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मंत्रिमंडलीय समितियां

मंत्रिमंडल की स्थायी समितियों जिनका पुनर्गठन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है । इन समितियों में, मंत्रिमंडल की समिति (एसीसी, आवास पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीए), आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए), संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति, राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए), और सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) इत्यादि आते हैं। इन समितियों की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। गृह मंत्री और मंत्री के प्रभारी संबंधित मंत्रालय इस समिति के सदस्य होते हैं।
Dec 16, 2015 17:10 IST
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मंत्रिमंडल की स्थायी समितियों जिनका पुनर्गठन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है । इन समितियों में, मंत्रिमंडल की समिति (एसीसी, आवास पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीए), आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए), संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति, राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए), और सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) इत्यादि आते हैं। इन समितियों की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। गृह मंत्री और मंत्री के प्रभारी संबंधित मंत्रालय इस समिति के सदस्य होते हैं।विभिन्न मंत्रिमंडल समितियों की संरचना और कार्य निम्नवत् हैं:

1. मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति

समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। गृह मंत्री और मंत्री के प्रभारी संबंधित मंत्रालय इस समिति के सदस्य होते हैं। समिति के महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:

(i) कैबिनेट सचिवालय, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के संबंध में सभी उच्च स्तर की नियुक्तियों पर निर्णय लेना।

(ii) विभाग या संबंधित मंत्रालय और संघ लोक सेवा आयोग के बीच नियुक्तियों से संबंधित असहमति के सभी मामलों के बारे में फैसला करना।

(iii) केन्द्र सरकार के संयुक्त सचिव या उसके समकक्ष और उनके बराबार भुगतान पाने वाले अधिकारियों के अभ्यावेदन, अपील और स्मारकों के बारे में विचार करना।

2. आवास पर मंत्रिमंडलीय समिति

समिति का गठन विभिन्न मंत्रालयों से कैबिनेट मंत्रियों द्वारा मिलकर होता है और उनमें से एक इसका प्रमुख होता है। समिति के महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:

(i) संसद के सदस्यों को आवंटित सरकारी आवासों के बारे में निर्देशों या नियमों और नियमों और शर्तों को निर्धारित करने के विशेष आवंटन को नियंत्रित करना।

(ii) गैर-पात्र व्यक्तियों और संगठनों की विभिन्न श्रेणियों को सरकारी आवास आवंटित करने के बारे में फैसला करना तथा उनसे लिए जाने वाले किराए की दर का निर्णय लेना।

(iii)  दिल्ली से बाहर कार्यरत मौजूदा केन्द्र सरकार के कार्यालयों के स्थानांतरण और दिल्ली में नए कार्यालयों के स्थान के प्रस्तावों के बारे में विचार करना।

3. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति

प्रधानमंत्री इस समिति के प्रमुख होते हैं। विभिन्न मंत्रालयों के कैबिनेट मंत्री इसके सदस्य होते हैं। इसके महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:

(i) आर्थिक क्षेत्र में सरकारी गतिविधियों का निर्देशन और समन्वय करना।

(ii) देश में आर्थिक रुझानों की समीक्षा करना और सुसंगत तथा एकीकृत नीतिगत ढांचा को विकसित करना।

(iii) छोटे और सीमांत किसानों से संबंधित तथा ग्रामीण विकास से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करना।

(iv) संयुक्त क्षेत्र के उपक्रमों की स्थापना के लिए मंत्रालयों के प्रस्तावों को शामिल कर औद्योगिक लाइसेंसिंग मामलों का निपटारा करना।

(v) विनिवेश से संबंधित मुद्दों पर विचार करना।

समिति को आवंटित अन्य कार्य इस प्रकार हैं:

(i) विश्व व्यापार संगठन से संबंधित मुद्दों पर विचार और फैसला करना है।

(ii) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से संबंधित मुद्दों पर विचार करना।

(iii) सामान्य कीमतों की निगरानी करना, आवश्यक और कृषि वस्तुओं की उपलब्धता और निर्यात का आकलन करना तथा कुशल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए कदम उठाना।

4. राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति

समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है। विभिन्न मंत्रालयों के कैबिनेट मंत्री इसके सदस्य होते हैं। इसके महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:

(i) केन्द्र औऱ राज्य से संबंधित समस्याओं को निपटाने से संबंधित।

(ii) उन आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार करना जिन पर एक व्यापक परिप्रेक्ष्य के साथ न्याय किया जाना है।

