जब हम अपने आस-पास कुछ ऐसे कॉलेज स्टूडेंट्स को देखते हैं जो गोल्ड मेडलिस्ट होते हैं या फिर, उन स्टूडेंट्स ने अपने सब्जेक्ट में यूनिवर्सिटी लेवल पर टॉप किया होता है. ऐसे स्टूडेंट्स से उनकी सफलता का राज़ पूछने पर हमें यह पता चलता है कि वे रोज़ाना कई-कई घंटे अपनी किताबों की दुनिया में ही खोये रहते है. दरअसल, ऐसे स्टूडेंट्स ही बुक स्मार्ट स्टूडेंट्स कहलाते हैं जिन्हें कॉलेज के फाइनल एग्जाम्स से पहले ही अपने कोर्स की किताब का पन्ना-पन्ना याद हो जाता है.
इसी तरह, हमारे देश के अधिकतर स्टूडेंट्स ऐसे भी होते हैं जो कॉलेज के दिनों में भी अपनी स्टडीज़ को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं और कॉलेज के फाइनल एग्जाम्स/ सेमिस्टर एग्जाम्स शुरू होने से केवल कुछ दिन पहले ही अपने कोर्स की किताब खोलकर देखते हैं. इन स्टूडेंट्स को एकेडमिक सेशन के आखिर में भी अपना सारा सिलेबस नया-नया लगता है. लेकिन, ये ऐसे स्टूडेंट्स होते हैं जिनके पास अपनी स्टडीज़ के अलावा हरेक किस्म की समस्या और चुनौती का समुचित समाधान होता है. चाहे कॉलेज का हॉस्टल हो या फिर, कॉलेज प्लेग्राउंड, हॉस्टल मेस हो या कॉलेज की एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटीज़ से संबद्ध कोई मामला, ये स्टूडेंट्स चुटकियों में कोई न कोई उपयोगी समाधान पेश कर ही देते हैं इसलिए, ऐसे स्टूडेंट्स को स्ट्रीट स्मार्ट स्टूडेंट्स के तौर पर हम लोग जानते हैं. अब सवाल यह है कि, अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं तो फिर, आप क्या बनना चाहेंगे – एक बुक स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट या फिर, एक स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट?.....इससे पहले कि आप अपनी कोई राय बनाएं, यह बेहतर होगा कि हम लोग बुक स्मार्ट बनाम स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट के बारे में विचार विमर्श कर लें इसलिए, आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:
बुक स्मार्ट बनाम स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट
अगर आपके मन में थोड़ा-सा भी कंफ्यूजन है कि बुक स्मार्ट या स्ट्रीट स्मार्ट स्टूडेंट में से कौन से स्टूडेंट्स ज्यादा सफल और बेहतर होते हैं तो नीचे दिए गए पॉइंट्स को जरुर पूरे ध्यान से पढ़ें:
स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट्स की क्वालिटीज़
जब स्टूडेंट्स कॉलेज में जाते हैं तो उनके जीवन जीने के ढंग में काफी बदलाव आते हैं. इनमें से कई स्टूडेंट्स अपने घर-परिवार से दूर किसी दूसरे शहर में रहने लगते हैं और फिर एकदम, उन्हें खुद अपनी सारी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं. कॉलेज जाने से पहले जिन चीजों को वे नज़रंदाज़ कर देते थे, अब उन्हें उन चीजों से निपटना पड़ता है. ऐसे परिवेश में यह उनके लिए बहुत जरुरी हो जाता है कि वे अपनी रोजाना की दिक्कतों का हल खुद निकालें. फिर चाहे ये दिक्कतें उनके क्लास रूम्स में आयें या हॉस्टल में या फिर उनके दोस्तों के साथ हों. उन्हें यह पता होना चाहिए कि जीवन की कठिन परिस्थतियों और वास्तविकताओं का सामना चतुराई से कैसे करना है? इसलिये, स्ट्रीट स्मार्ट होना किसी भी कॉलेज स्टूडेंट के लिए अत्यंत जरुरी है. हम एक ऐसे संसार में रहते हैं जहां हर कोई एक अनचाही प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है और हर कोई इस प्रतिस्पर्धा में जीतने की भरपूर कोशिश कर रहा है. लोगों को हराने के लिए, आपको उन्हें पीछे छोड़ना होगा और यह केवल किताबी ज्ञान से संभव नहीं है.
