SSC परीक्षा की तैयारी के दौरान अपनी आंखों और मस्तिष्क की देखभाल कैसे करें?

इस अनुच्छेद में, हम आँखों और मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं पर काबू पाने के लिए विभिन्न नियमित इलाज व तरीकों पर चर्चा करेंगे।

eyes and brain care during SSC preparation
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SSC परीक्षा तैयारी के दौरान, परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए आपको नियमित आधार पर दैनिक रूप से 6-8 घंटे का अध्ययन करना होता है। तैयारी के दौरान आंखें और मस्तिष्क दोनों समान रूप से काम करते है। अधिकतर देखभाल न होने, टीवी देखने और अन्य हानिकारक आदतों के कारण, कई उम्मीदवारों को आँखों में और सिर दर्द की शिकायत होती है। इसके अलावा, कई उम्मीदवार कम उम्र में ही आंखें और मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से पीड़ित होते हैं। आंखें मस्तिष्क के लिए एक संवेदी अंग की तरह काम करती है और जीभ, नाक, त्वचा, और कान सहित सभी पांचों संवेदी अंगों में से एक है जो कि मस्तिष्क के लिए एक उप-कार्य इकाई की तरह काम करती है| इसलिए, इन दोनों शरीर के अंगों को निरंतर देखभाल और उपचार की आवश्यकता होती है।

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इस अनुच्छेद में, हम आँखों और मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं पर काबू पाने के लिए विभिन्न नियमित इलाज व तरीकों पर चर्चा करेंगे। आइये इसके बारे में विस्तार से जानें-

SSC Preparation: आंखों और मस्तिष्क संबंधी समस्याओं को कैसे दूर करें

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चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, “मानव आंख टीवी, लैपटॉप या फोन पर निरंतर देखने के लिए नहीं बनी है”| आँखों की समुचित कार्य प्रणाली के लिए, आँखों की ऑप्टिक नसों में रक्त का सुचारू परिसंचरण आँखों को स्वस्थ व दक्ष बनाने के लिए आवश्यक है| आंखें की बीमारियां, मस्तिष्क संबंधी विसंगतियों के लिए प्रमुख कारणों में से एक हैं। आइये, दोनों मस्तिष्क और आँखों के इलाज के तरीकों एक नज़र डालें-

मसाज

यह मस्तिष्क और आंखों की मांसपेशियों दोनों में रक्त के परिसंचरण में सुधार करने के लिए एक बहुत अच्छा व्यायाम है और यह एक बड़े आराम के साथ दर्द निवारण में मदद करता है। आंखों और मस्तिष्क के लिए मालिश के तरीकों एक-दूसरे से कुछ भिन्न होते हैं।

आंखों की मालिश के लिए, अपने अंगूठे और तर्जनी अंगुली का उपयोग इस तरह से करें कि आपका अंगूठा भौंह के ऊपर और तर्जनी अंगुली नीचे रहनी चाहिए|  इन दोनों के बीच अपनी भौंह को पकड़ो। अब, अपनी भौहों के सभी बिंदुओं पर धीरे-धीरे सीधी तरह से दबाव डालें। नेत्रगोलक के लिए, एक और व्यायाम है जिसमे आपको अपने अंगूठे को अपने नेत्रगोलक और आँखों के सॉकेट के चारों ओर रोल करना होता है। इन दोनों अभ्यासो से आपकी आँखों में रक्त के परिसंचरण में सुधार होगा।

मस्तिष्क के लिए, आप सूरजमुखी के बीजों के तेल, जैतून का तेल, सरसों का तेल, आंवला तेल और अन्य किसी भी वनस्पति तेल का उपयोग कर सकते हैं। सिर पर इनमे से किसी भी तेल की कुछ बूँदें डालें और उंगलियों के माध्यम से पर्याप्त दबाव के साथ धीरे-धीरे रगड़ना शुरू करें। साथ ही आप अपनी हथेली का भी उपयोग कर सकते हैं। इस अभ्यास को तब तक दोहराएँ जब तक कि तेल खोपड़ी में लीन न हो जायें।

