क्या आपको पता है कि क्यों भारत में सरकारी नौकरियों को लेकर उम्मीदवारों में कभी न समाप्त होने वाली चाहत रहती है? क्यों ज्यादातर स्नातकों का सपना केंद्र सरकार में नौकरी पाने का होता है? कौन सी ऐसी चीज है जो नौकरी की तलाश करने वाले देश के योग्य युवा जनसंख्या को सरकारी नौकरी के लिए पागल बनाती है?
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सरकारी नौकरी निस्संदेह नौकरी की तलाश में लगे सभी लोगों के लिए सर्वोत्तम अवसर है. उम्मीदवारों को ज्यादातर मामलों में विभिन्न परीक्षाओं की पद्धति के बारे में विस्तृत जानकारी होती है लेकिन वेतनमान एवं मिलने वाले भत्ते के बारे में कम ही जानकारी होती है.
सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद से देश के लगभग 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोत्तरी हुई है. मूल वेतन में कुल 23.55% की ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी के साथ, सातवां वेतन आयोग सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए गेम चेंजर बना है.
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे सभी उम्मीदवारों के लिए प्रस्तुत है एक आसान तालिका जिसमें कर्मचारियों को मिलने वाले वेतनमान, भत्ते आदि को दर्शाया गया है.
पे बैंड | बेसिक पे + ग्रेड पे (रु.) | ग्रॉस (रु.) |
1 | 15,000-60,000 + 5000/ 5500/ 6500/ 7500/ 8500 | 18000/ 19900/ 21700/ 25500/ 29200 |
2 | 30,000-1,00,000 + 10000/ 13500/ 15000/ 16500 | 35400/ 44900/ 47600/ 53100 |
3 | 50,000-1,50,000 + 16500/ 20000/ 23000/ | 56100/ 67700/ 78800 |
4 | 1,00,000-2,00,000 + 26000/ 27500/ 30000 | 118500/ 131100/ 144200 |
नोट: उपरोक्त सभी आकड़े विश्वसनीय स्रोतों से एकत्रित हैं. फिऱ उम्मीदवारों को सलाह है कि वे संबंधित स्रोतों से जांच लें.
केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी का विवरण
केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में कई प्रकार के भत्ते एवं लाभ शामिल होते हैं. उनके टेक-होम-पे में मूल वेतन, महंगाई भत्ता, आवास किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, मनोरंजन भत्ता, अतिरिक्त समय भत्ता एवं चिकित्सा भरपाई शामिल होते हैं.
ये भत्ते कर्मचारियों को उनकी जरूरतों जैसे मकान किराया, यात्रा, छुट्टी यात्रा, महंगाई भत्ता, फोन भत्ता, आदि के लिए दिया जाता है.
वेतन आयोग की भूमिका?
वेतन आयोग का गठन भारत सरकार द्वारा किया गया है और यह आजादी के बाद से सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन की हर 10 वर्ष में एक बार समीक्षा करता है. वेतन आयोग केंद्रीय सरकार के सिविल एवं मिलिट्री विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतमान के बारे में अपनी सिफारिशें देता है. अब तक कुल 7 वेतन आयोग का गठन किया गया है.
सातवें वेतन आयोग का गठन 04 फरवरी 2014 को किया गया था. जस्टिस ए.के. माथुर इसके अध्यक्ष थे एवं विवेक राय, डॉ. राठिन रॉय एवं मीना अग्रवाल इसके सदस्य थे.
सातवें वेतन आयोग ने आयोग ने अपनी सिफारिशें 29 जून 2016 को दीं थीं.
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