बुकस्मार्ट स्टूडेंट बनने के होते हैं अनेक फायदे
किसी भारतीय परिवार में पलने पर बचपन से ही हमारे दिमाग में अपने शिक्षा क्षेत्र में बढ़िया प्रदर्शन करने का महत्व भर दिया जाता है. प्रत्येक कॉलेज छात्र के लिए अकेडमिक्स में अच्छा होना एक बहुत जरुरी क्वालिटी है. अक्सर आपके पेरेंट्स ही नहीं बल्कि आपके दूर के नाते-रिश्तेदार और आम तौर पर आपके आस-पास के सभी लोग एग्जाम्स में आपके प्रदर्शन में गहरी रूचि दिखाते हैं. जब तक आपके नंबर अच्छे आते हैं, आप हरेक की आंख का तारा बने रहते हैं. लेकिन अगर आप अपनी पढाई/ किताबों की जगह किसी खेल में ज्यादा बेहतर हैं तो इसके बहुत चांस होते हैं कि आपके पेरेंट्स दिन-रात आपके पीछे लगे रहें ताकि आप अच्छे नम्बरों से पास हो सकें.
ये हैं ए-ग्रेड स्टूडेंट बनने के सीक्रेट टिप्स
लेकिन अगर आप इन बातों पर विचार करे तो आप क्या सोचते हैं कि इन दोनों में से कौन बेहतर है - ‘बुक स्मार्ट और स्ट्रीट स्मार्ट?’ असल में, बहुत से करियर क्षेत्रों के लिए बुक स्मार्ट होना पहली आवश्यकता है. लेकिन बहुत से ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां टेक्स्ट बुक लर्निंग के बजाय स्ट्रीट स्मार्ट होना ज्यादा काम आता है. बहुत सी ऐसी बातें होती हैं जो अपने आस-पास मौजूद दुनिया से बातचीत और व्यवहार करके ही कोई भी इंसान सीख सकता है.
स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट्स की क्वालिटीज़ हैं ज्यादा विशेष
जी हां! यह सच है कि बुक स्मार्ट होने के साथ-साथ कॉलेज स्टूडेंट्स को आजकल के इस मॉडर्न टाइम में स्ट्रीट स्मार्ट भी जरुर होना चाहिए क्योंकि स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट्स होते हैं कुछ ज्यादा स्मार्ट और इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- सरवाइवल स्किल्स में स्ट्रीट स्टूडेंट्स होते हैं माहिर जो टेक्स्ट बुक्स नहीं सिखातीं
क्या आप मशहूर सरवाइवल रिऐलिटी टीवी शो ‘बीअर ग्रिल्स’ के फैन हैं? लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपने उन्हें कितनी बार किसी विषम परिस्थिति में सरवाइव करते हुए देखा है, आप इसे कभी नहीं सीख सकते जब तक कि आप इसे वास्तव में स्वयं नहीं करते. असल में, स्क्रीन पर किसी व्यक्ति को ऐसा करते देखना उस ट्रिक को वास्तव में खुद इस्तेमाल करने से बिलकुल अलग होता है. एक मशहूर कहावत है कि किसी काम के बारे में जानकारी रखने और उस काम को खुद करने में जमीन-आसमान का अंतर होता है. क्या हो अगर आपका सामना किसी जंगली भालू से हो जाए? आपने शायद अपने पसंदीदा टीवी शो के नायक को भालुओं से लड़कर उन्हें भगाते हुए देखा हो लेकिन क्या आप केवल अपनी टीवी स्क्रीन पर अपने नायक को भालुओं से जीतते देखकर खुद भी ऐसा कर सकते हैं? इसका सरल-सा जवाब एक बिलकुल स्पष्ट ‘नहीं’ होगा.
- स्ट्रीट स्मार्ट स्टूडेंट्स कर सकते हैं बेहतरीन एडजस्टमेंट
निःसंदेह ! किताबें नये कौशल सीखने और ज्ञान प्राप्त करने का सबसे बड़ा जरिया होती हैं. लेकिन आप अपने कॉलेज में सीखी हर बात को व्यवहारिक जीवन की परिस्थितियों में हमेशा लागू नहीं कर सकते हैं. किताबें हमें विशेष कौशल सिखाने में बहुत अच्छी होती हैं. जब रोजाना की परिस्थितियों और जीवन की समस्याओं से निपटने की बात आती है तो आपको स्ट्रीट स्मार्ट समझदारी बरतनी होगी जैसेकि आपके आस-पास की दुनिया का तौर-तरीका है. केवल तभी आप सरवाइव कर पायेंगे और अपने जीवन को बेहतरीन बना सकेंगे.
