भारत, चीन और पाकिस्तान की वायु सेनाओं की तुलना
भारतीय वायु सेना को आधिकारिक रूप से 85 वर्ष पहले 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश साम्राज्य की सहायक वायु सेना के रूप में स्थापित किया गया था. वर्तमान में इसमें 1 लाख 40 हजार सैनिक काम कर रहें हैं, इस तरह यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना कहलाती है. भारत के पडोसी देश चीन के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी वायुसेना है. इस लेख में हम इन तीनों देशों की वायुसेनाओं की ताकत की तुलना करके यह जानने के प्रयास करेंगे कि कौन देश ज्यादा मजबूत वायुसेना रखता है.
भारतीय वायु सेना को आधिकारिक रूप से 85 वर्ष पहले 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश साम्राज्य की सहायक वायु सेना के रूप में स्थापित किया गया था. वर्तमान में इसमें 1 लाख 40 हजार सैनिक काम कर रहें हैं. इस लिहाज से यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना कहलाती है. भारत के पडोसी देश चीन के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी वायुसेना है जबकि पाकिस्तान के पास दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी वायुसेना है. इस लेख में हम इस तीनों देशों की वायुसेनाओं की ताकत की तुलना करके यह जानने के प्रयास करेंगे कि कौन देश ज्यादा मजबूत वायुसेना रखता है.
भारत की वायुसेना की ताकत इस प्रकार है:
1. भारतीय वायुसेना में करीब 1 लाख 40 हजार सैनिक हैं.
2. भारत के पास 1700 एयरक्राफ्ट हैं.
3. भारतीय वायुसेना में 900 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं.
4. भारत के पास 10 की संख्या में C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट हैं जो कि एक बार में 4200-9000 किमी की दूरी तक 40-70 टन के पेलोड ले जाने में सक्षम है.
5. सबसे अहम् भारत की फ़्रांस के साथ 126 राफेल फाइटर जेट की डील फाइनल हो चुकी है.
भारत के पास मुख्य फाइटर एयरक्राफ्ट इस प्रकार हैं
1. SU-30 MKI: दो सीटों वाला यह फाइटर एयरक्राफ्ट भारत को रूस से मिला है. इसकी विशेषता यह है कि यह माध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है.इसकी अधिकतम गति 2500 किमी की है.
2. मिग-29: दो इंजन वाला तथा एक सीट वाला यह लड़ाकू विमान प्रति घंटा 2445 किमी की रफ्तार से उड़ान भरने के सक्षम है. यह 17 किमी की ऊँचाई तक लड़ाई करने में माहिर है. इसमें 30 मिलीमीटर रेंज की तोप लगी होने के साथ-साथ माध्यम दूरी तक मार करने वाली रडार से संचालित मिसाइल भी लगी हुई है.
3. मिग -27: एक इंजन और एक सीट वाले इस लड़ाकू विमान को रूस से लिया गया है.यह अधिकतम 1700 किमी प्रति घंटा की गति से उड़ान भर सकता है. इसमें 23 मिलीमीटर की सिक्स बेरल वाली तोप लगी होने के साथ 4000 किलोग्राम का भार उठाने की क्षमता भी है.
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4. जगुआर: एंग्लो फ्रांसीसी मूल का यह एक सीट और दो इंजनों वाला दुश्मन के इलाके में भीतर तक मार करने में सक्षम यह विमान 1350 किमी की गति से उडान भर सकता है. इसमें 30 MM की 2 बंदूकें लगी हुई हैं और यह 4750
किलोग्राम तक का अतिरिक्त वजन (बम और ईंधन) ले जाने के सक्षम है.
चीन की वायुसेना की ताकत इस प्रकार है:
1. पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयरफोर्स दुनिया की दूसरी बड़ी वायुसेना है.
2. चीनी वायुसेना “PLAAF” में करीब 3 लाख 30 हजार सैनिक हैं.
3. चीन के पास 2800 मेन स्ट्रीम एयरक्राफ्ट हैं.
4. 1900 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं.
5. चीनी वायुसेना ने 192 आधुनिक लांचर बनाये हैं.
6. चीन के पास S-300 जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है.
पाकिस्तान की वायुसेना की ताकत इस प्रकार है:
1. पाकिस्तान वायुसेना को दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी वायुसेना का दर्जा प्राप्त है.
2. पाकिस्तान वायुसेना में 78000 सैनिक हैं.
3. इसके पास 400 कॉम्बैट और 300 अन्य सपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं.
4. इसके पास मिग 19 और मिग 21-S विमान भी हैं.
5. पाक के पास भारत के बेहतर अगर कोई चीज है तो वह है अमेरिका का दिया हुआ F-16 फाइटर फाल्कन एयरक्राफ्ट.

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ऊपर दिए गए आंकड़ों के आधार पर यह सारांश निकाला जा सकता है कि भारत, चीन और पाकिस्तान की वायुसेनाओं की क्षमता में काफी अंतर है. इन तीनों देशों में चीन का पलड़ा निश्चित रूप से भारी है लेकिन इसका मतलब यह नही कि भारत की वायुसेना कमजोर है. भारत की वायुसेना ने कई बार अपने दम पर भारत को युद्ध में जीत दिलायी है.
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