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परीक्षा के खराब परिणाम से होने वाले तनाव तथा उनके निवारण के लिए ख़ास सुझाव

यहाँ हम आपको कुछ ऐसे सुझाव बताने जा रहे हैं जो आपके एग्जाम के बाद के परिणाम से होने वाले तनाव को कम करने में काफी हद तक सहायक साबित होंगे तथा आपको अगले प्रयास के लिए और दृढ़ निश्चय और प्रभावी बनाएंगें .

Mar 15, 2019 16:11 IST
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How to deal with bad results
How to deal with bad results

चाहे एग्जाम CBSE, UP बोर्ड का हो या कोई प्रतियोगी परीक्षा. छात्र एग्जाम के समय काफी तनाव में होते हैं तथा ऐसी स्तिथि में यदि परिणाम के फलसवरूप छात्र एक या दो विषय में उत्तिर्ण नहीं हो पाते हैं या प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो काफी तनाव में आ जाते हैं.

कई बार ऐसा भी देखा गया है कि छात्र अपनी पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं तथा एग्जाम के बाद परिणाम उनके अपेक्षा के विपरीत हो जाता है जिस कारण वह तनाव में आ जाते हैं और भविष्य में भी इस कारण कई छात्रों की परफॉरमेंस ख़राब हो जाती है.

छात्रों को कभी भी अपने अपेक्षा के विपरीत परिणाम से तनाव में नहीं आना चाहिए. यह तो स्वभाविक है कि आपको चिंता होगी लेकिन उससे आपको सीख लेकर आगे और अच्छा करने के लिए खुद को प्रेरित करना चाहिए.

यहाँ हम आपको कुछ ऐसे सुझाव बताने जा रहे हैं जो आपके एग्जाम के बाद के परिणाम से होने वाले तनाव को कम करने में काफी हद तक सहायक साबित होंगे तथा आपको अगले प्रयास के लिए और दृढ़ निश्चय और प्रभावी बनाएंगें .

1. विफलता के पीछे के कारणों का विश्लेषण करें:

निराशाजनक होने या अपनी विफलता से दुखी होने के बजाय, सबसे महत्वपूर्ण एक छात्र के लिए यह है कि वह विश्लेषनात्मक तरीके से पहले यह जाने की उनके विफलता के पीछे क्या कारण थे तथा उसका निष्कर्ष क्या हो सकता है? एक अच्छे रिजल्ट के लिए आपको और क्या करना चाहिए? कोशिश करें इन सवालों के जवाब जानने का ताकि आपको यह पता चल सके की आगे बेहतर परिणाम के लिए आपको कहाँ और कितनी मेहनत करनी है. जब आप इन बातों के निष्कर्ष तक पहुँच जायेंगे तो आपके लिए अगले एटेम्पट में अच्छे अंक प्राप्त करना कोई मुश्किल काम नहीं होगा. तो अपने एग्जाम के नकारात्मक परिणाम से यह सीखें की आपने कहाँ कमी छोड़ी थी तथा उन गलतियों को सुधार कर आगे बढ़ें.

2. अपना दृष्टिकोण बदलें:

नकारात्मक परिणाम के अनुभव के बाद छात्रों को एक संकल्प लेना ज़रूरी है कि वे अगले चरण में कोई लापरवाही नहीं बरतें ताकि ऐसा मौका दुबारा न आए. इसके लिए, कड़ी मेहनत करें और जितना संभव हो उतना सीखें. अपनी उस कमि पर खास ध्यान दें जो आपने लास्ट एग्जाम में की थी तो अपने विषय की तैयारी के साथ-साथ अपनी कमजोरियों को भी इम्प्रूव करने की कोशिश करें. आपकी पिछले एग्जाम के ख़राब होने का कारण कुछ भी हो सकता है जैसे- एग्जाम में आपका टाइम मैनेजमेंट अच्छा न होना, प्राथमिकता की कमी, गलत कांसेप्ट / प्रश्नों का गलत चयन, एग्जाम के डर में पेपर एटेम्पट करना आदि. तो अब आप अपने एग्जाम में हुई इस प्रकार की गलतियों को सुधार कर अगले एग्जाम में शामिल होने का एक नया दृष्टिकोण विकसित करें.

