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IIMs से MBA : आईआईएम कलकत्ता से वन ईयर एमबीए प्रोग्राम

इस वीडियो में प्रोफेसर अमित धिमान आईआईएम कलकत्ता में कराये जाने वाले वन ईयर एमबीए प्रोग्राम के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी जैसे पात्रता, चयन प्रक्रिया और पीजीपीईएक्स  प्रोग्राम्स में में एडमिशन लेने के लिए आवश्य स्ट्रेटेजी आदि के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं.

Feb 18, 2019 10:12 IST

भारत के शीर्ष एमबीए कॉलेजों में से एक आईआईएम कलकत्ता अपने प्रमुख पीजीपी प्रोग्राम के अतिरिक्त एक साल का एमबीए प्रोग्राम भी कराता है. इस वीडियो में प्रोफेसर अमित धिमान आईआईएम कलकत्ता में कराये जाने वाले वन ईयर एमबीए प्रोग्राम के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी जैसे पात्रता, चयन प्रक्रिया और पीजीपीईएक्स  प्रोग्राम्स में में एडमिशन लेने के लिए आवश्य स्ट्रेटेजी आदि के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने आईआईएम कलकत्ता से वन ईयर एमबीए प्रोग्राम को पूरा करने के बाद करियर में मिलने वाले अवसरों के विषय में भी प्रकाश डाला है.

इन्टरव्यू का सारांश  

पीजीपीईएक्स – वन ईयर एमबीए प्रोग्राम : एक सूक्ष्म अवलोकन

आईआईएम कलकत्ता का वन ईयर एमबीए प्रोग्राम पीजीपीईएक्स एक फुल टाइम रेजिडेंशियल प्रोग्राम है.इस प्रोग्राम को 5 साल के प्रोफेशनल एक्सपीरियेंस के बाद एक्जिक्यूटिव्स कर सकते है. यह प्रोग्राम मिड-करियर प्रोफेशनल्स को अपने स्किल सेट में और अधिक वृद्धि करने के लिए एक आइडियल मंच प्रदान करता है. इससे वे आपने आप को सीनियर मैनेजमेंट लेवल के पोस्ट के लिए प्रोफेशनली तैयार कर पाते है.

वन ईयर एमबीए प्रोग्राम –एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

आईआईएम कलकत्ता का वन ईयर एमबीए प्रोग्राम मुख्य रूप से उन प्रतिभागियों के लिए है जो एक निश्चित समय तक किसी इंडस्ट्री में काम किये हों.ऐसे छात्र जो औसतन 9 साल से काम कर रहे हों,इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. यूँ तो इस कोर्स में एडमिशन की आवश्यक योग्यता 5 वर्ष का प्रोफेशनल एक्सपीरिएंस है लेकिन यह इंस्टीट्यूट 14 – 15 वर्ष के या कभी कभी इससे अधिक एक्सपीरिएंस वाले उम्मीदवारों को भी एडमिशन देते हैं.

आईआईएम  कलकत्ता ने पीजीपीईएक्स या वन ईयरएमबीए प्रोग्राम में छात्रों के चयन के लिए निम्नलिखित एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया निर्धारित किए हैं :

वर्क एक्सपीरियेंस : इस प्रोग्राम में शामिल होने से पहले उम्मीदवार के पास न्यूनतम 5 साल का वर्क एक्सपीरियेंस होना चाहिए.

परीक्षा / स्क्रीनिंग टेस्ट: उम्मीदवार को जीमैट (ग्रेजुएट मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट) को 800 में से 680+ के न्यूनतम

जीमैट स्कोर के साथ इसे क्लियर करना होता है. इंस्टीट्यूट जीमैट स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को आगे की चयन प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए पुनः स्क्रीन टेस्ट लेता है और यह आम तौर पर इन्टरव्यू के रूप में होता है.

पर्सनल इन्टरव्यू राउंड

उम्मीदवारों को उनके जीमैट स्कोर के आधार पर पर्सनल इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है. पीजीपीईएक्स प्रोग्राम में चयन के लिए इन्टरव्यू इस इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र जो फिलवक्त इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स हैं तथा फैकल्टी मेम्बर्स द्वारा आयोजित किया जाता है. उम्मीदवारों का पर्सनल राउंड ज्यादातर स्टेटमेंट ऑफ परपस पर आधारित होता है तथा यह पीजीपीईएक्स प्रोग्राम के अप्लिकेशन फॉर्म का अभिन्न हिस्सा होता है. इन्टरव्यू पैनालिस्ट अप्लिकेशन में दिए गए सूचनाओं के आधार पर ही प्रश्न पूछते हैं.इन्टरव्यू पैनलिस्ट  आम तौर पर एसओपी में दी गई जानकारी के आधार पर ही इन्टरव्यू में प्रश्न पूछते हैं.