(iii) विदेशी मामलों से संबधित उन नीतिगत मामलों का निपटारा जो आंतरिक या बाहरी सुरक्षा से संबंधित नहीं है।

5. संसदीय मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति

यह समिति विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के कैबिनेट मंत्रियों से मिलकर बनती है। केंद्रीय गृह मंत्री समिति के प्रमुख होते हैं। समिति के कार्य इस प्रकार हैं:

(i) संसद में सरकारी कार्य की प्रगति को देखना और इस तरह के कार्य के सुचारू और कुशल संचालन सुरक्षित करने के लिए आवश्यक निर्देश देना।

(ii) गैर सरकारी विधेयक और संसद के समक्ष पेश किये जाने वाले प्रस्तावों पर सरकार के रवैये की जांच और विचार करना।

(iii) अखिल भारतीय नजरिये से राज्य विधानमंडलों द्वारा किए गए कानूनों की समीक्षा करना।

(iv) संसद के सदनों को बुलाने या बंद करने के प्रस्तावों पर विचार करना।

6. सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति

प्रधानमंत्री इस समिति के प्रमुख होते है। वित्त, रक्षा, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री इसके सदस्य होते हैं। समिति के महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:

(i) सुरक्षा से संबंधित सभी मुद्दों पर कार्यवाही करना

(ii) कानून और व्यवस्था, तथा आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों मुद्दों पर कार्यवाही करना

(iii) सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विदेश मामलों के विषय में नीतिगत मामलों पर कार्यवाही करना।

(iv) राष्ट्रीय सुरक्षा पर टकराव के आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों की समीक्षा करना।

(v) राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मानवशक्ति की आवश्यकताओं की समीक्षा करना।

(vi) परमाणु ऊर्जा से संबंधित सभी मामलों पर विचार करना।

7. अवसंरचना पर मंत्रिमंडलीय समिति

समिति के प्रमुख प्रधानमंत्री होते हैं और विभिन्न कैबिनेट मंत्री इसके सदस्य होते हैं। समिति के कार्य इस प्रकार हैं:

(i) तीन सौ करोड़ रुपए से अधिक की लागत के सभी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित प्रस्तावों के संबंध में निर्णय लेना।

(ii) विशिष्ट परियोजनाओं में निजी क्षेत्र के निवेश की सुविधा देने पर विचार करना और मानदंडों के बारे में फैसला करना।

(iii) ढांचागत परियोजनाओं के प्रर्दशन और प्रगति की समीक्षा के लिए वार्षिक मापदंडों और लक्ष्यों का निर्धारण करना।

(iv) विभिन्न कारणों की वजह से परियोजना की अनुमानित लागत में वृद्धि के मामलों पर विचार कर संशोधित लागत का अनुमान तय करना।

मंत्रिमंडलीय समितियों की विशेषताएं

  1. मंत्रिमंडलीय समितियां एक अतिरिक्त संवैधानिक संस्थाए होती हैं जिसका अर्थ यह हुआ कि उनका संविधान में उल्लेख नहीं किया गया है।
  2. प्रधानमंत्री कैबिनेट के चयनित सदस्यों के साथ विभिन्न मंत्रिमंडलीय समितियों का गठन करते हैं और इन समितियों को विशिष्ट कार्यों प्रदान किये जाते हैं। प्रधानमंत्री विभिन्न समितियों की संख्या कम- ज्यादा भी कर सकते हैं और उन्हें सौंपे गये कार्यों को संशोधित भी कर सकते हैं।
  3. यदि प्रधानमंत्री ऐसी किसी भी समिति के सदस्य होते हैं तो वह उस समिति के मुखिया या अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।
  4. समिति में 3 से 8 सदस्य होते हैं। आमतौर पर, केवल कैबिनेट मंत्री ही इन समितियों के सदस्य होते हैं। लेकिन, कभी-कभी गैर कैबिनेट मंत्री भी इनका सदस्य हो सकता है या समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य हो सकता है।
  5. वे मुद्दों को हल करने और मंत्रिमंडल के विचारार्थ लाए जाने वाले प्रस्ताव को तैयार करने और उन्हें सौंपने जैसे मामलों पर निर्णय लेते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल को इस तरह के फैसलों की समीक्षा करने का अधिकार है।