Global Innovation Index: ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2021 रैंकिंग में भारत की स्थिति में सुधार आया है. स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल तैयार करने और नवाचार को बढ़ावा देने में भारत लगातार सुधार कर रहा है. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की तरफ से 20 सितंबर 2021 को जारी वैश्विक नवाचार सूचकांक (जीआईआई) में भारत ने दो पायदान की छलांग लगाई. भारत 2021 में 46वें स्थान पर पहुंच गया है.
भारत लगातार अपनी स्थिति में सुधार कर रहा है. संगठन के अनुसार, भारत की रैंकिंग 2015 के बाद से ही तेज रफ्तार से बढ़ रही है. साल 2015 में जहां भारत का जीआईआई 81 था, वहीं 2021 में यह 46वें पायदान पर पहुंच गया है. यह सुधार स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल बनाने सरकारी व निजी संगठनों की तरफ से शोध पर जोर दिए जाने से आया है.
उद्देश्य
संगठन का दावा है कि इस रिपोर्ट से विश्वभर के देशों की सरकारों को अपने यहां नवाचार बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसका मूल उद्देश्य नए विचारों और तकनीकों को सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों एवं बदलावों में शामिल करना है. जीआईआई की रिपोर्ट को सरकारें अपनी नीतियों को सुधारने का जरिया मानती हैं, जो मौजूदा स्थिति में बदलाव करने में मदद करता है.
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2021 रैंकिंग में शीर्ष 10 देश
स्थान | देश का नाम |
1 | स्विट्ज़रलैंड |
2 | स्वीडन |
3 | अमेरिका |
4 | यूनाइटेड किंगडम |
5 | कोरिया गणराज्य |
6 | नीदरलैंड |
7 | फिनलैंड |
8 | सिंगापुर |
9 | डेनमार्क |
10 | जर्मनी |
इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका
विश्व बौद्धिक संपदा संगठन ने कहा कि यह रैंकिंग सरकारी एवं निजी शोध संस्थानों द्वारा शानदार काम और बेहतर स्टार्टअप इकोसिस्टम का प्रमाण है. परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बायोटेक्नोलाजी विभाग एवं अंतरिक्ष विभाग जैसे वैज्ञानिक विभागों ने भारत के नेशनल इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है.
पालिसी टूल की भूमिका निभाई
डब्ल्यूआइपीओ ने कहा कि यह इंडेक्स विश्वभर की सरकारों के लिए अपने यहां सामाजिक एवं आर्थिक बदलावों को समझने का आधार बना है. पिछले कुछ सालों में इस इंडेक्स ने सरकारों के लिए पालिसी टूल की भूमिका निभाई है.
भारतीय उद्योग परिसंघ: एक नजर में
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) भी एक नवाचार संचालित अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत की यात्रा के पथ प्रदर्शक के रूप में आगे बढ़ रहा है. इस वर्ष, नीति आयोग, सीआईआई और विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के साथ साझेदारी में, 21-22 सितंबर, 2021 के दौरान वर्चुअल माध्यम से वैश्विक नवाचार कॉन्क्लेव की मेजबानी कर रहा है.
वैश्विक नवाचार सूचकांक: एक नजर में
वैश्विक नवाचार सूचकांक की शुरुआत वर्ष 2007 में ऐसे तरीकों को खोजने के उद्देश्य से हुई थी, जो समाज में नवाचार की समृद्धि को बेहतर ढंग से समझाने में समर्थ हों.
वैश्विक नवाचार सूचकांक का प्रकाशन प्रत्येक वर्ष कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, इन्सीड बिज़नेस स्कूल और संयुक्त राष्ट्र के विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा किया जाता है.
इस सूचकांक के अंतर्गत विश्व के तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नवाचार क्षमता और परिणामों के आधार पर रैंकिंग दी जाती है.
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