Gandhi Jayanti Speech in Hindi for School Students: गांधी जयंती पर भाषण [2024]

Oct 1, 2024, 17:13 IST

Gandhi Jayanti Speech in Hindi: गांधी जी की 155वीं जयंती के अवसर पर, गांधी जयंती पर हिंदी में लंबे और छोटे भाषण यहां देखें। इसके अलावा, गांधी जयंती भाषण देने के लिए हिंदी में महात्मा गांधी पर 10 पंक्तियाँ और gandhi jayanti speech tips देखें।

गांधी जयंती स्पीच हिंदी में: Check Gandhi Jayanti Speech and Lines in Hindi for School Students
गांधी जयंती स्पीच हिंदी में: Check Gandhi Jayanti Speech and Lines in Hindi for School Students

Gandhi Jayanti Speech in Hindi: क्या आप भी गांधी जयंती पर महात्मा गांधी के बारे में एक भाषण लिखने की कोशिश कर रहे हैं? भारत में, हम हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती का आयोजन करते हैं। इस दिन हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाते हैं. गांधी जी ने हमारे देश को स्वतंत्रता प्राप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत के लिए स्वतंत्रता प्राप्त की। बिना हथियारों का सहारा लिए बापू ने  ब्रिटिश साम्राज्य का सामना किया।

गांधी जयंती पर भारत के विभिन्न शिक्षा संस्थान विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे वाद-विवाद, भाषण और निबंध लेखन का आयोजन करते हैं।  इस लेख में, हमने महात्मा गांधी पर 10 पंक्ति का भाषण, गांधी जयंती पर हिंदी में एक छोटा और आसान भाषण प्रदान किए हैं। चलिए, देखते हैं कि छात्र कैसे एक प्रेरणादायक गांधी जयंती हिंदी भाषण प्रस्तुत कर सकते हैं, जो हर किसी को आकर्षित कर सकता है।

गांधी जयंती पर स्पीच कैसे दें? Gandhi Jayanti Speech Tips

  • अपने गांधी जयंती भाषण की शुरुआत अपने दर्शकों को सम्मान के साथ संबोधित करके करें।
  • ज्यादा देर तक/ लंबा न बोलें वरना श्रोता बोर हो जाएंगेें।
  • अपने चेहरे पर हल्की मुस्कान रखना न भूलें।
  • आत्मविश्वास के साथ अच्छी मुद्रा में खड़े रहें।

गांधी जयंती Highlights

नाम

मोहन दास करम चंद गाँधी

उपाधि

राष्ट्रपिता (बापू)

जन्म 

2 अक्टूबर 1869

माता 

पुतली बाई

पिता

करम चंद गाँधी

पत्नी

कस्तूरबा गाँधी

संतान

हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास

मृत्यु

30 जनवरी 1948

शिक्षा

वकालत

प्रसिद्धि

स्वतंत्रता सेनानी

मुख्य आन्दोलन

दक्षिण अफ्रीका आन्दोलन

असहयोग आन्दोलन (non cooperation movement)

स्वराज (नमक सत्याग्रह/ salt march)

भारत छोड़ो आन्दोलन

प्रसिद्ध वाक्य

अहिंसा परमो धर्म

प्रसिद्ध सिधांत

सत्य, अहिंसा, परोपकार

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गांधी जयंती पर 10 लाइन

10 लाइन की महात्मा गांधी भाषण हिंदी में देखें:

Line 1: सुप्रभात, आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षक और मेरे प्यारे दोस्तों। आज हम अपने राष्ट्रपिता बापू महात्मा गांधी की जयंती मनाते हैं।

Line 2: मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर के एक गाँव में हुआ था।

Line 3: उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और उनकी माता का नाम पुतलीबाई गांधी था।

Line 4: गांधीजी का विवाह कस्तूरबा गांधी से हुआ था।

Line 5: बापू अपने अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं।

Line 6: वह भारत के महानतम स्वतंत्रता सेनानियों, नेता, दार्शनिक और समाज सुधारक में से एक थे।

Line 7: गांधीजी ने सत्याग्रह और अहिंसा  से भारत को स्वतंत्रता दिलाई।

Line 8: उन्होंने लाखों भारतीयों और दुनिया भर के लोगों को अहिंसा से अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।

Line 9: 30 जनवरी 1948 को गांधी जी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Line 10: उनकी 154वीं पुण्य तिथि पर, आइए हम सभी अहिंसा, सच्चाई और परोपकार का पालन करने का वादा करें।

