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हर तीसरा पीड़ित बच्चा मानव तस्करी का शिकारः संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट

यूएन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार यूरोप के कई हिस्सों में भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों के तस्करी पीड़ितों का पता चला है. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि मानव तस्करी अब "भयावह रूप" ले चुका है.

Jan 9, 2019 14:23 IST
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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में मानव तस्करी भयानक रूप ले चुकी है और इससे पीड़ित तकरीबन हर तीसरा शख्स बच्चा है.

यूएन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार यूरोप के कई हिस्सों में भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों के तस्करी पीड़ितों का पता चला है. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि मानव तस्करी अब "भयावह रूप" ले चुका है.

 

रिपोर्ट से संबंधित मुख्य तथ्य:

   बतौर रिपोर्ट, पश्चिम और दक्षिण यूरोप में पीड़ितों की तस्करी बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान समेत कई दक्षिण एशियाई देशों से हुई और दुनियाभर के करीब 40 देशों में दक्षिण एशियाई तस्करी पीड़ितों का पता चला है.

   रिपोर्ट के अनुसार, तस्करी के शिकार हुये लोगों में अब 30 फीसदी बच्चे शामिल हैं, जिनमें लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या कहीं अधिक होती है.

   रिपोर्ट में कहा गया की इन पीड़ितों को बांग्लादेश, भारत, और पाकिस्तान समेत अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों से तस्करी कर लाया गया है, जिनमें नेपाल और श्रीलंका से कुछ हद तक लाये गये लोग भी शामिल हैं.

   रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्डिक देशों, नीदरलैंड और ब्रिटेन में भी अफगानिस्तान से तस्करी कर लाये गये कई पीड़ितों का पता लगाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों से ही ज्यादातर लोगों को तस्करी कर दुनिया के बाकी हिस्सों में ले जाया जाता है.

दुनियाभर में नशीली दवाओं और अपराध की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएन ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) की 'ग्लोबल रिपोर्ट ऑन ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स 2018' 142 देशों से ली गई जानकारी पर आधारित है, जिसमें तस्करी के तौर तरीकों की जांच-पड़ताल की गई है.

यूएन ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी)

•   यूएनओडीसी की स्‍थापना वर्ष 1997 में संयुक्‍त राष्‍ट्र मादक पदार्थ नियंत्रण कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय अपराध रोकथाम केन्‍द्र को मिलाकर संयुक्‍त राष्‍ट्र सुधारों के तहत‍ की गई थी.

   इस कार्यालय का अधिकार क्षेत्र संयुक्‍त राष्‍ट्र समझौतों में निहित है, जैसे व्‍यक्तियों की तस्‍करी के बारे में, थल, जल और वायु के रास्‍ते प्रवासियों की तस्‍करी के बारे में तथा अपराधों की रोकथाम तथा दंड न्‍याय संबंधी संयुक्‍त राष्‍ट्र मानकों एवं नियमों में निहित है.

   इन समझौतों की मदद से यूएनओडीसी, सदस्‍य देशों को अवैध मादक पदार्थों, अपराध एवं आतंकवाद के मुद्दों का समाधान देने में मदद करता है.

 

संयुक्त राष्ट्र के बारे में:

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शांति के लिए कार्यरत है. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई.

वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में 193 देश है, विश्व के लगभग सारे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त देश हैं. इस संस्था की संरचन में आम सभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक व सामाजिक परिषद, सचिवालय और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय सम्मिलित है.

 

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