कंसंट्रेशन बढ़ाने के लिए पढ़ते समय आप सुन सकते हैं मनपसंद म्यूजिक भी

बहुत से स्टूडेंट्स को अक्सर यह लगता है कि वे स्टडीज़ के दौरान अपना माइंड कंसन्ट्रेट नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे यदि आपको म्यूजिक सुनना पसंद हो तो आप म्यूजिक सुनते हुए भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं. इस आर्टिकल को पढ़कर जानिये कि पढ़ते समय मनपसंद म्यूजिक सुनने से आपको कौन-कौन से फायदे मिलते हैं.....

Created On: Jun 29, 2020 17:37 IST
Listening to music boosts level of concentration while studying
Listening to music boosts level of concentration while studying

मनपसंद म्यूजिक सुनने से बढ़ जाता है कंसंट्रेशन

बहुत बार जब स्टूडेंट्स अपनी एग्जाम प्रिपरेशन करने के लिए स्टडीज़ शुरू करते हैं तो जल्दी ही उनका माइंड अपनी स्टडीज़ में कंसन्ट्रेट नहीं कर पाता है. ऐसे में अगर आप एक ऐसे स्टूडेंट हैं जिसे गीत-संगीत सहित हरेक किस्म के म्यूजिक में गहरी दिलचस्पी है तो आप यकीनन पढ़ते समय अपना मनपसंद म्यूजिक सुन सकते हैं. ऐसा करने पर आपका कंसंट्रेशन लेवल काफी बढ़ सकता है. जी हां! अब तो कुछ साइंटिफिक रिसर्चेस भी यह बात साबित कर चुके हैं कि मनपसंद म्यूजिक सुनने पर हमारा स्ट्रेस लेवल कम होता है और हम सुकून महसूस करते हैं जिससे हमारा कंसंट्रेशन लेवल बढ़ जाता है और हम अपनी एग्जाम स्टडीज़ के लिए खूब अच्छी तैयारी कर सकते हैं.

अब, सवाल यह उठता है कि क्या यह म्यूजिक उन स्टूडेंट्स का ध्यान पढ़ाई से नहीं भटकाता है? आख़िरकार, म्यूजिक भी तो एक अलग प्रकार का शोर ही है और आप एक ही समय पर दो अलग-अलग चीजों पर कैसे फोकस कर सकते हैं? इस तरह आप अपनी पढ़ाई में कंसन्ट्रेट नहीं कर पाते हैं. लेकिन बहुत से स्टूडेंट्स का इस संबंध में अलग ही ख्याल है. अधिकांश स्टूडेंट्स का यह तर्क है कि धीमा म्यूजिक सुनने से उन्हें अपनी पढ़ाई में बेहतर तरीके से फोकस करने में मदद मिलती है. कुछ स्टूडेंट्स ने तो यह भी कहा है कि पढ़ते समय कोई भी म्यूजिक न सुनने पर उनका मन अपनी पढ़ाई में बिलकुल नहीं लगता है.

हमारी कंसन्ट्रेट करने की क्षमता पर म्यूजिक के प्रभाव को समझने के लिए पूरे विश्व में रिसर्चर्स ने कई अध्ययन किए हैं. इन अध्ययनों से कई रिसर्चर्स ने ये परिणाम प्राप्त किए हैं कि पढ़ने से पहले या पढ़ते वक्त या फिर, कोई भी ऐसा काम करते समय म्यूजिक सुनना फायदेमंद होता है जिसके लिये उच्च एकाग्रता या हाई कंसंट्रेशन की आवश्यकता होती है क्योंकि म्यूजिक सुनने से हमारे फोकस करने की क्षमता और याददाश्त में सुधार होता है.

हालांकि, म्यूजिक सुनने के विभिन्न लोगों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ते हैं. जबकि कुछ लोगों के लिए म्यूजिक सुनना फायदेमंद होता है, लेकिन बहुत से अन्य लोगों को लगता है कि म्यूजिक सुनने से वे अपने काम या पढ़ाई में पूरी तरह फोकस नहीं कर पाते हैं. इसके अलावा, इस बात पर ध्यान देना काफी महत्वपूर्ण है कि विभिन्न तरह के म्यूजिक का हमारी कंसंट्रेशन और फोकस करने की क्षमताओं पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है. उदाहरण के लिए, इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक सुनना हमारी एकाग्रता को बढ़ा देता है लेकिन,  गीत के साथ म्यूजिक सुनने से हमारा ध्यान अक्सर भटक जाता है. अधिकांश लोग जो यह सोचते हैं कि म्यूजिक सुनना हमारी कंसंट्रेशन करने की क्षमता और याददाश्त को बढ़ा देता है, उन्होंने इसे 'मोजार्ट इफ़ेक्ट' कहा है.

