RBI Repo Rate Hike: RBI ने कर दिया यह बड़ा बदलाव, महंगा हो सकता है लोन, जानें EMI पर क्या होगा असर
RBI Repo Rate update Hindi: RBI ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। RBI के इस बड़े फैसले का होम लोन, EMI, महंगाई और GDP ग्रोथ पर क्या असर पड़ेगा। चलिए समझते है।
बड़ी खबर! यदि आप भी होम लोन, कार लोन या किसी दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI चुका रहे हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का बुधवार का फैसला आपकी जेब पर असर डाल सकता है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके बाद रेपो रेट 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है। तीन साल से ज्यादा समय बाद RBI ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई MPC बैठक में यह फैसला लिया गया। महंगाई और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति का रुख भी ‘टाइटनिंग’ यानी सख्त किया है।
तीन साल से ज्यादा समय बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी
RBI ने इस बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। अब यह 5.50 प्रतिशत हो गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को MPC के फैसले की जानकारी दी।
केंद्रीय बैंक का यह फैसला ऐसे समय आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी हुई है और महंगाई पर भी नजर बनी हुई है।
CPI महंगाई दर 5.2% रहने का अनुमान
RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए CPI यानी खुदरा महंगाई दर का अनुमान 5.2 प्रतिशत रखा है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक आने वाली तिमाहियों में महंगाई का दबाव बना रह सकता है।
तिमाही आधार पर RBI का अनुमान इस प्रकार है:
-Q2: 4.9 प्रतिशत
-Q3: 6 प्रतिशत
-Q4: 5.7 प्रतिशत
वहीं RBI ने अगले तीन क्वार्टर में हेडलाइन CPI महंगाई औसतन करीब 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान भी जताया है।
Core Inflation का अनुमान 4.4%
RBI गवर्नर ने कहा कि चालू वर्ष के लिए कोर इंफ्लेशन करीब 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
GDP ग्रोथ पर RBI का क्या अनुमान?
महंगाई के साथ-साथ RBI ने आर्थिक विकास को लेकर भी अपना अनुमान सामने रखा है। केंद्रीय बैंक ने Q1 FY28 के लिए GDP ग्रोथ 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
इससे संकेत मिलता है कि RBI एक तरफ महंगाई पर नियंत्रण को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक गतिविधियों और ग्रोथ पर भी नजर बनाए हुए है।
आपकी EMI पर क्या होगा असर?
रेपो रेट बढ़ने का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिनका लोन फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़ा है। बैंक यदि रेपो रेट बढ़ने के बाद अपनी लेंडिंग रेट बढ़ाते हैं, तो नए लोन महंगे हो सकते हैं। वहीं मौजूदा ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि बढ़ सकती है।
हालांकि, EMI में वास्तविक बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि आपका बैंक ब्याज दर में कितनी बढ़ोतरी करता है और आपका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है।
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