आठ राज्यों (गुजरात, तेलंगाना, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश) के 21 मंडी बाजारों को 13 अप्रैल 2016 को एनएएम ई-मार्केट प्लेटफार्म के पायलट लांच परियोजना से जोड़ने हेतु चुना गया है
राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के बारे में-
- भारत सरकार ने 01 जुलाई 2015 को राष्ट्रीय कृषि बाजार (एनएएम) योजना को मंजूरी दी.
- योजना का उद्देश्य व्यापक और आवश्यक कृषि बाजार सुधार करना है.
- किसानों के उत्पादों की अच्छी कीमतें दिलाना भी योजना का उद्देश्य है.
- यह योजना 200 करोड़ रुपए के बजट के साथ मंजूर की गई और इसका लक्ष्य मार्च, 2018 तक कॉमन ई-मार्केट प्लेटफॉर्म से 585 नियामित बाजारों को जोड़ना है.
- कृषि बाजार सुधार राष्ट्रीय कृषि बाजार एनएएम से अभिन्न रूप से जुड़ा है.
- इसलिए पूरे राज्य में वैध एकल लाइसेंस, एक ही स्थान पर बाजार शुल्क लगाने तथा मूल्य अन्वेषण के लिए इलेक्टॉनिक नीलामी के प्रावधान के संदर्भ में राज्य एपीएमसी अधिनियम में सुधार को पूर्व शर्त बनाया गया है.
- एपीएमसी अधिनियम में सुधार के बाद ही राज्य एनएएम परियोजना का लाभले सकेंगे.
- 12 राज्यों की 365 मंडियों से भी इस योजना से जुड़ने हेतु विस्तृत प्रस्ताव प्राप्त हुए है.
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