उत्तर प्रदेश का इकलौता जिला, जहां है 150 करोड़ साल पुराना फॉसिल पार्क

Last Updated: Oct 6, 2026, 13:10 IST

उत्तर प्रदेश को विविधताओं का गढ़ कहा जाता है। यहां अलग-अलग जिलों में आपको अलग-अलग विशेषताएं देखने को मिलेंगी। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी में एक जिला ऐसा भी है, जहां दुनिया का सबसे पुराना जीवाश्म पार्क है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

फॉसिल पार्क
फॉसिल पार्क

उत्तर प्रदेश में आपने अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि कुल 18 मंडलों में आते हैं। इन सभी जिलों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं, जिससे उत्तर प्रदेश बाकी राज्य से एक अलग राज्य बन जाता है। इस कड़ी में यहां इकलौता जिला ऐसा भी है, जहां दुनिया का सबसे पुराना यानि 150 करोड़ साल पहले का जीवाश्म पार्क मौजूद है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

किस जिले में है सबसे पुराना जीवाश्म पार्क

उत्तर प्रदेश के सबसे दक्षिणी जिले यानि कि सोनभद्र में दुनिया का सबसे पुराना जीवाश्म पार्क है। यहां स्थित सल्कन जीवाश्म पार्क (Salkhan Fossils Park) है, जिसे आधिकारिक तौर पर सोनभद्र फॉसिल्स पार्क भी कहा जाता है। पार्क में पाए जाने वाले स्ट्रोमैटोलाइट्स यानि पुराने शैवाल और बैक्टीरिया के जीवाश्म लगभग 150 करोड़ साल पुराने माने जाते हैं।

अमेरिका के येलोस्टोन पार्क से भी है पुराना

वैज्ञानिक अनुसंधानों के अनुसार, यह पार्क अमेरिका के प्रसिद्ध येलोस्टोन नेशनल पार्क के जीवाश्मों से भी काफी पुराना है। इसके वैज्ञानिक महत्त्व की बात करें, तो यह पार्क पृथ्वी पर जीवन की शुरुआती उत्पत्ति के अध्ययन के लिए भूवैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक बेहद महत्त्वपूर्ण स्थल माना जाता है।

कितना बड़ा है फॉसिल पार्क 

यह पार्क सोनभद्र के जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज से लगभग 12-15 किलोमीटर दूर सल्कन गांव के पास राज्य राजमार्ग 5A पर स्थित है। सल्कन पार्क कैंमूर वन्यजीव अभयारण्य (Kaimur Wildlife Sanctuary) से सटा हुआ है और लगभग 62 एकड़ के बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है।

जीवाश्मों की उम्र और प्रकृति

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, यहां पाए जाने वाले जीवाश्म मेसोप्रोटेरोजोइक काल(Mesoproterozoic Era) के हैं। यहां पत्थरों और चट्टानों पर छल्ले व गोल आकृतियों के रूप में दिखने वाले ये जीवाश्म वास्तव में Blue-Green Algaeके होते हैं। इन सभी की उम्र 150 करोड़ साल पुरानी है।

कब हुई थी पार्क की खोज 

इस क्षेत्र में जीवाश्मों की मौजूदगी का पता सबसे पहले साल 1929-1933 में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के वैज्ञानिक जे. बी. ऑडेन ने लगाया था। इसके बाद कई भारतीय व अंतरराष्ट्रीय भूवैज्ञानिकों ने यहां अध्ययन किया। कनाडा के प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक एच. जे. हॉफमैन ने इस पार्क का दौरा कर कहा था कि उन्होंने दुनिया में इतने स्पष्ट और सुंदर जीवाश्म कहीं नहीं देखे।

यूनेस्को की अस्थायी लिस्ट में शामिल 

अपनी अनूठी वैश्विक पहचान के कारण इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थाई सूची यानि Tentative List में भी नामांकित किया गया है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 6, 2026, 13:10 IST

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