जानें लोअर डिविजन क्लर्क बनने के लिए क्या है योग्यता, चयन प्रक्रिया, सैलरी और कहां मिलेगी नौकरी?
लोअर डिविजन क्लर्क का पद केंद्र और राज्य सरकार के लगभग सभी मंत्रालयों एवं विभागों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं ग्रामीण बैंकों, आदि में होता है.
लोअर डिविजन क्लर्क का पद केंद्र और राज्य सरकार के लगभग सभी मंत्रालयों एवं विभागों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं ग्रामीण बैंकों, आदि में होता है. लोअर डिविजन क्लर्क का पद संबंधित विभाग की रिक्ति के अनुसार प्रथम तृतीय श्रेणी के कर्मचारी के रूप में होता है. लोअर डिविजन क्लर्क का कार्य होता है कि वह संबंधित विभाग या कंपनी के वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा निर्देशित कार्यों को करते हुए ऑफिस के क्लेरिकल कार्यों को पूरा करने में मदद करे. लोअर डिविजन क्लर्क के दायित्वों में कंप्यूटर टाइपिंग, फाइलों का रख-रखाव, कार्यालय प्रबंधन में सहायता, डाटा इंट्री, रिकॉर्ड आदि को मांग के अनुसार प्रस्तुत करना, आदि शामिल होते हैं.
लोअर डिविजन क्लर्क की भूमिका किसी भी विभाग, संगठन या संस्थान के ऑफिस ऑपरेशंस के संचालन के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण होती है. इसलिए लोअर डिविजन क्लर्क बनने के लिए आवश्यक स्किल्स में से जरूरी है कि आपको क्लेरिकल कार्यों एवं दायित्वों का पूरी जानकारी हो, कंप्यूटर पर टाइपिंग में एक्सपर्ट होना चाहिए, कंप्यूटर पर कार्य करने में पारंगत होना चाहिए.
लोअर डिविजन क्लर्क के लिए कितनी होनी चाहिए योग्यता?
लोअर डिविजन क्लर्क बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को किसी भी विषय में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए. इसके साथ ही, उम्मीदवार को कंप्यूटर अप्लीकेशन में कम से कम छह माह का सर्टिफिकेट या डिप्लोमा प्रोग्राम उत्तीर्ण होना चाहिए. इसके साथ ही, कंप्यूटर पर अंग्रेजी एवं हिंदी में टाइपिंग में निपुण होना चाहिए. संबंधित प्रोफाइल पर पूर्व कार्य अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाती है.
लोअर डिविजन क्लर्क के लिए कितनी है आयु सीमा?
लोअर डिविजन क्लर्क बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 27 वर्ष के बीच हो. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष तक होती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.
लोअर डिविजन क्लर्क के लिए चयन प्रक्रिया
लोअर डिविजन क्लर्क के पद पर उम्मीदवारों का चयन आमतौर पर शैक्षणिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाता है. हालांकि, यदि संविदा के आधार पर नियुक्ति की जानी है तो संबंधित संस्थान उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग शैक्षणिक रिकॉर्ड और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर ही कर सकता है.
कितनी मिलती है लोअर डिविजन क्लर्क को सैलरी?
लोअर डिविजन क्लर्क के पद पर छठें वेतन आयोग के पे-बैंड 1 के अनुरूप रु.5200 - रु.20200 + ग्रेड पे 1900 के अनुसार सैलरी दी जाती है. यदि लोअर डिविजन क्लर्क के पद पर संविदा के आधार पर भर्ती की जाती है तो आमतौर पर रु. 15000-20000 प्रति माह तक वेतन दिया जाता है. वहीं, राज्य सरकारों के विभागों एवं संस्थानों में वेतनमान संबंधित राज्य के समकक्ष स्तर पर निर्धारित वेतनमान के अनुसार दिया जाता है जो कि राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है.
लोअर डिविजन क्लर्क की कहां मिलेगी सरकारी नौकरी?
लोअर डिविजन क्लर्क का पद केंद्र और राज्य सरकार के लगभग सभी मंत्रालयों एवं विभागों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं ग्रामीण बैंकों, आदि में होने के कारण इस पद के लिए रिक्तियां समय-समय पर इन्हीं संस्थानों में समय-समय पर निकलती रहती हैं. इन सभी रिक्तियों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित होने वाले रोजगार समाचार, दैनिक समाचार पत्रों एवं सरकारी नौकरी की जानकारी देने वाले पोर्टल्स या मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपडेट रहा जा सकता है.
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