आखिर क्यूँ घबराते हैं विद्यार्थी आने वाले इम्तिहान से? जानें ये 5 मुख्य कारण

यहाँ हम आपको बतायेंगे वे 5 मुख्य कारण जिनकी वजह से विद्यार्थिओं में मन में आने वाले इम्तिहान के लिए दर पैदा होता हैl इन कारणों के कारण विद्यार्थी के प्रदर्शन पे पड़ता है बेहद गहरा प्रभावl अगर इम्तिहान में प्राप्त करने हैं बेहतरीन अंक तो इन कारणों से खुद को रखें दूरl

Created On: Aug 1, 2017 17:17 IST
Modified On: Aug 2, 2017 09:39 IST

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कोई ज़रूरी इम्तिहान आते ही हमारे हाथ-पाँव फूलने लगते हैंl चिंता की लकीरें हमारे चेहरे पर साफ़ नज़र आने लगती हैंl घबराहट से हमारे पेट में अजीब सी गड़बड़ होनी शुरू हो जाती हैl कुछ खाने का भी मन नहीं होताl लेकिन ये बात समझने वाली है कि आखिर क्यूँ एक इम्तिहान के कारण हमारी शारिरिक व मानसिक स्थिति में इतना बड़ा बदलाव आता हैl आखिर क्या उस खौफ़ का कारण जो इम्तिहान का नाम सुनते ही हमारे दिलो दिमाग पे छा जाता है?

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आज इस लेख के द्वारा हम आपको ऐसे कुछ कारणों से परिचित करवाएंगे जिनकी वजह से एग्जाम या इम्तिहान आपको एक हौव्वा लगने लगता है और इसी की वजह से एग्जाम में आपके प्रदर्शन पे भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता हैl

इम्तिहान को हौव्वा बनाने वाले 5 मुख्य कारण कुछ इस प्रकार हैं:

1. इम्तिहान के लिए की गयी तैयारी में कमी होना

reasons of eaxm fear

अधिक्तर दर हमें इसी एक वजह से लगता हैl जब हमने इम्तिहान के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की होती तब हमें अक्सर लगता है कि जो विषय हम नहीं पढ़ पाए या जिनपे हमारी पकड़ अच्छी नहीं है उन्ही में से इम्तिहान में प्रश्न पूछे जायेंगेl

दुसरा इम्तिहान का डर उन विद्यार्थिओं को ख़ास सताता है जो कभी भी कक्षा में सचेत होकर नहीं बैठते या जिन्हें कक्षा में पढ़ाया समझ नहीं आताl इन बातों के दो ही कारण हो सकते हैं: एक यह कि विद्यार्थी में समझ की कमी है और दूसरा यह कि अध्यापक के पढ़ाने का तरीका उतना कारगर नहीं है जिससे बच्चों का ध्यान उनकी शिक्षा की तरफ़ एकाग्रित किया जा सकेl

2. इम्तिहान के प्रति दूसरों के विचारों से प्रभावित होना

मनोविज्ञानियों के द्वारा हर इन्सान अपने आस पास के लोगों के कथनों या विचारों से सबसे अधिक प्रभावित होता हैl अक्सर हमारे अन्दर यह चेतना बनी रहती है कि हम आने वाले इम्तिहान के बारे में उन लोगों से पता लगायें जिन्होंने पहले वह इम्तिहान दिया होl और ज़्यादातर ऐसा होता है कि सामने से जो जवाब हमें सुनने को मिलता है वो ज़्यादा सकारात्मक नहीं होता या जैसा हम सुनना चाहते हैं वैसा जवाब हमें नहीं मिलताl इससे हमारे दिमाग में इम्तिहान के लिए खौफ़ और बढ़ जाता हैl हम यह सोचे बिना कि जिसने हमें इम्तिहान के बारे में अपना तजुर्बा बताया है, वो सच बोल भी रहा है या नहीं, इम्तिहान के कठिन होने का अंदाज़ा लगाकर भयभीत होकर रह जाते हैंl

