भगत सिंह को ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स हत्याकांड में निर्दोष साबित करने हेतु लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका अप्रैल 2014 के अंतिम सप्ताह में दायर की गई.
यह याचिका पाकिस्तान के ‘भगत सिंह मेमोरियल’ संस्था के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी की ओर से दायर की गई.
पृष्ठभूमि
इम्तियाज राशिद कुरैशी ने इस संबंध में एक याचिका लाहौर के एक स्थानीय अदालत में दाखिल कर वर्ष 1928 में लाहौर के तत्कालीन एसएसपी जॉन पी सांडर्स की हत्या के मामले में भगत सिंह के खिलाफ दर्ज एफआइआर की कॉपी मांगी थी, ताकि महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को निर्दोष साबित किया जा सके.
इस याचिका पर लाहौर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 11 अप्रैल 2014 को पुलिस को इस प्राथमिकी की प्रति कुरैशी को मुहैया कराने का आदेश दिया था, जिसे पुलिस ने उपलब्द कराने से इंकार कर दिया. इसके बाद इम्तियाज राशिद कुरैशी ने भगत सिंह के मामले को फिर से खोलने की मांग करते हुए लाहौर हाई कोर्ट में भी एक याचिका दायर की. लाहौर हाई कोर्ट ने इस सिलसिले में बड़ी पीठ बनाने के लिए मामला पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के पास भेज दिया.
विदित हो कि ब्रिटिश सरकार ने 8 अप्रैल 1929 को लाहौर असेंबली पर बम फेंकने के आरोप में भगत सिंह को संक्षिप्त सुनवाई के बाद 23 मार्च 1931 को 23 वर्ष की उम्र में फांसी की सजा दे दी थी.
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