नए अकादमिक वर्ष में अगली कक्षा में ले रहे हैं प्रवेश, तो ज़रूर अपनाएं ये ख़ास टिप्स

जैसा की हम सभी को पता है कि UP Board कक्षा 9वीं से 12वीं का पूरा सिलेबस अब NCERT बेस्ड हो गया है. जिस कारण अब नए सत्र से पाठ्क्रम में काफी बदलाव आयें हैं. इन नए बदलाव के साथ नए सत्र की तैयारी के कुछ खास टिप्स हैं जो हम इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे हैं.

Apr 19, 2019 10:20 IST
Things to do before joining new academic year
Things to do before joining new academic year

UP Board बोर्ड के कक्षा 10वीं तथा 12वीं के एग्जाम ख़तम हो चुकें हैं और अब एक ऐसा समय है जब अधिकतर छात्र स्कूल और स्कूल की किताबों से एक महीने दूर होते हैं. एग्जाम के समय का पूरा व्यस्त दिनचर्या, एग्जाम की तैयारी को लेकर टेंशन, लेट नाईट स्टडी, ट्यूशन क्लासेज इन सब से दूर वेकेशन को पूरी मस्ती के साथ बच्चों को अब एन्जॉय करना है लेकिन उसके साथ-साथ नए सेशन की तैयारी भी करनी है.

जैसा की हम सभी को पता है कि UP Board कक्षा 9वीं से 12वीं का पूरा सिलेबस अब NCERT बेस्ड हो गया है. जिस कारण अब नए सत्र से पाठ्क्रम में काफी बदलाव आयें हैं. जिनसे छात्रों को कई लाभ होने वाले हैं. कक्षा 9वीं तथा 10वीं का सिलेबस अब अलग-अलग कर दिया गया है अर्थात साथ ही साथ कक्षा 11वीं तथा 12वीं में भी जहाँ छात्रों को सभी विषय के दो पेपर की तैयारी करनी पड़ती थी वहाँ अब एक भी पेपर की तैयारी करनी होगी. इन नए बदलाव के साथ नए सत्र की तैयारी के कुछ खास टिप्स हैं जो हम इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे हैं.

आज इस लेख में हम आपको यह बतायेंगे कि नए सेशन की अच्छी तरह तैयारी कैसे करनी चाहिए ताकि आप इस अकादमिक वर्ष में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और अच्छे से अच्छे अंक प्राप्त कर सकें .

सबसे पहले पिछले क्लास में पढ़े टॉपिक्स को ठीक तरह से दोहरा लें:

जैसा की हम सभी जानते हैं कि जो भी हमने पिछले क्लास में पढ़ा है उसी टॉपिक से जुड़े टॉपिक्स नए सेशन में भी होते हैं बस फर्क इतना होता है कि इस बार टॉपिक और विस्तृत रूप में होते हैं. तो कोशिश करें की नए सेशन की शुरुवात से पहले पिछले सेशन के टॉपिक्स को एक बार दोहरा लें, क्यूंकि पुरे एक महीने की छुट्टियों में जब हम किताबों और पढ़ाई से दूर होते हैं तो हमारा दिमाग पूर्ण रूप से पढ़ी हुई चीजों को भी भूलने लगता है. जिस कारण पढ़ी हुई चीज़ भी ठीक से याद नहीं होती और नए सेशन में उससे जुड़े टॉपिक को समझने में कठिनाई होने लगती है, इसलिए हमेशा नए सेशन की शुरुवात से पहले पुराने सेशन के टॉपिक्स पर एक नज़र डाल लें.

revise previous year topic

उदाहरण के तौर पर : 'तत्वों का वर्गीकरण ' विज्ञान विषय जिसे UP Board कक्षा 10 में अपने मूल स्तर पर प्रस्तुत किया गया है, उसी की गणना के लिए परिभाषाएं और सरल विवरण के साथ, फिर से UP Board कक्षा 12 यूनिट 5 में देखा गया है जहां यह कैमिस्ट्री पाठ्यक्रम का एक हिस्सा है.