गाँधी जयंती पर भाषण

नीचे देखें महात्मा गांधी भाषण हिंदी में:

सुप्रभात, आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों।

आज गांधी जयंती के शुभ अवसर पर हम सभी मोहनदास करमचंद गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए हैं। 2 अक्टूबर, 2023 राष्ट्रपिता गांधीजी की 154वीं जयंती है। वअहिंसा और सत्य की शक्ति से महात्मा गाँधी ने इतिहास की दिशा बदल दी।

गांधी जयंती सिर्फ उत्सव का दिन नहीं बल्कि चिंतन का दिन है। यह हमें उन सिद्धांतों की याद दिलाता है जिनके लिए गांधीजी खड़े थे - शांति, अहिंसा, करुणा और सत्य की निरंतर खोज। सत्य और अहिंसा के प्रति गांधीजी की अटूट प्रतिबद्धता ने दुनिया भर में मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए आंदोलनों को प्रेरित किया। 

इस गांधी जयंती पर, आइए हम उनके द्मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लें और एक ऐसी दुनिया के लिए काम करें जहां न्याय, समानता और अहिंसा कायम हो।

सभी को गांधी जयंती की शुभकामनाएँ!

सत्यमेव जयते!

गांधी जयंती पर भाषण (100 शब्दों में)

सभी को नमस्कार। आज हम महात्मा गांधी की जयंती मना रहे हैं, जिन्हें हम प्यार से बापू कहते हैं। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाई। उनका जीवन सादगी, त्याग और निष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने स्वदेशी, स्वराज और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई। उनके आदर्श और विचार हमें आज भी प्रेरणा देते हैं। इस खास दिन पर हमें गांधीजी के सिद्धांतों को अपनाकर, समाज में एकता, शांति और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। धन्यवाद!

गांधी जयंती पर भाषण (150 शब्दों में)

सभी को मेरा सादर प्रणाम। आज हम 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती मना रहे हैं, जिन्हें बापू और राष्ट्रपिता के रूप में याद किया जाता है। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन सादगी, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक था। उन्होंने न केवल हमें अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त किया, बल्कि समाज से छुआछूत, जातिवाद और असमानता जैसी बुराइयों को समाप्त करने का भी प्रयास किया।

स्वदेशी आंदोलन, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों का नेतृत्व कर उन्होंने हमें आत्मनिर्भरता और स्वराज का महत्व समझाया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि किसी भी समस्या का हल शांति, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलकर ही निकाला जा सकता है। आज गांधी जयंती पर हम सभी को उनके सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज में एकता, शांति और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। धन्यवाद!

गांधी जयंती पर भाषण (200 शब्दों में)

सभी आदरणीय अध्यापकों और मेरे प्यारे साथियों को मेरा नमस्कार। आज हम महात्मा गांधी की 154वीं जयंती मना रहे हैं, जिसे गांधी जयंती के रूप में जाना जाता है। महात्मा गांधी, जिन्हें हम बापू के नाम से भी जानते हैं, सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। उन्होंने अपने जीवन में सादगी, निष्ठा और कड़ी मेहनत का महत्व समझाया। उनके नेतृत्व में भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति मिली।

गांधीजी ने दांडी मार्च, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनका विश्वास था कि बिना हिंसा के भी आजादी हासिल की जा सकती है, और उन्होंने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्य, अहिंसा और प्रेम से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।

इस दिन हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि हम एक बेहतर समाज और देश का निर्माण कर सकें। धन्यवाद!

गांधी जयंती पर भाषण (500 शब्दों में)

सभी मान्यवरों, अध्यापकों और मेरे प्रिय साथियों को मेरा नमस्कार!

आज हम यहां 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती के उपलक्ष्य में एकत्रित हुए हैं। यह दिन न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। महात्मा गांधी, जिन्हें हम 'बापू' के नाम से जानते हैं, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलकर देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महात्मा गांधी का जीवन सादगी, समर्पण और त्याग का जीता-जागता उदाहरण था। वे न केवल एक महान नेता थे बल्कि एक समाज सुधारक भी थे। उनका विश्वास था कि सत्य और अहिंसा से बड़ी कोई ताकत नहीं होती। उन्होंने हमें सिखाया कि हमें हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए, बल्कि सत्य और न्याय के मार्ग पर चलकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहिए। उनका विचार था कि यदि कोई हम पर हिंसा करता है, तो हमें धैर्य के साथ अहिंसा का पालन करना चाहिए।