स्टेटमेंट ऑफ परपज का उद्देश्य

स्टेट ऑफ परपज में छात्रों के परपज आदि से जुड़े सवालों का जिक्र होता है. जैसे आप एमबीए क्यों करना चाहते हैं ? आप एमबीए के बाद क्या करना चाहते हैं ? इसलिए उम्मीदवारों को अप्लिकेशन भरते समय बहुत सोच समझकर स्पष्टता के साथ इन सभी प्रश्नों का उत्तर भरना चाहिए ताकि इन्टरव्यू राउंड में वे उनका सही और सटीक उत्तर दे सकें. उनके जवाब में कथनी और करनी में सामंजस्य दिखनी चाहिए तथा उनके जवाब व्यवहारिक रूप से करियर पथ पर लागू भी होने चाहिए. उदाहरण के लिए केवल यह उल्लेख करने के बजाय कि आप इंजीनियरिंग फील्ड से हैं और एमबीए करना चाहते हैं, आपको यह लिखना चाहिए कि किस तरह इंजीनियरिंग से जुड़े आपके पूर्व के अनुभव इस फील्ड में भी सहयोगी होंगे तथा किस प्रकार उनकी मदद से आप इस स्ट्रीम में भी अच्छा करते हुए करिअर में अपने उद्देश्यों को हासिल कर सकते हैं. ?

इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार अपने जीवन के अन्य पहलुओं का भी उल्लेख कर सकते हैं जो उनके व्यक्तित्व की एक झलक प्रस्तुत करते हैं. जैसे -अपने शौक तथा अन्य गतिविधियाँ. पीजीपीईएक्स के लिए चयन प्रक्रिया बहुत कॉम्पिटीटिव है. इसलिए पैनालिस्ट, उम्मीदवारों में अन्य उम्मीदवारों के वनिस्पत उनके पर्सनालिटी ट्रेट्स के आधार पर कुछ एक्स्ट्रा गुण तलाशते हैं. उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे केवल अपने उन्ही शौक या असाधारण गतिविधियों का उल्लेख करें जिनको वे वास्तव में करते हैं.

पैनलिस्ट  आमतौर पर ऐसे उम्मीदवारों की तलाश करते हैं जिन्होंने कुछ स्तर की विशेषज्ञता हासिल की है या इन गतिविधियों में कुछ स्तर की उपलब्धि हासिल की है क्योकि यह उनके फॉर्मल वर्क लाइफ से परे उनकी गतिविधियों को दर्शाता है.इसी तरह, पैनलिस्ट आपसे आपके इंडस्ट्री एक्सपीरिएंस के बारे में भी सवाल करेंगे तथा वर्कप्लेस पर आपकी गतिविधयों का आकलन भी करेंगे. इन सभी प्रश्नों के माध्यम से, वे यह जानना चाहते हैं कि क्या वास्तव में आप कही कार्य कर रहे थें और आपके पास अपने कार्य विशेष से जुडी सही जानकारी है या नहीं.

वन ईयर एमबीए प्रोग्राम की तैयारी

आईआईएम कलकत्ता का पीजीपीईएक्स वन ईयर एमबीए प्रोग्राम में एडमिशन के लिए छात्रों के जीमैट स्कोर पर विचार किया जाता है. जीमैट परीक्षा में मुख्य रूप से इस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं -

  • मात्रात्मक अनुभाग ( क्वांटिटेटिव सेक्शन)
  • भाषा अनुभाग (लैंग्वेज सेक्शन )
  • तार्किक अनुभाग (रीजनिंग सेक्शन)
  • तार्किक और डेटा विश्लेषण अनुभाग (लॉजिकल और डेटा एनालिसिस सेक्शन)

जीमैट एग्जाम में कवर किये गए सिलेबस का कठिनाई लेवल बहुत हाई नहीं होता है और छात्र जीमैट देते समय उसकी पूरी तैयारी करते हैं और उसका पर्याप्त ज्ञान उन्हें होता है.इसलिए उम्मीदवारों को पीजीपीईएक्स के एंट्रेंस एग्जाम को क्रैक करने के लिए कुछ भी नया अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होती है. लेकिन इस टेस्ट के लिए नियमित और व्यापक अभ्यास के साथ साथ सभी कॉन्सेप्ट जिसे उम्मीदवार ने प्रारंभिक स्तर पर पढ़ा है ब्रशअप करने की आवश्यकता होती है.

