राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत कौन-सी है, जानें यहां
पंचायतों को ग्रामीण विकास का आधार माना जाता है। भारत के सभी गावों में हमें ग्राम पंचायत देखने को मिलती है। हालांकि, क्या आप भारत के सबसे बड़े राज्य यानि राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत के बारे में बता सकते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में पंचायतों को विकास का आधार माना जाता है। प्रत्येक राज्य के गावों में हमें विभिन्न पंचायतें देखने को मिलती हैं। देश के सबसे बड़े राज्य की बात करें, तो राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 342,239 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। हालांकि, क्या आप देश के सबसे बड़े राज्य की सबसे बड़ी पंचायत के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत कौन-सी है
राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत की बात करें, तो निमाज सबसे बड़ी पंचायत है। यह राजस्थान के पाली जिले की जैतारण तहसील में स्थित एक प्रसिद्ध ग्राम पंचायत है। स्थानीय लोक मान्यता और भौगोलिक जनसांख्यिकी विस्तार के कारण इसे मारवाड़ क्षेत्र और राजस्थान की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में गिना जाता है।
पंचायत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
निमाज के इतिहास की बात करें, तो यह जोधपुर रियासत के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह राठौड़ वंश की 'उदावत' शाखा के प्रमुख प्रथम श्रेणी ठिकानों में से एक था। मारवाड़ दरबार में निमाज के ठाकुरों को अधिक सम्मान मिलता था। उन्हें 'डबल ताजीम' का विशेषाधिकार हासिल था। युद्ध के समय उदावत राठौड़ सेना के 'हरावल' यानि अगली पंक्ति का नेतृत्व करते थे।
निमाज पैलेस है खास
यहां स्थित शाही निमाज पैलेस राजपूत स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना कहा जाता है। मौजूदा समय में इसके एक बड़े हिस्से को हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है, जो दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
पंचायत का भौगोलिक एवं जनसांख्यिकी विस्तार
साल2011 की जनगणना के अनुसार, केवल निमाज गांव की आबादी 15,000 से अधिक थी और यहां 3,200 से अधिक परिवार का रिकॉर्ड था। आसपास के राजस्व गांवों और ढाणियों को मिलाकर यह राज्य की सबसे बड़ी पंचायतों में अपनी पहचान बनाती है।
पंचायत की रणनीतिक स्थिति
यह पाली जिले के पूर्वी भाग में अजमेर-जोधपुर मार्ग यानि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 के निकट पर स्थित है, जिसके कारण यह व्यापारिक लिहाज से भी एक महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है।
पंचायत क्षेत्र में धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहर
निमाज अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वप्रसिद्ध है। यहां स्थित मगरमंडी माता का मंदिर 9वीं शताब्दी का प्राचीन बौद्ध व प्रतिहार शैली का एक संरक्षित स्मारक है। इसकी बारीक नक्काशी और स्थापत्य कला इतिहासकारों व शोधकर्ताओं को आकर्षित करती है। वहीं, निमाज 19वीं शताब्दी की शुरुआत में बना 'छत्र सागर' बांध जलाशय व इको-टूरिज्म और लक्जरी टेंटेड कैंपिंग के लिए जाना जाता है।
अपनी अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है निमाज
निमाज केवल अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण व्यापार के लिए भी आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य केंद्र है। यहां कपास, सरसों, गेहूं और तिलहन की पैदावार बहुतायत में होती है। इसके अलावा, मिट्टी के बर्तनों व स्थानीय हस्तशिल्प के लिए भी यह जाना जाता है।
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