भारत में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय राहत कोष की स्थापना स्वतंत्रता के समय ही सन 1948 में कर दी गयी थी. इसकी मौजूदगी में भी वर्तमान केंद्र सरकार ने एक और राष्ट्रीय राहत कोष; पीएम केयर फंड की स्थापना कर दी है.
अब लोगों के दिमाग में यह प्रश्न है कि आखिर इन दोनों राहत कोषों में क्या अंतर है? आइये इस लेख में इन दोनों कोषों के बारे में और इनमें अंतर जानते हैं.
प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष के बारे में: (About the Prime Minister National Relief Fund)
प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय राहत कोष की स्थापना भूतपूर्व और स्वर्गीय प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू ने जनवरी 1948 में की थी. इसकी स्थापना का मुख्य उद्येश्य पाकिस्तान के विस्थापितों की सहायता करना था.
वर्तमान में इस योजना के तहत जुटाई गयी जमा राशि का उपयोग भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सूनामी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लोगों के परिवारों को और प्रमुख दुर्घटनाओं और दंगों के पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए किया जाता है.
इसके अलावा इससे किडनी प्रत्यारोपण, हृदय की सर्जरी, एसिड हमले और कैंसर उपचार आदि जैसे चिकित्सा उपचार के खर्चों को आंशिक रूप से जरूरत मंदों को फण्ड दिया जाता है.
इस फंड की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि इसका हर साल ऑडिट किया जाता है. जिससे देश को यह पता लग जाता है कि इसमें कितना दान आया और कितना खर्च हो गया है? नीचे विवरण देखें;
source:https://pmnrf.gov.in
PM Cares फण्ड क्या है? (What is PM cares Fund)
PM Cares फण्ड की स्थापना वर्तमान प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 मार्च 2020 को की गयी है. इसकी स्थापना के पीछे मुख्य उद्येश्य भारत में COVID-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वित्त की व्यवस्था करना है.
PM Cares फण्ड का फुल फॉर्म है;"प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन राहत निधि. या The Prime Minister's Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund.
PM Cares फण्ड की सबसे अधिक आलोचना इस बात को लेकर हो रही थी कि इसका ऑडिट किसी विश्वसनीय संस्था द्वारा नहीं किया जायेगा. लेकिन अब इसके लिए भी ऑडिटर नियुक्त कर दिया गया है.
पीएम केयर फंड और प्रधानमन्त्री राहत कोष में अंतर (Difference between PM Care Fund and Prime Minister National Relief Fund)
तुलना का आधार | PM CARES | PMNRF |
स्थापना का उद्येश्य | कोविड 19 से प्रभावित गरीब लोगों की मदद के लिए | पाकिस्तान से विस्थापित लोगों की सहायता के लिए |
स्थापना की तिथि | 27 मार्च 2020 | जनवरी 1948 |
अध्यक्ष | प्रधानमन्त्री | प्रधानमन्त्री |
सदस्य | गृह मंत्री,वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री, ट्रस्ट के सदस्य हैं जबकि प्रधानमन्त्री, विशेष क्षेत्रों से 3 अन्य प्रसिद्ध हस्तियों को ट्रस्ट के सदस्य के रूप में नामित कर सकता है. | कांग्रेस अध्यक्ष और फिक्की और टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधि |
खर्च का प्रकार | COVID-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए | प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और दंगा पीड़ितों और किडनी प्रत्यारोपण, हृदय की सर्जरी, एसिड हमले और कैंसर उपचार आदि जैसे चिकित्सा उपचार के लिए |
कर छूट | व्यक्ति, संस्था या कंपनी द्वारा दान की गई पूरी राशि टैक्स छूट के दायरे में आएगी. | PMNRF में दान देने वाले सभी योगदान कर्ताओं को धारा 80 (G) के तहत आयकर से छूट दी गई है. |
ऑडिट | 23 मार्च 2020 को आयोजित बैठक के दौरान PM Care फंड के ट्रस्टियों ने 3 साल के लिए पीएम केयर फंड के ऑडिटर के रूप में M/s SARC Associates चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, नई दिल्ली को नियुक्त करने का फैसला किया. यह वही फर्म है, जिसके प्रमुख सुनील कुमार गुप्ता हैं, जो पीएम नेशनल रिलीफ फंड का ऑडिट करते हैं. | इसका ऑडिट सरकार के बाहर एक स्वतंत्र ऑडिटर द्वारा किया जाता है. वर्तमान में, M/s SARC Associates चार्टर्ड एकाउंटेंट्स इसके ऑडिटर हैं. |
वर्तमान बैलेंस | रु.9,677.9 करोड़ (20 मई, 2020), आधिकारिक डेटा नहीं | रु. 3800 करोड़ (दिसम्बर 2019) आधिकारिक डेटा |
ये थे पीएम केयर फंड और प्रधानमन्त्री राहत कोष के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर. उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्दी ही ऑडिट फर्म के माध्यम से पीएम केयर फंड में जमा राशि(Deposit in PM Cares Fund) के बारे में देश को बताकर भ्रम की स्थिति दूर करेगी.
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