'मोजार्ट इफ़ेक्ट' 

कुछ वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च किया जिसमें उन्होंने कुछ स्थान संबंधी रीजनिंग क्वेश्चन्स हल करने से पहले स्टूडेंट्स को मोजार्ट पियानो सोनाटा ट्यून सुनवाई. इस रिसर्च के रिजल्ट्स बताते हैं कि मोजार्ट पियानो सोनाटा ट्यून सुनने के बाद स्टूडेंट्स ने बेहतर प्रदर्शन किया था. लेकिन, इस रिसर्च के कुछ और रिजल्ट्स भी सामने आये जैसेकि मोजार्ट इफ़ेक्ट केवल 10 से 15 मिनट की कम अवधि के लिए ही प्रभावी रहा. इस संबंध में अन्य रिसर्चिस के रिजल्ट्स अलग थे, इसलिए मोजार्ट इफ़ेक्ट की प्रामाणिकता पर संदेह बना हुआ है.

आप पढ़ते समय सुन सकते हैं मनपसंद म्यूजिक

विभिन्न प्रकार की म्यूजिक शैलियों का पता लगाने से पहले, हमारे लिए यह जानना बहुत जरुरी है कि पढ़ते समय म्यूजिक सुनने से हमें अपनी पढ़ाई में अच्छी तरह कंसन्ट्रेट करने में मदद मिलती है या नहीं ? अधिकांश लोगों के लिए पढ़ते समय इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक सुनना उनकी पहली पसंद होती है. गीतों के बिना म्यूजिक सुनना हमें अपनी पढ़ाई में फोकस करने में काफी मदद देता है क्योंकि इससे दो अलग-अलग चीजों के बीच हमारा ध्यान भटकने की संभावना कम होती है. अगर आपको लगता है कि म्यूजिक सुनने से आप अपनी पढ़ाई पर अच्छी तरह फोकस कर पा रहे हैं तो आप नीचे प्रस्तुत म्यूजिक की कुछ अलग-अलग शैलियों में से अपने लिए कोई बढ़िया और मनपसंद म्यूजिक चुन सकते हैं जैसेकि:

क्लासिकल म्यूजिक

यह म्यूजिक शांतिपूर्ण और लयबद्ध होता है. क्लासिकल म्यूजिक श्रोता या छात्र के लिए एक शांत और स्थिर अध्ययन परिवेश बनाने में सहायक होता है.

टाइम्ड टेम्पोज

एक रोचक अध्ययन से यह पता चला है कि 60 बीट्स-प्रति मिनट पर समाप्त होने वाला म्यूजिक लोगों के मन को स्थिर और शांत करने में मददगार साबित होता है. इस म्यूजिक के प्रभाव से हमारी सोचने की क्षमता और रचनात्मकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है.

इंस्ट्रुमेंटल एम्बिएंट साउंड्स

यह म्यूजिक उन लोगों के लिए एकदम सही म्यूजिक है जो अपने म्यूजिक में आधुनिकता का टच लाना पसंद करते हैं. आधुनिक म्यूजिक के साथ इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक मिलाकर सुनने से बहुत शांति और सुकून मिलता है. इसमें कोई गीत नहीं होता है और बस सुखदायी, शांत म्यूजिक ही होता है. यह उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो किसी तरह का भटकाव नहीं चाहते हैं लेकिन कुछ बैकग्राउंड म्यूजिक भी जरुर सुनना चाहते हैं.

नेचुरल साउंड्स

ऐसे व्यक्ति जो क्लासिकल म्यूजिक नहीं सुनना चाहते हैं, उनके लिए यह म्यूजिक सुनना एकदम सही है क्योंकि यह म्यूजिक, क्लासिकल म्यूजिक की तरह ही शांत और सुखदायी होता है. हालांकि, यह म्यूजिक लिसनर्स के अवचेतन दिमाग को भी प्रभावित करता है और उन लोगों को प्राकृतिक परिवेश जैसेकि पक्षियों के गीत, समुद्र तट पर लहरों के टकराने की आवाज या झरनों का प्राकृतिक संगीत सुनने का अनुभव होता है. इस म्यूजिक का प्रयोग मेडिटेशन सेशन्स में भी किया जाता है जिससे व्यक्ति के तनाव को कम करने में मदद मिलती है. लेकिन म्यूजिक की इस शैली को चुनते समय सावधान रहें और यह सुनिश्चित कर लें कि आप इस म्यूजिक को सुनते समय सोयेंगे नहीं.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

