पढ़ाना हमेशा से उनका पहला जुनून रहा है। वह कक्षा 8 से ही एक उत्साही शिक्षक रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई संस्थानों ने उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर पढ़ाने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की थी, लेकिन उनके मूल मूल्यों की वजह से उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। अलख ने अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए फंड देना शुरू किया है। 

 

नौ भाषाओं में पठन सामाग्री देने की तैयारी

अलख ने यह भी खुलासा किया है कि उनकी कंपनी बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, गुजराती और मलयालम सहित नौ भाषाओं में शैक्षिक सामग्री लांच करने की तैयारी कर रही है।

वैश्विक स्तर पर बाहर निकलने के एक सवाल पर अलख ने जवाब दिया था कि वर्तमान में उनका ध्यान भारत की कम से कम 20% शैक्षिक समस्याओं को हल करने पर है। आपको यह भी बता दें कि अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनके जीवन पर आधारित फिजिक्स वाला नाम से एक वेबसीरिज भी लांच की गई है, जिसे खूब पसंद किया जा रहा है।