सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पी सदाशिवम (P Sathasivam) को भारत के सर्वोच्च न्यायालय का प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया. उनके द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के 40वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली जानी है. पी सदाशिवम द्वारा 18 जुलाई 2013 को सेवानिवृत्त हो रहे प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर का स्थान लिया जाना है. अल्तमस कबीर को सितंबर 2012 में इस पद पर नियुक्त किया गया था.सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के रूप में पी सदाशिवम का कार्यकाल 26 अप्रैल 2014 तक निर्धारित है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने न्यायाधीश पी सदाशिवम की नियुक्ति को मंजूरी 29 जून 2013 को दी.
पी सदाशिवम द्वारा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद धारण किए बिना ही सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश का पद ग्रहण किया जाना है. आमतौर पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ही सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति पाते हैं. सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश का पद इस न्यायालय के सबसे वरिष्ठतम न्यायाधीश को मिलता है. आपातकाल के बाद इस तरह की परम्परा कायम की गई. सर्वोच्च न्यायालय ने इस संबंध में निर्णय भी दिए हैं और वरिष्ठता सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति की तिथि से गिनी जाती है.
न्यायाधीश पी सदाशिवम से संबंधित मुख्य तथ्य
• 21 अगस्त 2007 में पी सदाशिवम को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया.
• अप्रैल 2007 में वह स्थानांतरित होकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में नियुक्त किए गए.
• 64 वर्षीय पी सदाशिवम को वर्ष 1996 में मद्रास उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश के रूप में शामिल किया गया था.
• वह भारत के प्रधान न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति पाने वाले तमिलनाडू से ताल्लुक़ रखने वाले पहले न्यायाधीश हैं.
विदित हो कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत भारत के प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रवधान है. भारत के प्रथम प्रधान न्यायाधीश एचजे कानिया (HJ Kania) थे. एचजे कानिया को 26 जनवरी 1950 को भारत का प्रथम न्यायाधीश नियुक्त किया गया और वह इस पद पर 6 नवंबर 1951 तक रहे.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अल्तमस कबीर भारत के प्रधान न्यायाधीश नियुक्त...
न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर भारत के प्रधान न्यायाधीश के पद की शपथ ली...
Comments
All Comments (0)
Join the conversation