भारत में आखिरी कब हुए थे बैलेट पेपर से आम चुनाव, जानें यहां

Last Updated: Oct 2, 2026, 13:08 IST

भारत में इन दिनों बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग चर्चाओं में बनी हुई है। विपक्षी दल चुनाव की इस प्रक्रिया पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में आखिरी बार बैलेट पेपर से चुनाव किस साल हुए थे, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

बैलेट पेपर
बैलेट पेपर

देशभर में इन दिनों वोट का मुद्दा गर्मा गया है। विपक्षी दल द्वारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग हो रही है। बीते कई वर्षों में भारत में EVM के माध्यम से चुनाव कराए जा रहे हैं, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने विरोध जताया है और वापस से बैलेट पेपर पर लौटने की मांग की है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में आखिरी बार कब चुनाव में बैलेट पेपर का उपयोग हुआ था? 

भारत में आखिरी बार बैलेट पेपर से चुनाव

भारत में राष्ट्रीय यानि लोकसभा स्तर पर बैलेट पेपर यानि कि कागजी मतपत्र का आखिरी प्रयोग 1999 के आम चुनावों में किया गया था। इसके बाद 2004 के 14वें लोकसभा चुनाव से पूरे देश की सभी 543 संसदीय सीटों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को अनिवार्य रूप से लागू करने के साथ बैलेट पेपर सिस्टम को समाप्त कर दिया गया था।

लोक सभा चुनावों में 45 निर्वाचन क्षेत्रों में आखिरी उपयोग 

यह देश का आखिरी आम चुनाव था, जहां अधिकांश संसदीय क्षेत्रों में वोट डालने के लिए पारंपरिक बैलेट बॉक्स और बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया था। इस चुनाव में केवल 45 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रोजेक्ट बेसिस पर EVM का उपयोग किया गया था।

2004 में 10 लाख से अधिक EVM का उपयोग 

2004 के लोकसभा चुनावों में इलेक्शन कमीशन ने देश भर के सभी मतदान केंद्रों पर 10 लाख से अधिक EVM का उपयोग किया था। यह पहली बार था, जब पूरे देश का आम चुनाव बिना बैलेट पेपर के पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया गया था।

भारत में पहली बार कहां हुआ EVM का इस्तेमाल

भारत में पहली बार बैलेट पेपर की जगह EVM का प्रायोगिक इस्तेमाल मई 1982 में केरल की पारवूर विधानसभा सीट के 50 मतदान केंद्रों पर हुआ था। हालांकि, 1998 के बाद से चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर EVM का उपयोग शुरू कर दिया था। साल 2003 तक सभी राज्य विधानसभा चुनावों और उप-चुनावों में बैलेट पेपर को पूरी तरह से हटाकर केवल EVM लागू कर दी गई थी।

अब बैलेट पेपर का सीमित प्रयोग

आम चुनावों और राज्य विधानसभा चुनावों से बैलेट पेपर पूरी तरह खत्म हो चुका है, लेकिन आज भी भारत में कुछ विशेष चुनावों और श्रेणियों में इसका उपयोग किया जाता है:

-चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों, सशस्त्र बलों के जवानों और आवश्यक सेवा कर्मचारियों के लिए डाक मतपत्र का ही इस्तेमाल होता है।

-भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव Proportional Representation System के तहत होता है, जिसमें सांसद और विधायक आज भी बैलेट पेपर पर अपनी प्राथमिकता दर्ज करके वोट डालते हैं।

-संसद के उच्च सदन और राज्यों के विधान परिषद चुनावों में बैलेट पेपर का ही उपयोग किया जाता है।

-राज्य निर्वाचन आयोगों द्वारा कराए जाने वाले ग्राम पंचायत और नगर निकाय चुनावों में कुछ राज्य आज भी बैलेट पेपर का विकल्प चुनते हैं।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 2, 2026, 13:08 IST

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