अन्य महत्त्वपूर्ण लिंक

उपयोगी स्टडी टिप्स: कॉलेज स्टूडेंट्स अपनी दिलचस्पी के मुताबिक पढ़ते समय सुनें म्यूजिक

स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज लाइफ के दौरान जरुरी हैं ये रोचक अनुभव

जानिये कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए माइंड कंसन्ट्रेशन के प्रभावी टिप्स

क्या वास्तव में म्यूजिक सुनने से बढ़ता है कंसंट्रेशन ?

हमारे देश में इन दिनों अधिकांश कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एग्जाम्स शुरू होने वाले हैं. इन दिनोंछात्र कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हमारे आसपास हमेशा शोर होता रहता है. इस शोर से अपना ध्यान हटाने की कोशिश में अधिकांश छात्र अपने हेडफोन अपने कानों में लगाकर अपनी पसंद का म्यूजिक सुनने लगते हैं.

अब, सवाल यह उठता है कि क्या यह म्यूजिक उन छात्रों का ध्यान पढ़ाई से नहीं भटकाता है? आख़िरकार, म्यूजिक भी तो एक अलग प्रकार का शोर ही है और आप एक ही समय पर दो अलग-अलग चीजों पर कैसे फोकस कर सकते हैं? इस तरह आप अपनी पढ़ाई में कंसन्ट्रेट नहीं कर पाते हैं. लेकिन बहुत से छात्रों का इस संबंध में अलग ही ख्याल है. अधिकांश छात्रों का यह तर्क है कि धीमा म्यूजिक सुनने से उन्हें अपनी पढ़ाई में बेहतर तरीके से फोकस करने में मदद मिलती है. कुछ छात्रों ने तो यह भी कहा है कि पढ़ते समय कोई भी म्यूजिक न सुनने पर उनका मन अपनी पढ़ाई में बिलकुल नहीं लगता है.

हमारी कंसन्ट्रेट करने की क्षमता पर म्यूजिक के प्रभाव को समझने के लिए पूरे विश्व में रिसर्चर्स ने कई अध्ययन किए हैं. इन अध्ययनों से कई रिसर्चर्स ने ये परिणाम प्राप्त किए हैं कि पढ़ने से पहले या पढ़ते वक्त या फिर, कोई भी ऐसा काम करते समय म्यूजिक सुनना फायदेमंद होता है जिसके लिये उच्च एकाग्रता या हाई कंसंट्रेशन की आवश्यकता होती है क्योंकि म्यूजिक सुनने से हमारे फोकस करने की क्षमता और याददाश्त में सुधार होता है.

हालांकि, म्यूजिक सुनने के विभिन्न लोगों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ते हैं. जबकि कुछ लोगों के लिए म्यूजिक सुनना फायदेमंद होता है, लेकिन बहुत से अन्य लोगों को लगता है कि म्यूजिक सुनने से वे अपने काम या पढ़ाई में पूरी तरह फोकस नहीं कर पाते हैं. इसके अलावा, इस बात पर ध्यान देना काफी महत्वपूर्ण है कि विभिन्न तरह के म्यूजिक का हमारी कंसंट्रेशन और फोकस करने की क्षमताओं पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है. उदाहरण के लिए, इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक सुनना हमारी एकाग्रता को बढ़ा देता है लेकिन,  गीत के साथ म्यूजिक सुनने से हमारा ध्यान अक्सर भटक जाता है. अधिकांश लोग जो यह सोचते हैं कि म्यूजिक सुनना हमारी कंसंट्रेशन करने की क्षमता और याददाश्त को बढ़ा देता है, उन्होंने इसे 'मोजार्ट इफ़ेक्ट' कहा है.

क्या है यह 'मोजार्ट इफ़ेक्ट' ?

