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Dussehra 2024: कब है दशहरा, यहां देखें सही तारीख और इसके अलग-अलग रूप

Last Updated: Oct 7, 2024, 19:55 IST

Dussehra 2024: इस लेख में दशहरा 2024 की सही तारीख दी गई है। साथ ही पूरे भारत में बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाने वाले विजयादशमी के विविध सांस्कृतिक उत्सवों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।

दशहरा 2024
दशहरा 2024

Dussehra 2024:  दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, सबसे महत्त्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। नवरात्रि के नौ दिवसीय त्यौहार के बाद हिंदू माह अश्विन के दसवें दिन मनाया जाने वाला दशहरा पूरे भारत में महान सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व रखता है।

दशहरा, रावण पर भगवान राम की विजय का स्मरण करता है, जो प्राचीन महाकाव्य रामायण का एक प्रमुख प्रसंग है। यह दिन बुराई (अधर्म) पर अच्छाई (धर्म) की जीत का प्रतीक है। यह त्यौहार न केवल इस महाकाव्य विजय का सम्मान करता है, बल्कि इस सार्वभौमिक संदेश को भी पुष्ट करता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में हमेशा धर्म की ही जीत होती है।

Dussehra 2024:  दशहरा 2024 कब है ? विजयादशमी तिथि देखें

दशहरा 2024 शनिवार, 12 अक्टूबर को पड़ रहा है, जो हिंदू कैलेंडर में सबसे महत्त्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। दशहरा हिंदू माह अश्विन (सितंबर-अक्टूबर) के चंद्र पक्ष के दसवें दिन मनाया जाता है, जो नवरात्रि के नौ दिवसीय त्योहार का समापन करता है।

 

 

आयोजन

दिनांक समय

विजयदशमी

शनिवार, 12 अक्टूबर 2024

विजय मुहूर्त

02:03 अपराह्न से 02:49 अपराह्न तक

अवधि

00 घंटे 46 मिनट

दशमी तिथि प्रारम्भ

12 अक्टूबर 2024 को 10:58 पूर्वाह्न

दशमी तिथि समाप्त

13 अक्टूबर 2024 को सुबह 09:08 बजे

स्रोत: द्रिकपंचांग

Dussehra 2024: दशहरा का महत्त्व क्या है?

दशहरा, रावण पर भगवान राम की विजय का स्मरण करता है, जो प्राचीन महाकाव्य रामायण का एक प्रमुख प्रसंग है। लंका के शक्तिशाली राजा रावण ने भगवान राम की पत्नी सीता का अपहरण कर लिया था। उन्हें बचाने के लिए राम ने अपने भाई लक्ष्मण और हनुमान के साथ मिलकर रावण के विरुद्ध भयंकर युद्ध लड़ा। दसवें दिन, राम ने अंततः रावण को पराजित किया, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक था।

यह त्यौहार न केवल राम की वीर विजय का जश्न मनाता है, बल्कि इस सार्वभौमिक सत्य का भी जश्न मनाता है कि चाहे बुराई कितनी भी विकराल क्यों न हो, धर्म की हमेशा जीत होती है।

रामायण के अलावा दशहरा देवी दुर्गा की महिषासुर नामक राक्षस पर विजय से भी जुड़ा हुआ है। यह किंवदंती विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में मनाई जाती है, जहां दुर्गा पूजा का अंतिम दिन दशहरा के साथ मेल खाता है, जिसे बिजॉय दशमी के रूप में जाना जाता है।

Dussehra 2024: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में विजयादशमी कैसे मनाई जाती है ?

12 अक्टूबर, 2024 की तारीख पूरे भारत में महत्त्वपूर्ण है, हालांकि क्षेत्र के अनुसार उत्सव अलग-अलग होते हैं:

-उत्तर भारत (रामलीला और रावण दहन): दिल्ली, वाराणसी और अयोध्या जैसे शहरों में रामायण का प्रसिद्ध मंचन, जिसे रामलीला के रूप में जाना जाता है, दशहरे पर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के बड़े पुतलों के प्रतीकात्मक दहन के साथ समाप्त होता है। यह परंपरा बुराई के अंत और सत्य की विजय का प्रतिनिधित्व करती है।

-पश्चिम बंगाल (दुर्गा पूजा और विजयादशमी): पश्चिम बंगाल में दशहरा, दुर्गा पूजा के अंतिम दिन विजयादशमी के साथ मनाया जाता है। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन (दुर्गा विसर्जन) जीवंत जुलूसों के साथ किया जाता है, जो देवी के अपने स्वर्गीय निवास पर लौटने का प्रतीक है।

-मैसूर (मैसूर दशहरा): कर्नाटक में प्रसिद्ध मैसूर दशहरा समारोह, जो शाही जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है, 12 अक्टूबर 2024 को संपन्न होगा। रोशनी से जगमगाता मैसूर पैलेस और समारोह की भव्यता इसे एक प्रमुख आकर्षण बनाती है।

-गुजरात (नवरात्रि डांडिया): गुजरात में नौ दिवसीय गरबा और डांडिया रास उत्सव का समापन दशहरे के दिन होता है, जिसमें लोग नृत्य, भक्ति और प्रार्थना के माध्यम से जश्न मनाते हैं।

-महाराष्ट्र (शमी पूजा): महाराष्ट्र में दशहरे के दिन शमी के पत्तों (सोने का प्रतीक) का आदान-प्रदान किया जाता है, जो सद्भावना और समृद्धि का प्रतीक है। शमी पूजा परंपरा महाभारत में पांडवों की जीत का सम्मान करती है।

अंत में, जैसा कि हम दशहरा 2024 मनाते हैं, आइए हम त्योहार के शाश्वत संदेश पर विचार करें - बुराई पर अच्छाई की जीत और धार्मिकता पर आधारित जीवन जीने का महत्त्व है यह। यह त्यौहार न केवल समुदायों को उत्सव मनाने के लिए एक साथ लाता है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे मूल्यों को बनाए रखने की याद भी दिलाता है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 7, 2024, 19:53 IST

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