हमारे सीनियर्स (seniors) हमें कुछ ऐसा बताते हैं कि ‘इस एग्जाम में तो पास होना मुश्किल ही है’ या ‘तुम कितनी भी मेहनत करलो, इस पेपर में supply (compartment) तो आती ही है’ जिसे सुनकर हमें अपनी असफ़लता सामने नज़र आने लगती हैl लेकिन यह भी तो सोचने वाली बात है कि जिस इम्तिहान में कोई एक फ़ैल हुआ है उसी इम्तिहान में कोई दूसरा बशानदार अंक प्राप्त करते हुए उत्तीर्ण भी तो रहा हैl तो हम क्यूँ negative side में ही खुद को रखके देखते हैंl

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3. इम्तिहान के लिए तर्कहीन व ग़लत विचार मन में लाना

Fear of Examination, Why Students Fear Exam

ज़्यादातर विद्यार्थिओं का दिमाग में इम्तिहान का नाम सुनते ही तर्कहीन व ग़लत विचारों के दबाव के घेरे में आ जाता हैl “अगर मैं इस इम्तिहान में फेल हो गया तो मम्मी-पापा तो मुझे मार ही देंगे” या “अगर मैं इस इम्तिहान में फेल हो गया तो सब ख़तम हो जायेगा, मेरा करियर बर्बाद हो जायेगा”, ये विद्यार्थिओं के मन में आने वाले कुछ ऐसे विचार हैं जिनकी वजह से इम्तिहान के लिए उनके दिल और दिमाग में अत्यंत भय भर जाता है और वे panic हो जाते हैंl

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4. माँ-बाप की उम्मीदों का दबाव

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दबाव एक ऐसा तत्व है जिसकी वजह से इम्तिहान से लगने वाला दर दुगुना हो जाता हैl हर बच्चे के माता-पिता को अपने बच्चे से कुछ ख़ास उमीदें होती हैं लेकिन अगर ये उम्मीदें बच्चे की क्षमता से भी ऊपर चली जाएँ तो ये दबाव के रूप में बदल जाती हैंl और यह दबाव बच्चे के मन में खौफ़ बन कर बैठ जाता हैl यह कुछ-कुछ तर्कहीन विचारों के जैसा ही है क्यूँकि ये भी विद्यार्थी पे पड़ने वाले दबाव से ही प्रभावित होते हैंl

5. परीक्षा में असफ़ल होने का डर

fear of failure, fear of exam

यह एक और बड़ा व महत्वपूर्ण कारण है विद्यार्थिओं के मन में परीक्षा के प्रति खौफ़ पैदा करने के पीछेl परीक्षा में पास अंक या मनचाहा स्कोर नहीं पा सकने के विचारों से ही छात्रों के मन में एग्जाम देने से पहले ही अत्यंत भय पैदा हो जाता हैl यह एक ऐसी चीज़ है जो हर वक्त उनके दिमाग में चलती रहती है जिसकी वजह से उनकी पढ़ने की क्षमता भी काफ़ी हद तक प्रभावित होती है जिसके फलस्वरूप इम्तिहान के लिए की जाने वाली तैयारी पर भी असर पड़ता है और विद्यार्थी के अन्दर का डर और गहराता जाता हैl

इम्तिहान हमारे जीवन में आने वाला एक महत्वपूर्ण चरण होता है जिसको हमें मेहनत करते हुए सहजता व हिम्मत से पार करना होता हैl डर कर दिए गये किसी भी इम्तिहान में आप सफ़लता हासिल नहीं कर सकतेl इसके लिए आपको डर पैदा करने वाले सभी तत्वों को नज़रंदाज़ करते हुए निर्भय होकर परीक्षा के लिए तैयारी करनी होगी तभी आप मनचाहे अंक हासिल करते हुए परीक्षा उत्तीर्ण कर पाएंगेl

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