गांधीजी ने स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की, जिसका मुख्य उद्देश्य था भारतीय वस्त्रों और उत्पादों का इस्तेमाल कर विदेशी सामान का बहिष्कार करना। उन्होंने 'चरखा' को एक प्रतीक के रूप में अपनाया, जो आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का संदेश देता था। उनका मानना था कि देश की आर्थिक स्वतंत्रता तभी संभव है जब लोग अपने उत्पादों का उपयोग करें और विदेशी वस्त्रों पर निर्भर न हों।

गांधीजी के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण आंदोलन हुए, जैसे कि असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन। इन आंदोलनों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन से मुक्ति प्राप्त करना और देश को स्वतंत्र बनाना था। 1930 में दांडी यात्रा के रूप में नमक सत्याग्रह आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने नमक कर के खिलाफ आवाज उठाई। यह यात्रा इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है, जिसने ब्रिटिश सरकार को झकझोर कर रख दिया।

गांधीजी का जीवन केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, वे समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी संघर्षरत रहे। उन्होंने छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई और समाज में समानता की स्थापना की कोशिश की। बापू का मानना था कि समाज के हर वर्ग को समान अधिकार मिलना चाहिए और कोई भी किसी से ऊँचा या नीचा नहीं है।

आज, जब हम गांधी जयंती मना रहे हैं, तो हमें उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। गांधीजी का सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और स्वराज का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। उनके आदर्श और मूल्य हमें सिखाते हैं कि हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी काम करें। हमें जाति, धर्म और वर्ग भेदभाव से ऊपर उठकर एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण करना चाहिए।

गांधीजी के सिद्धांत हमें न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मार्गदर्शन देते हैं। आज के समय में, जब विश्व में हिंसा, असमानता और अन्याय बढ़ रहा है, गांधीजी के आदर्श और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज में शांति, सद्भावना और समानता लाने के लिए कार्य करना चाहिए।

अंत में, मैं कहना चाहूंगा कि महात्मा गांधी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनकी शिक्षाएं और सिद्धांत हमें न केवल एक अच्छा नागरिक बनने में मदद करते हैं, बल्कि समाज और देश के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का भी बोध कराते हैं। इसलिए, इस गांधी जयंती पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को और सशक्त बनाएंगे।

धन्यवाद!

गांधी जयंती Quotes और नारे हिंदी में (Mahatma Gandhi Quotes and Slogans in Hindi)

अपने भाषण को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए हिंदी में निम्नलिखित गांधी जयंती Quotes और Slogans शामिल करें: 

1. आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों। - महात्मा गांधी

2. प्रेम की शक्ति दंड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है। - महात्मा गांधी

3. पाप से घृणा करो पर पापी से नहीं, क्षमादान बहुत मूल्यवान चीज है। - महात्मा गांधी

4. आंख के बदले आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी। - महात्मा गांधी

5. क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है। - महात्मा गांधी

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Akshita Jolly
Akshita Jolly

Content Writer

Akshita Jolly is a multimedia professional specialising in education, entertainment, fashion, health, and lifestyle news. Holding a degree in Journalism and Mass Communication, she has contributed to renowned media organisations, including the Press Trust of India. She currently serves as Executive – Editorial at Jagran New Media, where she writes, edits, and manages content for the School and News sections of the Jagran Josh (English) portal. She also creates engaging and informative videos for the Jagran Josh YouTube platform, helping to make educational content more accessible and dynamic. Her work has contributed to reaching over 10 million monthly users, reflecting both the impact and scale of her content. For inquiries, she can be reached at akshitajolly@jagrannewmedia.com.
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FAQs

  • गांधीजी का स्लोगन क्या है?
    +
    अहिंसा परमो धर्म, सत्यमेव जयते, भारत छोड़ो, गांधीजी का स्लोगन है|
  • गांधी जयंती पर भाषण की शुरुआत कैसे करें?
    +
    अपने गांधी जयंती भाषण की शुरुआत अपने दर्शकों को सम्मान के साथ संबोधित करके करें। ज्यादा देर तक/ लंबा न बोलें वरना श्रोता बोर हो जाएंगेें। अपने चेहरे पर हल्की मुस्कान रखना न भूलें। आत्मविश्वास के साथ अच्छी मुद्रा में खड़े रहें।

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