IAS Success Story: 10वीं में मुश्किल से हुए थे पास, पहले की टीचर की नौकरी और फिर IAS बने तुषार डी सुमेरा
IAS Success Story: तुषार डी सुमेरा ने 10वीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स प्राप्त किए थे। इसे लेकर हाल ही वह ट्वीटर पर काफी वायरल हुए थे। उन्होंने शिक्षक के तौर पर काम किया। साथ ही मेहनत की और खुद को साबित करते हुए सिविल सेवा परीक्षा को पास कर IAS अधिकारी बन गए।
IAS Success Story: UPSC सिविल सेवा को पास करना आसान नहीं है। साथ ही इस परीक्षा में सफलता भी निश्चित नहीं है। लेकिन, फिर भी युवा कई सालों तक इस परीक्षा की तैयारी करते हैं और अपना प्रयास करते हैं। वहीं, कुछ लोगों को यह भ्रम होता है कि यदि उनके 10वीं-12वीं या फिर कॉलेज में कम मार्क्स आए हैं, तो वह भविष्य में कुछ बेहतर नहीं कर पाएंगे। हालांकि, भरूच के कलेक्टर तुषार डी सुमेरा ने इस बात को गलत साबित किया है। तुषार बीते दिनों ट्वीटर पर 10वीं कक्षा में प्राप्त में हुए अपने बहुत ही कम अंकों को लेकर वायरल हुए, जिसके बाद कई लोगों ने उन्हे शुभकामनाएं दीं। तुषार के 10वीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स थे, हालांकि बाद में उन्होंने जमकर मेहनत की और सिविल सेवा परीक्षा को पास कर IAS अधिकारी बनने में सफल रहे।
वरिष्ठ IAS ने साझा किए अंक
10वीं या 12वीं में जब भी हमें कम अंक प्राप्त होते हैं, तो हम अक्सर कहीं भी अपने अंकों को बताने में संकोच करते हैं। वहीं, 2012 बैच के बैच के आईएएस अधिकारी तुषार डी सुमेरा 10वीं में प्राप्त हुए अपने अंकों को लेकर वायरल हुए। उनके वरिष्ठ व आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने उनके 10वीं के अंकों को लेकर ट्वीटर पर जानकारी साझा की, जिसके बाद वह काफी वायरल हुए।
भरूच के कलेक्टर तुषार सुमेरा ने अपनी दसवीं की मार्कशीट शेयर करते हुए लिखा है कि उन्हें दसवीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे.
— Awanish Sharan (@AwanishSharan) June 11, 2022
उनके 100 में अंग्रेजी में 35, गणित में 36 और विज्ञान में 38 नंबर आए थे. ना सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कहा गया कि यह कुछ नहीं कर सकते. pic.twitter.com/uzjKtcU02I
10वीं में प्राप्त हुए थे इतने अंक
IAS अवनीश शरण ने ट्वीटर पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि भरूच के कलेक्टर तुषार सुमेरा ने अपनी 10वीं की मार्कशीट साझा करते हुए लिखा है कि उन्हें 10वीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे। उनके कुल अंक 100 में से अंग्रेजी में 35, गणित में 36 और विज्ञान में 38 नंंबर थे। न सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कह दिया गया कि यह कुछ नहीं कर सकते।
कुछ समय तक की टीचर की नौकरी
आईएएस अधिकारी बनने से पहले तुषार ने बीए और बीएड करने के बाद असिस्टेंट टीचर की नौकरी की। नौकरी के दौरान उनके मन में आईएएस बनने का सपना पल रहा था, जिसके लिए उन्हें मेहनत करने का निर्णय लिया। उन्होंने पारंपरिक पुस्तकों के साथ खुद के नोट्स बनाए और टाइम टेबल के साथ तैयारी की। साल 2012 की सिविलि सेवा परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल करते हुए अपना आईएएस बनने का सपना पूरा कर दिया।
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