कितने सेकेंड में गाना चाहिए राष्ट्र गान, यहां देखें नियम
भारत का राष्ट्रगान जन गण मन है। यह भारत के सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में इसके गायन की भी समयावधि है। यदि कोई व्यक्ति इसके निर्धारित समय से अधिक तक इसे गाता है, तो यह राष्ट्रगान का अपमान होता है। ऐसे में इस लेख में हम राष्ट्रगान से जुड़े कुछ नियम के बारे में जानेंगे।
भारत का राष्ट्रगान जन गण मन है। इसकी रचना मूल रूप से बंगाली में रवींद्र नाथ टैगोर ने की थी। भारत का राष्ट्रगान राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक है, जिसे लेकर सख्त नियम हैं। इसे नियमों के तहत ही गाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति नियमों के विपरित जाकर राष्ट्रगान गाता है, तो यह राष्ट्रगान का अपमान माना जाता है।
इसे लेकर सजा का भी प्रावधान है। राष्ट्रगान के नियमों के तहत इसके गायन की समयावधि भी निर्धारित है। ऐसे में इस लेख में हम राष्ट्रगान से जुड़े कुछ नियमों पर गौर करेंगे।
कब दिया गया राष्ट्रगान का दर्जा
जन गण मन को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा आधिकारिक रूप से राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था।
पहली बार कब और किसने गाया था राष्ट्रगान
राष्ट्र गान को पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को कोलकाता में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था। इसे गाने वाली रविंद्रनाथ टैगोर की भांजी सरला थीं। इसकी धुन को आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में तैयार किया गया था।
कब हुई ती पहली रिकॉर्डिंग
जन गण मन की पहली रिकॉर्डिंग साल 1942 में जर्मनी के हैम्बर्ग में आजाद हिंद फौज द्वारा की गई थी।
कितने सेकेंड्स में गाना चाहिए राष्ट्रगान
नियमों के मुताबिक, राष्ट्रगान को गाने में कुल 52 सेकेंड्स का समय लगता है। इसके संक्षिप्त संस्करण यानि कि पहली और अंतिम पंक्ति को गाने में 20 सेकेंड्स का समय लगता है। आपको बता दें कि बीते दिनों एक क्रिकेट टूर्नामेंट में एक अभिनेता द्वारा राष्ट्रगान को 52 सेकेंड से अधिक समय में गाने पर नोटिस जारी कर दिया गया था।
राष्ट्रगान से जुड़े कुछ सामान्य नियम
-राष्ट्रगान जब गाया अथवा बजाया जा रहा हो, उस समय सावधान की मुद्रा में खड़े रहना चाहिए।
-राष्ट्रगान के प्रत्येक शब्द का सही उच्चारण होना चाहिए।
-जिस समय राष्ट्रगान गाया जा रहा हो, उस समय व्यक्ति को परेशान नहीं करना चाहिए। उस समय अशांति, शोर-गुल अथवा अन्य गानों तथा संगीत की आवाज नही होनी चाहिए।
-शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगान होने के बाद दिन की शुरुआत होनी चाहिए।
राष्ट्रगान के अपमान पर क्या है प्रावधान
Prevention of Insults to National Honor Act, 1971 के तहत भारतीय झंडे और राष्ट्रगान का अपमान करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को तीन साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान को रोकता है या फिर ऐसे समूह को रोकता है, जो राष्ट्रगान गा रहे हैं, तो उस व्यक्ति को तीन साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
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