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जानिये PM CARES फण्ड RTI के दायरे में क्यों नहीं आता है?

भारत में COVID-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ पीएम केयर फंड की स्थापना 27 मार्च 2020 को एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में की गयी थी. प्रधानमन्त्री कार्यालय ने RTI में यह बताने से मना कर दिया है कि इस फण्ड में कितना रुपया दान में आया है?
Jun 26, 2020 13:46 IST
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PM Cares Fund
PM Cares Fund

"साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थक जायेगा, मिलकर बोझ उठाना"

हिंदी फिल्म के गाने की यह लाइन भारत में कोविड 19 से निपटने के लिए बनाये गये PM Cares फण्ड के लिए बिल्कुल सटीक बैठती है.इस बीमारी से लड़ने के लिए पूरे देश ने सरकार का साथ दिया और बहुत बड़ी मात्रा में चंदा इकठ्ठा किया.

PM Cares फण्ड क्या है? (What is PM cares Fund)

भारत में COVID-19 महामारी जैसी किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ एक समर्पित राष्ट्रीय कोष की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, और प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट की स्थापना 27 मार्च 2020 को की गयी थी. इसका नाम है "प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन राहत निधि"(पीएम केयर फंड). 

अंग्रेजी में इसका फुल फॉर्म है;The Prime Minister's Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund.
इसमें कोई भी व्यक्ति दान दे सकता है और आयकर नियम के अनुसार 100% कर छूट प्राप्त कर सकता है. ध्यान रहे कि देश में पहले से ही प्रधानमन्त्री राहत कोष बना हुआ है जिसकी स्थापना 1948 में की गयी थी.

PM Cares फंड का गठन (Composition of the PM Cares Fund)

1. प्रधानमंत्री पीएम कार्स फंड के पदेन अध्यक्ष हैं. 

2. रक्षा मंत्री, गृहमंत्री और वित्त मंत्री फण्ड के पदेन ट्रस्टी हैं

3. प्रधानमंत्री के पास तीन लोगों को न्यासी बोर्ड का ट्रस्टी नामित करने की शक्ति होगी जो कि अनुसंधान, स्वास्थ्य, विज्ञान, सामाजिक कार्य, कानून, लोक प्रशासन, और परोपकार के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे.

PM Cares फण्ड के उद्येश्य: (Objectives of PM Care Fund):-

1.इस फण्ड का मुख्य उद्येश्य है कि देश में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या मानवीय आपदा आने पर लोगों को आर्थिक और तकनीकी सहायता से साथ आधारभूत संरचना के विकास का काम भी किया जायेगा. यदि जरूरी हुआ तो स्वास्थ्य सेवा या औषधि सुविधाओं का निर्माण उनके बारे में अनुसन्धान और बुनियादी ढाँचे का विकास भी किया जायेगा.

2.यदि बोर्ड के ट्रस्टी आवश्यक समझें तो प्रभावित आबादी को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए, पैसों के भुगतान या अनुदान भी प्रदान किया जा सकता है.
PM Cares फण्ड और सूचना का अधिकार:-
 चूंकि कोविड 19 से लड़ाई में पूरा देश एकजुट हो गया और सरकार ने इस लड़ाई के लिए वित्तीय साधन जुटाने के लिए इस फण्ड की स्थापना की घोषणा की और लोगों ने इस फण्ड में करोड़ों रुपये जमा कर दिए.

लेकिन अब डोनेट करने वाले लोग ही जानना चाहते हैं कि आखिर इस फण्ड में कितना रुपया जमा हुआ है और कितना खर्च हुआ है?

इंडिया स्पेंड डॉटकॉम की वेबसाइट के मुताबिक PM CARES फण्ड में लगभग 9,677.9 करोड़ रुपये सिर्फ 52 दिन के अन्दर जमा हो गए थे. 13 मई, 2020 को, प्रधानमंत्री कार्यालय ने घोषणा की थी कि COVID-19 कार्यों के लिए PM CARES से 3,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जो निधि से व्यय होने वाला पहला खर्चा है. यह 20 मई, 2020 तक एकत्र 9,677.9 करोड़ रुपये का केवल 32% है.

ग्रेटर नोएडा निवासी और पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत तोगड़ ने 21 अप्रैल 2020 को एक सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन में प्रधानमंत्री कार्यालय से कुल 12 बिन्दुओं से जानना चाहा कि आप ये बताएं कि पीएम केयर्स फंड को अब तक कितना करोड़ रुपया दान में मिला है?

केंद्र सरकार, पीएम केयर्स फंड को लेकर इतनी गोपनीयता बरत रही है कि सूचना के अधिकार के अंतर्गत भी इसकी जानकारी देने से माना किया जा रहा है.पीएमओ ने विक्रांत तोगड़ को 6 दिन के अंदर ही जवाब दिया कि उन्होंने आरटीआई के एक ही आवेदन में कई विषयों से संबंधित सवाल पूछे गए हैं,और उन्हें हर विषय के लिए अलग से भुगतान करना चाहिए, इसलिए उन्हें जानकारी नहीं दी जा सकती है. 

इसके अलावा पीएमओ ने यह भी तर्क दिया कि पीएम केयर्स फण्ड आरटीआई एक्ट, 2005 के तहत पब्लिक अथॉरिटी नहीं है इसलिए इसकी जानकारी देना उसके लिए कोई बाध्यता नहीं है.

इस प्रकार ऊपर दिए गए विवरण से यह स्पष्ट है कि सरकार देश को यह नहीं बताना चाहती है कि उसे PM Cares फण्ड के तहत कितना रुपया मिला है? यह सरकार की पूर्व विचारधारा के एकदम उलट है कि हम भ्रष्टचार मुक्त सरकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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