केन्या सरकार ने एक कानूनी फैसले के तहत पुरुषों को बहु-विवाह करने की कानूनी छूट 29 अप्रैल 2014 को प्रदान कर दी.
केन्या के राष्ट्रपति ‘उहरू केन्याता’ ने पुरुषों के बहु-विवाह करने की कानूनी छूट संबंधी विधेयक पर हस्ताक्षर किया, जिसके बाद यह नया कानून अस्तित्व में आ गया.
केन्या सरकार के इस कदम की केन्या के महिला अधिकार समूहों ने आलोचना की है.
केन्या के राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान में कहा गया कि, ‘विवाह से जुड़े तमाम नियमों का अध्ययन करने के बाद नया कानून बनाया गया है. विवाह पुरुष और महिला की मर्जी से होता है, भले ही यह एक हो या कई.’
इस विवादित कानून को केन्या की संसद ने मार्च 2014 में पास कर दिया था. प्रारंभिक कानून में पत्नी को वीटो करने का अधिकार दिया गया था. मगर, संसद के पुरुष सदस्यों को यह पसंद नहीं आया और संशोधन के जरिये वीटो का अधिकार हटा दिया गया.
इस कानून की खिलाफत केन्या के 40 चर्च और इसाई संस्थाओं के ताकतवर समूह ‘नेशनल काउंसिल ऑफ चर्च इन केन्या’ ने भी की. केन्या की महिला वकीलों के समूह ‘फीडा केन्या’ ने कहा कि वह इस कानून के खिलाफ अदालत जाएंगी.
विदित हो कि अफ्रीका के कबीलाई इलाकों और मुस्लिम समुदाय में पुरुषों के बहु-विवाह का रिवाज पहले से ही है. लेकिन अफ़्रीकी देश केन्या की सरकार ने इसे पहली बार कानूनी मान्यता प्रदान की.
नोट- केन्या पूर्वी अफ्रीका में स्थित एक देश है. जिसकी वर्तमान जनसंख्या 39802000 है. इस देश की सीमा उत्तर में इथियोपिया, उत्तर-पूर्व में सोमालिया, दक्षिण में तंजानिया, पश्चिम में युगांडा और उत्तर पश्चिम में सूडान से मिलती है. केन्या की राजधानी नैरोबी है.
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