- रिस्क लेने से नहीं डरते स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट्स
जो लोग स्ट्रीट स्मार्टनेस पर भरोसा करते हैं वे अपने जीवन में जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं. अपने जीवन में जोखिम उठाना सबके लिए बहुत जरुरी है. जब तक आप कोई काम करने से यह सोचकर डरेंगे कि उस काम को करने से आपको किसी किस्म का खतरा उठाना पड़ेगा, आपको कभी भी अपनी क़ाबलियत का पता नहीं चलेगा. आप कभी नहीं जान सकते कि आप कोई काम कर सकते हैं या नहीं, जब तक कि आप उस काम को करना शुरू न कर दें. फिर चाहे आपके सामने कुछ भी परिणाम आयें, इससे वास्तव में कोई फर्क नहीं पड़ता है. उदाहरण के लिए, क्या हो अगर किसी पेशेवर के तौर पर काम करते हुए आपको कोई ऐसी नौकरी मिल जाए जो आपको पसंद नहीं है? क्या आप वह नौकरी यह सोच कर करते रहेंगे कि उस नौकरी को छोड़ने पर आपको काफी जोखिम उठाना पड़ सकता है?.....या फिर, क्या आप आगे आने वाली कठिनाइयों से निपटने का फैसला करके अपने को तैयार करेंगे और फिर वह नौकरी छोड़ देंगे?
जानिये कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए पीअर प्रेशर से निपटने के कुछ असरदार टिप्स यहां
- सभी लोगों से बातचीत करने और व्यवहार में एक्सपर्ट होते हैं स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट्स
आप अपनी जिंदगी में जरुर कुछ ऐसे लोगों से मिले होंगे जो एक बहुत बढ़िया वक्ता या सम्प्रेषक/ कम्यूनिकेटर होते हैं. ये वे लोग होते हैं जो किसी भी इंसान के व्यक्तित्व को अच्छी तरह समझ कर उनके साथ बातचीत या व्यवहार करते हैं. वे लोगों के मन या विचार पढ़ने में सक्षम होते हैं. जब आप किसी हॉस्टल में रहते हैं या बाद में आपके ऑफिस में भी ऐसे स्किल्स आपके बहुत काम आते हैं. जब आप अपनी प्रोफेशनल लाइफ शुरू करेंगे तब आप देखेंगे कि हमेशा सबसे स्मार्ट लोग ही सफल नहीं होते बल्कि जो लोग अन्य लोगों के मन की बात समझने में कुशल होते हैं वे भी अक्सर सफल रहते हैं. ये स्किल्स ऐसे हैं जो आप किसी टेक्स्ट बुक से नहीं सीख सकते लेकिन अपने आस-पास मौजूद लोगों से लगातार बातचीत और व्यवहार करके ही सीख सकते हैं.
- स्ट्रीट स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट्स के पास होता है हरेक समस्या का समाधान
क्या आपने हिंदी भाषा के एक व्यवहारिक शब्द ‘जुगाड़’ के बारे में सुना है? यह हम सब को स्ट्रीट स्मार्ट लोगों की तरफ से दिया गया एक बेशकीमती तोहफा है. स्ट्रीट स्मार्ट लोग तकरीबन हरेक समस्या का तुरंत हल निकालने में काबिल होते हैं. अगर हर बार नहीं तो भी ज्यादातर ये हल बहुत रचनात्मक होते हैं. स्ट्रीट स्मार्ट लोग खराब से खराब स्थिति से भी निकलने में सक्षम होते हैं. उदाहरण के लिए, स्ट्रीट स्मार्ट लोग नाराज ग्राहकों से निपटने में काफी कुशल होते हैं और वे ऐसा बिना किसी विशेष कोशिश के कर लेते हैं. चाहे कितनी भी खराब स्थिति हो, वे हमेशा शांत और तनावमुक्त रहते हैं जिससे वे शांत दिमाग से सोच कर किसी भी समस्या का बढ़िया समाधान ढूंढ लेते हैं.
स्कूल लाइफ से काफी अलग होती है स्टूडेंट्स की कॉलेज लाइफ
आशा है कि यह आर्टिकल आपको स्ट्रीट स्मार्टनेस के स्किल्स का महत्व समझने में मदद करेगा. हालांकि, यह याद रखें कि आज की दुनिया में सफल होने के लिए स्ट्रीट स्मार्ट होना बहुत जरुरी है लेकिन इस सफलता की नींव केवल आपके कार्य क्षेत्र में कॉन्सेप्ट्स और टेक्स्ट बुक के अच्छे-खासे ज्ञान पर ही रखी जा सकती है. इसलिये, आपके लिए अपने जीवन में टेक्स्ट बुक लर्निंग और स्ट्रीट स्मार्ट स्किल्स में अच्छा संतुलन कायम रखना बहुत जरुरी है.
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