घर बैठे ऐसे डाउनलोड करें PUC सर्टिफिकेट, जानें प्रक्रिया
आप PUC सर्टिफिकेट को पीयूसी की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउलोड कर सकते हैं। इसके बाद इसे डिजिलॉकर या निजी फॉल्डर में भी रख सकते हैं। क्योंकि, कई बार सर्टिफिकेट खो जाता है। ऐसे में आप इसे अपने मोबाइल में सुरक्षित रख सकते हैं।
हाल ही में दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सख्ती बरती गई है। इस कड़ी में अब बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल व डीजल नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस वजह से PUC केंद्रों पर वाहनों की कतार लग गई है। आप इस सर्टिफिकेट को घर बैठे भी डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको पहले अपने वाहन की जांच करवानी होगी।
भारत में कब आया PUC सर्टिफिकेट
भारत में पहला प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत अनिवार्य हुआ था। हालांकि, इसे 1989 के केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के तहत लागू किया गया। इस प्रमाण पत्र से प्रदूषण के मानकों को निर्धारित किया गया और प्रमाणपत्र कानूनी रूप से अनिवार्य हो गया था। 1990 तक वाहनों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जांच शुरू हो गई थी।
इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण केंद्र खोले गए और जांच अनिवार्यता के तहत वाहन भी पहुंचने लगे थे। आज सभी आरटीओ और फ्यूल स्टेशनों पर प्रदूषण जांच की सुविधा उपलब्ध है।
क्या होता है PUC सर्टिफिकेट
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि PUC सर्टिफिकेट क्या होता है। यह एक पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल(PUC) सर्टिफिकेट होता है। इससे यह पता चलता है कि आपका वाहन मानकों के अनुरूप है या नहीं और पर्यावरण को कितना प्रदूषित कर रहा है। यह सर्टिफिकेट परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत उत्सर्जन परीक्षण केंद्रों द्वारा जारी किया जाता है।
इसमें देखा जाता है कि आपका वाहन मानकों के अनुरूप उत्सर्जन कर रहा है या फिर नहीं, जिसके बाद डिजिटल और पेपर सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
क्या सभी वाहनों पर लागू होता है PUC सर्टिफिकेट
PUC सर्टिफिकेट सभी वाहनों पर लागू नहीं होता है। यह केवल उन्हीं वाहनों पर लागू होता है, जो मानकों के अनुरूप धुआं छोड़ती हैं। इसमें भारत स्टेज के तहत अलग-अलग चरणों में वाहनों की श्रेणी तय की गई है। इसमें BS-II, BS-III, BS IV, BS-V और BS-VI श्रेणी के वाहन शामिल हैं। हालांकि, बीएस-6 की श्रेणी सबसे कम प्रदूषण करती है।
घर बैठे कैसे डाउनलोड करें PUC सर्टिफिकेट
-सबसे पहले आपको PUC की आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचना होगा। यहां आपको पीयूसी विकल्प को चुनना है।
-अब आपको अपने वाहन का पंजीकरण नंबर के साथ चेसिस नबंर के आखिरी पांच अंक भरने होंगे। साथ ही, कैप्चा कोड भी भरें।
-अब आपको पीयूसी डिटेल्स पर क्लिक करना है और अगले पेज पर आपका पीयूसी सर्टिफिकेट खुल जाएगा।
-इस सर्टिफिकेट को आप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं या फिर प्रिंट आउट भी ले सकते हैं।
-यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आपकी PUC सर्टिफिकेट की तिथि एक्सपायर हो गई है, तो आपको दोबारा से पीयूसी केंद्र पर पहुंच टेस्टिंग करानी होगी, जिसके बाद दोबारा से PUC सर्टिफिकेट को डाउनलोड किया जा सकता है।
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