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किसानों को ‘एक देश एक बाजार’ नीति से क्या फायदे होंगे?

Last Updated: Jun 5, 2020, 17:53 IST

 One nation -One Market Scheme: केंद्र सरकार ने पूरे देश के किसानों के लिए एक देश एक बाजार की नीति की घोषणा की है. इसके लागू लागू होने से अब पंजाब के किसान अपनी फसलों को उत्तर प्रदेश में बेच सकेंगे,और  कितनी भी बड़ी मात्रा में अनाज का भण्डारण कर सकेंगे.

One Nation one market
One Nation one market

केंद्र सरकार ने जून 2020 में किसानों की आर्थिक हालत ठीक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन बहुत बड़े कृषि सुधार किये हैं. ये सुधार इस प्रकार हैं 

1. कृषि उत्पादों को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में बेचने की अनुमति.

2. कृषि भण्डारण की सीमा खत्म 

3. कांटेक्ट फार्मिंग करने की अनुमति 

4. अनाज, दाल प्याज, आलू, खाद्य तेल और तिलहन को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाया गया

आइये अब इन सभी सुधारों को विस्तार से जानते हैं;

एक देश एक बाजार से किसानों को होने वाले फायदे  (Benefits of One Nation, One Market Scheme)

1. पूरा देश एक बाजार: अभी तक यह नियम था कि एक प्रदेश का किसान अपनी फसलों को केवल अपने प्रदेश के अंदर ही बेच सकता था भले ही फसल का मूल्य  कम क्यों ना हो.

अब ऐसा हो सकता है कि जिस राज्य में चावल ज्यादा पैदा होता है उस राज्य के किसान उन राज्यों को चावल ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं जहाँ पर चावल पैदा ही नहीं होता है. अर्थात इस कदम से किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलना सुनिश्चित हो सकेगा.
इसके लिए APMC कानून में परिवर्तन किया गया है और अब किसान स्थानीय मंडियों में ही अनाज बेचने के लिए बाध्य नहीं होंगे.

2. कृषि भण्डारण की सीमा ख़त्म:- अभी तक यह नियम था कि किसान एक सीमा से अधिक खाद्यान का भण्डारण नहीं कर सकता था और किसान को अधिक फसल पैदा होने की हालात में अपने खाद्यान्न को सस्ते दामों पर बेचना पड़ता था. 

अब किसान अपने खाद्यान्न की सस्ती कीमत होने पर बेचने को बाध्य नहीं होगा और उसका भण्डारण कर सकेगा और दाम बढ़ने पे बेचने के लिए स्वतंत्र होगा.

3. कांटेक्ट फार्मिंग करने की अनुमति:- वर्तमान में किसानों को सीधे तौर पर थोक विक्रेताओं और बड़े निर्यातकों से कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं थी. लेकिन अब आलू उगाने वाला किसान किसी चिप्स बनाने वाली कंपनी से डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट कर सकेगा कि उसके लिए आलू वह सप्लाई करेगा और अच्छा प्राइस लेगा.

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इससे किसानों को अपनी फसल का अच्छा मूल्य मिलेगा साथ ही एक वस्तु के उत्पादक भी कम होंगे जिससे वस्तुओं के दाम कम गिरेंगे.

4. अनाज, दाल प्याज, आलू, खाद्य तेल और तिलहन आवश्यक वस्तु नहीं:- इसका परिणाम यह होगा कि किसान इन चीजों का अधिक मात्रा में उत्पादन और भण्डारण कर सकेगा और अधिक उत्पादन के समय भी इन्हें बेचने के लिए बाध्य नहीं होगा. साथ ही इन वस्तुओं का भण्डारण करने की छूट भी पायेगा.

अभी ऐसा होता था कि इन वस्तुओं की बाजार में कमी होने पर सरकार इनके भण्डारण की सीमा तय कर देती है और जिनके पास इस सीमा से अधिक आवश्यक वस्तु पायी जाती है उनके ऊपर कालाबाजारी का आरोप लगाया जाता है.

वर्तमान नियम का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि देश में कोल्ड स्टोरेज की बहुत कमी है क्योंकि सरकार कभी भी भण्डारण की सीमा घटा देती है जिसके कारण लोग कोल्ड स्टोरेज बनाते ही नहीं हैं.

पूरे भारत में कोल्ड स्टोरेज की इतनी ज्यादा कमी है कि हर साल सरकार का करोड़ों टन खाद्यान्न खुले में रखा होने के कारण ख़राब हो जाता है.  

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इस प्रकार इस लेख को पढने से यह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार द्वारा शुरू की गयी ‘एक देश-एक बाजार’ स्कीम किसानों की आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बहुत ही अच्छा कदम है. 

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Hemant Singh is an academic writer with 7+ years of experience in research, teaching and content creation for competitive exams. He is a postgraduate in International
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First Published: Jun 5, 2020, 17:53 IST

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