आप इस अभ्यास को दिन में दो बार प्रति सत्र 5-10 मिनट के लिए या अपनी सुविधा के अनुसार किया करें।

आंखों और मस्तिष्क  में उत्तेजना

इसमें बहुत सरल तकनीक शामिल है। सुबह उठकर, अपने चेहरे को पानी से धोये और कुछ मिनट के लिए अपने मुँह में पानी भरकर रखें। फिर अपने मुंह से पानी छोड़ दें। यह सुबह में कम से कम तीन बार दोहराएँ। यह अभ्यास आँखों और मस्तिष्क की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है जोकि मुंह में भरे पानी के दबाव की वजह से ही हो सकता है। यह आपकी त्वचा और तंत्रिका तंत्र में भी सुधार करता है।

आँखों को धोयें

आयुर्वेद में यह मन गया है कि आँखों में सीधे पानी को छपकाना नहीं चाहिए। इसके बजाय , आप किसी tridoishic धोवन का उपयोग कर सकते है। इसके लिए रात को पानी में त्रिफला चूर्ण भिगोकर आप इसे घर पर भी तैयार कर सकते हैं। सुबह में इसे छान लें और दिन में दो बार इससे अपनी आँखों को धोयें। यह आँखों को आराम देने और तनाव को खत्म करने में मदद करता है।

नींद

पर्याप्त नींद मस्तिष्क और आंखों से तनाव में राहत के लिए आवश्यक है। यह अंकों को न केवल स्वस्थ और आराम देता है बल्कि चमकदार रोशनी से हुए खिंचाव से भी रक्षा करता है। यह आपकी आंखों और मस्तिष्क की कोशिकाओं की भी मरम्मत करता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सोने से पहले 10 मिनट के लिए ध्यान करना पूरी नींद सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है।

स्वस्थ आहार

उपर्युक्त सभी व्यायाम के अलावा, एक उम्मीदवार को आँखों व दिमाग की मरम्मत और नवीकरण की प्रक्रिया के लिए अपनी दैनिक खाद्य सामग्री में निम्नलिखित आहार को शामिल करना चाहिए।

  • सूखे मेवे और नट्स: बादाम, किशमिश, और अंजीर आंखों और मस्तिष्क के लिए अमृत के सामान है। इन फलों का दैनिक सेवन करने से आंखों और मस्तिष्क को स्वस्थ बनाये रखने के लिए शरीर की दैनिक मांग को भी पूरा कर सकते हैं। सबसे पहले, पानी में बराबर अनुपात में बादाम, किशमिश, और अंजीर सोख ले और उन्हें सुबह खाली पेट दैनिक रूप से खाते रहें। इसमें उच्च मात्रा में विटामिन व फाइबर विदयामान है जो पाचन प्रक्रिया को तेज करने और शरीर से उच्च मात्रा में विषाक्त पदार्थों को निकालने में मददगार है यह मस्तिष्क और आँखों से सम्बंधितअनियमितताओं से छुटकारा पाने में  भी अहम भूमिका निभाता है।
  • विटामिन-ए: विटामिन-ए का सेवन बढ़ाये, जो मुख्य रूप से गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियों, आंवला, संतरा, और बादाम में मौजूद है|
  • मांसाहारी और जंक फूड:, मांसाहारी, मसालेदार तथा परिरक्षक खाद्य पदार्थों से बचें। आंखों और मस्तिष्क से संबंधित विभिन्न रोग अग्रणी विषाक्त पदार्थों के निर्माण के परिणामस्वरुप ही होते है|

हम www.jagranjosh.com पर SSC परीक्षा की तैयारी के बारे में सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए समर्पित कर हैं। अधिक अद्यतन और जानकारी के लिए, हमारे पास आते रहें।

शुभकामनाएं!

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