उत्तर प्रदेश विविधताओं से भरा राज्य है। यह राज्य अपने यहां की सांस्कृतिक विविधता के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। साथ ही, यह राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक रूप से भी यह महत्त्वपूर्ण राज्य है। भारत में कई नदियों का प्रवाह होता है, जो कि राज्य के कृषि क्षेत्र से लेकर विद्युत परियोजनाओं में सहायक हैं।
आपने भी प्रदेश की अलग-अलग नदियों के बारे में पढ़ा या सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश की सबसे छोटी नदी कौन-सी है ? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश का परिचय
सबसे पहले हम उत्तर प्रदेश के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि यह प्रदेश कुल 240,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जो कि पूरे भारत का करीब 7.33 फीसदी हिस्सा है। साथ ही, यह सबसे अधिक जिले वाला राज्य है।
यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। ये मंडल कुल चार संभागों में आते हैं, जो कि इस प्रकार हैं- पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश। प्रदेश में 351 तहसील, 826 सामुदायिक विकास खंड, 75 नगर पंचायत और 17 नगर निगम हैं।
उत्तर प्रदेश की सबसे छोटी नदी
उत्तर प्रदेश की सबसे छोटी नदी की बात करें, तो यह केन नदी है। हालांकि, अब यह समझना बाकी है कि यह किस प्रकार उत्तर प्रदेश की सबसे छोटी नदी है।
कहां से निकलती है केन नदी
केन नदी मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कैमूर पर्वतमालाओं से निकलती है। यहां से निकलने के बाद यह नदी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में प्रवेश करती है।
यमुना से होता है संगम
बांदा जिले में यमुना नदी का प्रवाह होता है। ऐसे में यह नदी यहां पहुंचने के बाद यमुना नदी से मिल जाती है और इस प्रकार यह यमुना की सहायक नदी हुई।
कितने किलोमीटर में है नदी
इस नदी की कुल लंबाई 308 किलोमीटर है, जिसमें यह अपना सफर मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश के बांदा में शुरू करती है और इस जिले में ही समाप्त कर लेती है। ऐसे में यह उत्तर प्रदेश की सबसे छोटी नदी हुई, जो कि सिर्फ एक जिले में ही बहती है।
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