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Difference: Clock और Watch में क्या होता है अंतर, जानें

Difference: हमारे जीवन में समय का अधिक महत्व है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब हम समय न देखते हो। आप इसके लिए वॉच या क्लॉक का इस्तेमाल करते होंगे, लेकिन क्या आपको इन दोनों के बीच का अंतर पता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इन दोनों के बीच अंतर को समझेंगे।

Difference: Clock और  Watch में क्या होता है अतंर, जानें
Difference: Clock और Watch में क्या होता है अतंर, जानें

Difference:  हर व्यक्ति के जीवन में समय अधिक महत्व रखता है। यही वजह है कि व्यक्ति समय के हिसाब से अपने कामों को बांटकर उन्हें करता है। साथ ही अपना पूरा दिन समय के हिसाब से शेड्यूल करता है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब कोई व्यक्ति समय न देखता हो। इसके लिए वॉच या क्लॉक का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, क्या आपको इन दोनों के बीच अंतर का पता है। यदि नहीं, तो हम इस लेख के माध्यम से आपको इन दोनों के बीच अंतर को बताएंगे। 




सबसे पहले हम क्लॉक के बारे में समझेंगे।

 

क्या होती है क्लॉक

 

क्लॉक शब्द लैटिन शब्द क्लोका से बना है, जिसका अर्थ घंटी था। क्लॉक अलग-अलग तरह के डिजाइन व आकार में आती है। यह घरेलू यहा फिर ऑफिस उपयोग के लिए होती है। आपको यह भी बता दें कि हमारे घरों में लटकी हुई घड़ियां यांत्रिक पानी घड़ी, सौरघड़ी और अन्य घड़ियों को मॉडीफाई कर बनाई गई है। पहले के समय में इस तरह की घड़ियों का इस्तेमाल होता था।  




क्लॉक का इतिहास

 

समय बताने वाली क्लॉक की उत्पत्ति 15 वीं शताब्दी में हुई थी। उस समय 15-16वीं शताब्दी में यह तेजी से बढ़ी थी। वहीं, 1656 के बाद क्रिस्टियान ह्यूजेंस के पेंडुलम घड़ी के आविष्कार ने घड़ी में सटीकता लाकर इसे आगे बढ़ाने का काम किया। समय बताने में इसकी सटीकता होने की वजह से क्लॉक तेजी से बढ़ती चली गई।



क्या होती है वॉच

 

वॉच को कलाई पर बांधा जाता है या फिर जेब में रखा जा सकता है। कुछ वॉच चेन से भी बंधी हुई आती हैं। इस शब्द की बात करें तो यह पुराने अंग्रेजी के शब्द woecce से लिया गया है। इसका मतलब चौकीदार होता है। वहीं, यह भी कहा जाता है कि यह शब्द नाविकों द्वारा 17वीं शताब्दी में बनाया गया था, जिसे वह ड्यूटी शिफ्ट का उपयोग करके करते थे। वर्तमान में ऐसी भी वॉच आ गई हैं, जिन्हें पहनकर आप पानी की गहराई में उतर सकते हैं। कुछ वॉच को स्कूबा डाइविंग के लिए भी तैयार किया जाता है।



वॉच का इतिहास

 

वॉच का इतिहास 17वीं शताब्दी का है। इस सदी में वॉच का निर्माण शुरू हुआ था। इस मैकेनिकल उपकरण को एक घुमावदार स्प्रिंग व एक ऑस्किलेटिंग व्हील के साथ बनाया गया था। यह संतुलन चक्र के साथ समय को बनाए रखती थी। पहले वॉच को जेबों में रखा जाता था। हालांकि, समय के साथ इसमें बदलाव हुआ और यह जेबों से निकलकर हाथों की कलाई तक पहुंच गई। आज डिजीटल स्मार्ट वॉच का जमाना है, जो आपके मोबाइल से कनेक्ट हो जाती है। वहीं, इससे पहले कैलकुलेटर और लाइट वॉच का खूब चलन रहा था। 

 

अब हम इस एक टेबल के माध्यम से इन दोनों के बीच अंतर को समझेंगे। साथ ही यह भी देखेंगे कि इन दोनों के आविष्कार कौन थे और किस देश में यह सबसे पहले आई थी। 

 

वॉच

क्लॉक

समय बताने वाली वॉच कलाई के चारों ओर पहने जाने वाले पट्टे या बैंड से जुड़ी होती है।



यह भी समय मापने के लिए होती है, लेकिन इसे बाहर लेकर नहीं जाया जा सकता है। यह लटकाने के लिए होती है।

15वीं शताब्दी में उत्पत्ति हुई।

13वीं शताब्दी में उत्पत्ति हुई।

यूरोप में पहली बार बनाई गई।

द हेग में पहली बार बनी।

पीटर हेनलिन ने किया था आविष्कार। 

क्रिस्टियान ह्यूजेंस ने किया था आविष्कार।

यह कई प्रकार की होती है, जैसे कलाई वॉच, रिंग वॉच, पेंडेंट वॉच और पॉकेट वॉच। 

यह भी कई प्रकार की होती हैं, जैसे एनालॉग, डिजिटल, वर्ड्स,

प्रोजेक्शन, टैकटाइल, मल्टी-डिस्प्ले और ऑडिबल क्लॉक।



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