कोर्स गाइड से अच्छी तरह परिचित हो जाएँ:

नए सेशन की शुरुआत से पहले सभी विषयों के कोर्से गाइड अच्छी तरह समझ लें, जिन्हें आप नए सेशन में पढ़ने वाले हैं. यह आपको पूरी जानकारी देगी नए सेशन के सब्जेक्ट्स को समझने में,  बुक्स और सब्जेक्ट से जुड़े रेफ़रेंस बुक की कहाँ आवश्यकता होगी यह भी आपको कुछ हद तक पता चल जायेगा. जिससे आपको पूर्ण रूप से यह पता होगा की आपको कब किस बुक की आवश्यकता है और इसके आधार पर आप समय पर उन सभी को व्यवस्थित कर सकेंगे. इसके लिए आप ऑनलाइन उपलब्ध स्टडी मटेरियल तलाश कर सकते हैं. साथ ही साथ, कोर्स गाइड के माध्यम से विषयों की पूरी रूप रेखा आपको आसानी से पता होगी जिसे आपको नए सेशन में पढ़ना है. कोशिश करें की नए सेशन में स्कूल जाने से पहले कुछ शुरुवात के चेप्टर्स को पढ़ लें ताकि जब क्लास में टीचर उन चैप्टर्स को पढाना शुरू करें तो आपको उस चेप्टर से जुड़ी जानकारी हो जो आपके टीचर के सामने भी एक अच्छी इमेज बनाती है.

 

Go through the cource guide

ई-लर्निंग का अनुसरण करें :

अपने पढ़ाई के तरीके को या अपने स्किल्स को और तेज़ करने के लिए, आपको कुछ ऐसे श्रोतों के साथ जुड़ने की आवश्यक है जो आपके पढ़ने के तरीके को और अच्छी बेहतर करे. आज, छात्रों को ई-लर्निंग के रूप में सबसे अच्छा विकल्प मिल रहा है, जिसने शिक्षा क्षेत्र में अत्यधिक लोकप्रियता प्राप्त की है. इसलिए, इस समय नए सेशन की शुरुआत के साथ, आप विभिन्न ई-लर्निंग साईटस से, ऑनलाइन बुक्स, वीडियो और अध्ययन सामग्री को खोज सकते हैं ताकि नए सेशन के शुरू होने से पहले आप अपनी स्किल्स को और अच्छी तरह इम्प्रूव कर सकें. ई-लर्निंग के स्रोत से कोई भी छात्र बड़ी आसानी से अपनी नॉलेज बढ़ा सकता है क्यूंकि कई ऐसे वेबसाइट हैं जहाँ आपको स्टडी-मटेरियल आसानी से प्राप्त हो जाते हैं. यहाँ से आप सभी विषयों के रेफ़रेंस आर्टिकल और नोट्स प्राप्त कर सकते हैं जो आपके आने वाले सत्र में काफी हद तक आपके सभी विषयों को समझने में अहम भूमिका निभाएंगे.

follow e-learning education

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समय प्रबंध का खास ध्यान रखें :

अब आपको समय प्रबंधन पर भी अच्छी पकड़ बनानी होगी और यह एकदम से संभव नहीं, इसके लिए आपको अभी से खुद को रुटीन में रखने की कोशिश करनी चाहिए. दरअसल अभी आपको यह तो पता नहीं होगा कि समय सारणी बनाते समय कौन से विषय को कितना समय देना है, कौन सा विषय अपेक्षाकृत आसान है जिसे कम समय देना है और किसे ज्यादा......

लेकिन आप अपने दिनचर्या को अतिरिक्त गतिविधियों से अलग करने के लिए एक समय सारणी तैयार कर सकते हैं जैसे- खेलना और टीवी देखना ऐसी गतिविधियों के साथ आपके पढ़ाई करने का कितना समय होना चाहिए और कब. अपने दिनचर्या में बनाई गई समय पढ़ाई को इस्तेमाल करने की कोशिश करें. इससे पहले कि आप नए सेशन के लिए नियमित रूप से पढ़ना शुरू करें, यह समय सारणी आपको नए सेशन को नियमित दिनचर्या के अनुकूलन करने में मदद करेगी ताकि आप नए सेशन में आसानी से इसके अनुकूल हो पाएं.

time management for students

 

उदाहरण के लिए: अगर आपके स्कूल की छुट्टी का टाइम रोज़ 4 बजे है, तो आपको शाम 4 बजे से रात के खाने के बीच ही समय सरणी बनानी होगी, जिसके दौरान आपको ट्यूशन क्लास, होमवर्क, खेलना, टीवी देखने आदि जैसी सभी आवश्यक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए बनाना होगा. समय सरणी बनाते समय आपको इस बात की भी पुष्टि करनी होगी की आप किस गतिविधि में अधिक या कम समय समर्पित करना चाहते हैं, यह निश्चय पूरा आपका होगा.

इस प्रकार नए सेशन की शुरुआत से पहले एक योजना तैयार करना आपके एग्जाम के प्रदर्शन को और अच्छा कर सकती है. बस ज़रूरत है तो एक जागरूक अध्ययन की और बनाइ गइ योजना को सही तरीके से अपने दिनचर्या में अपनाने की.

शुभकामनाएं !!

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