प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जुलाई 2017 को गुजरात में बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया. बाढ़ के गंभीर हालत के दृष्टिगत उन्होंने बचाव कार्य हेतु 500 करोड़ रुपये की आर्तुक सहायता की घोषणा की. हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रूपानी तथा उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल भी थे.
इस विभीषिका में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को उन्होंने दो लाख रुपये व घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की. प्रदेश में बाढ़ के कारण 83 लोगों की जान चली गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा, साबरकांठा तथा पाटन जिलों का दौरा किया. मोदी के अनुसार क्षति का आकलन तथा अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपाय सुझाने हरतु केंद्रीय शहरी विकास एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय का एक दल राज्य का दौरा करेगा.
बाढ़ के हालात में, सर्वाधिक नुकसान किसानों को होता है. बीमा कंपनियों को किसानों की फसलों व संपत्तियों को हुए नुकसान से तत्काल आकलन तथा दावों के निपटान हेतु तत्काल कदम के उठाने के निर्देश जारी किए जाएंगे.
बीते 36 घंटों के दौरान गुजरात में निरंतर बारिश के कारण उत्तरी गुजरात के बनासकांठा, साबरकांठा तथा पाटन जिलों में बाढ़ आ गई है.
बनासकांठा जिले में गुरुवार शाम तक 46,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.
1,000 लोगों को बचाया गया.
जिले के कुल 472 गांवों में बिजली गुल है, जबकि छह राष्ट्रीय राजमार्गो, 61 अन्य सड़कों तथा 287 पंचायतों की सड़कों पर आवागमन अवरुद्ध है.
मार्ग रेल अवरूध्द -
- उत्तरी गुजरात क्षेत्र से होकर दिल्ली व उत्तर भारत जाने वाली 17 रेलगाड़ियों को रद्द किया गया है.
- दो रेलगाड़ियों को बीच रास्ते में ही रद्द किया गया, जबकि दो रेलगाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है.
- 300 से अधिक बसों के परिचालन को भी रद्द किया गया है.
राहत व बचाव कार्य-
- सेना, भारतीय वायुसेना, पुलिस तथा फायर ब्रिगेड बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को निकालने के काम में लगे
- गुजरात के प्रधान सचिव पंकज कुमार के अनुसार खाने के दो लाख से अधिक पैकेट अन्य जिलों से बनासकांठा भेजे गए हैं.
- राज्य के 203 में से 38 बांध हाई अलर्ट पर हैं.

Comments
All Comments (0)
Join the conversation