जीमैट परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवारों को नियमित अभ्यास के माध्यम से अपनी गति और सटीकता को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए. जीमैट से उम्मीदवारों को एक फायदा यह है कि यह परीक्षा साल में एक से अधिक बार आयोजित की जाती है. यह उम्मीदवारों को जीमैट के लिए फिर से आवेदन करके अपने स्कोर को बेहतर बनाने का मौका देता है.

पर्सनल राउंड इन्टरव्यू के जिन पहलुओं पर हमने पहले चर्चा की है, उनके अलावा, उम्मीदवार अपने साथी मित्रों के साथ बैठकर या फिर किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट की मदद से कुछ मॉक इन्टरव्यू की प्रैक्टिस करने का विकल्प चुन सकते हैं.

इससे आपको अपने कमजोर पक्षों और अपने मजबूत पक्षों को जानकर उसे ब्रशअप करने में सहूलियत मिलेगी.  लेकिन सामान्य तौर पर  यदि उम्मीदवारों के पास अच्छे एंटीकेडेंट्स हैं और वे खुद के प्रति सच्चे हैं, तो वे आसानी से इस इन्टरव्यू को क्रैक कर सकते हैं.

वन ईयर एमबीए प्रोग्राम के बाद करियर की संभावनाएं

आमतौर पर करियर से जुड़ी मुख्यतः तीन अपेक्षाएं होती हैं जिसे प्रतिभागी वन ईयर एमबीए प्रोग्राम से पूरा कर सकते हैं.

करियर में प्रोमोशन : ऐसे उम्मीदवार जो जॉब करते हैं और उसी जॉब या किसी और जगह पर भी  वर्तमान जॉब से किसी उच्चतर पोस्ट पर जाने की अपेक्षा रखते हैं, वे वन ईयर एमबीए प्रोग्राम के माध्यम से अपनी इच्छा की पूर्ति करने में सक्षम हो सकते हैं.

करियर चेंज – ऐसे उम्मीदवार जो अपना करियर चेंज करना चाहते हैं उनके लिए पीजीपीईएक्स या वन इयर प्रोग्राम एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है.जो उम्मीदवार अपने करियर को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें अपने नियोक्ताओं को यह समझाने में मुश्किल हो सकती है कि वे पूरी तरह से नए इंडस्ट्री में एक सीनियर मैनेजमेंट की भूमिका में शामिल होने के लिए तैयार हैं. हालाँकि, पीजीपीईएक्स प्रोग्राम ऐसे उम्मीदवारों को पूरी तरह से तैयार करता है तथा उन्हें इंडस्ट्री में हर तरह की भूमिकाओं के योग्य बनाता है. इसके लिए उन्हें इस तरह की इंडस्ट्री से जुड़े कई प्रोजेक्ट वर्क कराये जाते हैं तथा इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्रों की मदद से उन्हें व्यापक सहयोग प्रदान किया जाता है एवं करियर ट्रांजिसन प्रोसेस के विषय में पर्याप्त जानकारी प्रदान की जाती है.

इंटरप्रेन्योरशिप – वन ईयर एमबीए प्रोग्राम उन उम्मीदवारों की भी मदद करता है जो अपने जीवन में इंटरप्रेन्योर बनने का सपना देखते हैं.आईआईएम कलकत्ता का संपन्न इनक्यूबेटर और इंटरप्रेन्योरशिप सेंटर उन्हें न केवल स्टार्ट-अप फर्मों के साथ काम करने में मदद करता है, बल्कि उन्हें अन्य इंटरप्रेन्योर से सीखने में भी मदद करता है. यह इस तरह के प्रतिभागियों के लिए एक बहुत बढ़िया बैकग्राउंड तैयार करता है.

एक्सपर्ट के बारे में

प्रोफेसर अमित धिमान आईआईएम कलकत्ता के ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप के फैकल्टी हैं. वर्तमान समय में वे आईआईएम कलकत्ता के वन ईयर एमबीए प्रोग्राम अथवा पीजीपीईएक्स के चेयरपर्सन हैं. वे इस बी स्कूल में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट एंड लेबर लॉज,स्ट्रेटेजिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट इन सर्विस आदि विषय पढ़ाते हैं.

उन्होंने परफॉरमेंस अप्रेजल से जुड़े कॉन्सेप्ट जैसे रोल ऑफ पॉलिटिक्स, स्ट्रेटेजिक एचआरएम, एच आर फ्लेक्सिबिलिटी,एकाउंटेंबिलिटी इन डिसीजन मेकिंग एंड इवोल्विंग चैलेंजेज इन मैनेजमेंट एजुकेशन आदि पर रिसर्च कार्य किये हैं.

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