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3. अपने अगले प्रयास के लिए सकारात्मक रहें:

सकारात्मकता निराशाजनक परिस्तिथि को दूर करती है. तो अपने नकारात्मक विचारों को ख़तम करें. सकारात्मकता आपको व्यापक दृष्टिकोण से आगे बढ़ने में काफी मददगार साबित होगी. बस सोचें कि यह केवल एक बुरा समय था जो भविष्य में दोहराया नहीं आएगा. लेकिन हमेशा याद रखें, सकारात्मक होने का यह मतलब नहीं की आप नकारात्मकता को नज़रंदाज़ करें. सकारात्मक होने से यह तात्पर्य है कि आप अपने नकारात्मक त्रुटियों को सुधार कर पुरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ें.

4. अपनी विफलता के बारे में सोच कर परेशान न हों: Related Video: How NIOS helps students who failed in exams?

आप अपने एग्जाम में विफल हुए हैं तो स्वभाविक है कि आप तनाव में होंगे तथा साथ ही साथ इस विषय में आप किसी से बात करना भी चाहेंगे. आप अपने विफलता के विषय में अपने अभिभावक, मित्र या शिक्षक से चर्चा कर सकते हैं ताकि आपको इसका सही कारण समझ आ सके. लेकिन अपने परीक्षा के नकारात्मक प्रभाव को लेकर इस चिंता में न रहें की मेरी इस गलती के वजह से मैं विफल हुवा. इस तरह की सोच आपको अगले चरण के परीक्षा में भी तनाव में रखेगी. तो यदि आप अपने विफलता के कारण को सोच कर परेशान रहेंगे तो आपका अगला चरण भी तनावपूर्ण होगा. इसलिए अपने विफलता के कारणों को सोचना बंद करें और बस अपनी कमियों को दूर करने पर ध्यान दें.

5. अब परीक्षा के लिए एक अलग रणनीति का पालन करें:

जब आप परीक्षा में विफल हुए थे तो आपको यह स्पष्टता नहीं थी कि आपके विफलता का कारण क्या था किस टॉपिक का कांसेप्ट क्लियर नहीं था. लेकिन अब आपको एक नए तरीके से अपने सभी टॉपिक्स को ठीक से समझना है तथा उसपर प्रैक्टिस कर अच्छी पकड़ भी बनानी है ताकि आपका कांसेप्ट अच्छी तरह क्लियर हो जाए. साथ ही साथ जितने भी टॉपिक्स आपको अच्छे से आते हैं उनको भी दोहराना न भूलें. आपको अच्छी तरह यह सुनिश्चित करना होगा की इस बार तैयारी में आपको सभी चीजों को ध्यान में रख कर आगे बढ़ना है और सफलता प्राप्त करना है.

6. अपना सर्वश्रेष्ठ दें:

सबसे आखरी और ज़रूरी सुझाव यह है कि कई बार छात्र अच्छा प्रदर्शन कक्षा में करते हैं तथा उनकी तैयारी भी अच्छी होती है लेकिन उसके बावजूद उनका पेपर ख़राब जाता है. इसका एक मात्र कारण यह है कि आप एग्जाम के समय तनाव में आ जाते हैं. जिस कारण आपकी अच्छी तैयारी होने के कारण भी आप अच्छा स्कोर नहीं कर पाते हैं. तो पुरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी करें, खुद के तरफ से कोई कमी न छोड़ें तथा तनाव रहित होकर आगे बढ़ें.

निष्कर्ष:

आशा है की हमारे द्वारा बताए सुझाव आपके आपके एग्जाम के बाद के परिणाम से होने वाले तनाव को कम करने में काफी हद तक सहायक साबित होंगे तथा आपको अगले प्रयास के लिए और दृढ़ निश्चय और प्रभावी बनाएंगें .

 

शुभकामनायें!!

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