कुछ वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च किया जिसमें उन्होंने कुछ स्थान संबंधी रीजनिंग क्वेश्चन्स हल करने से पहले छात्रों को मोजार्ट पियानो सोनाटा ट्यून सुनवाई. इस रिसर्च के रिजल्ट्स बताते हैं कि मोजार्ट पियानो सोनाटा ट्यून सुनने के बाद छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया था. लेकिन, इस रिसर्च के कुछ और रिजल्ट्स भी सामने आये जैसेकि मोजार्ट इफ़ेक्ट केवल 10 से 15 मिनट की कम अवधि के लिए ही प्रभावी रहा. इस संबंध में अन्य रिसर्चिस के रिजल्ट्स अलग थे, इसलिए मोजार्ट इफ़ेक्ट की प्रामाणिकता पर संदेह बना हुआ है.

पढ़ते समय हमें किस तरह का म्यूजिक सुनना चाहिए ?

विभिन्न प्रकार की म्यूजिक शैलियों का पता लगाने से पहले, हमारे लिए यह जानना बहुत जरुरी है कि पढ़ते समय म्यूजिक सुनने से हमें अपनी पढ़ाई में अच्छी तरह कंसन्ट्रेट करने में मदद मिलती है या नहीं ? अधिकांश लोगों के लिए पढ़ते समय इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक सुनना उनकी पहली पसंद होती है. गीतों के बिना म्यूजिक सुनना हमें अपनी पढ़ाई में फोकस करने में काफी मदद देता है क्योंकि इससे दो अलग-अलग चीजों के बीच हमारा ध्यान भटकने की संभावना कम होती है. अगर आपको लगता है कि म्यूजिक सुनने से आप अपनी पढ़ाई पर अच्छी तरह फोकस कर पा रहे हैं तो आप नीचे प्रस्तुत म्यूजिक की कुछ अलग-अलग शैलियों में से अपने लिए कोई बढ़िया म्यूजिक चुन सकते हैं.

क्लासिकल म्यूजिक

यह म्यूजिक शांतिपूर्ण और लयबद्ध होता है. क्लासिकल म्यूजिक श्रोता या छात्र के लिए एक शांत और स्थिर अध्ययन परिवेश बनाने में सहायक होता है.

टाइम्ड टेम्पोज एक रोचक अध्ययन से यह पता चला है कि 60 बीट्स-प्रति मिनट पर समाप्त होने वाला म्यूजिक लोगों के मन को स्थिर और शांत करने में मददगार साबित होता है. इस म्यूजिक के प्रभाव से हमारी सोचने की क्षमता और रचनात्मकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है.

इंस्ट्रुमेंटल एम्बिएंट साउंड्स

यह म्यूजिक उन लोगों के लिए एकदम सही म्यूजिक है जो अपने म्यूजिक में आधुनिकता का टच लाना पसंद करते हैं. आधुनिक म्यूजिक के साथ इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक मिलाकर सुनने से बहुत शांति और सुकून मिलता है. इसमें कोई गीत नहीं होता है और बस सुखदायी, शांत म्यूजिक ही होता है. यह उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो किसी तरह का भटकाव नहीं चाहते हैं लेकिन कुछ बैकग्राउंड म्यूजिक भी जरुर सुनना चाहते हैं.

नेचुरल साउंड्स

ऐसे व्यक्ति जो क्लासिकल म्यूजिक नहीं सुनना चाहते हैं, उनके लिए यह म्यूजिक सुनना एकदम सही है क्योंकि यह म्यूजिक, क्लासिकल म्यूजिक की तरह ही शांत और सुखदायी होता है. हालांकि, यह म्यूजिक लिसनर्स के अवचेतन दिमाग को भी प्रभावित करता है और उन लोगों को प्राकृतिक परिवेश जैसेकि पक्षियों के गीत, समुद्र तट पर लहरों के टकराने की आवाज या झरनों का प्राकृतिक संगीत सुनने का अनुभव होता है. इस म्यूजिक का प्रयोग मेडिटेशन सेशन्स में भी किया जाता है जिससे व्यक्ति के तनाव को कम करने में मदद मिलती है. लेकिन म्यूजिक की इस शैली को चुनते समय सावधान रहें और यह सुनिश्चित कर लें कि आप इस म्यूजिक को सुनते समय सोयेंगे नहीं.

सारांश

आशा है कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि आपके लिए पढ़ते समय अपनी कंसंट्रेशन बढ़ाने के लिए म्यूजिक सुनना फायदेमंद है या नहीं ? ... अगर म्यूजिक सुनने से आप बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई में फोकस कर सकते हैं तो फिर आपको किस प्रकार का म्यूजिक पढ़ते समय सुनना चाहिए ? ऐसे और अधिक आर्टिकल पढ़ने के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें

Comment ()

Related Categories

Post Comment

2 + 9 =
Post

Comments