वर्ष 2017 सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन के मामले में काफी सकारात्मक रहा. इसी वर्ष में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की गयी और अलग-अलग विभागों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया. रक्षा सेनाओं में भी 7वें वेतन आयोग को लागू किया गया, इनमें से भारतीय नौसना भी शामिल है.
7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद इंडियन नेवी में विभिन्न पदों पर मिलने वाले वेतनमान में काफी परिवर्तन हुआ है. नये स्ट्रक्चर के अनुसार इंडियन नेवी में 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद तो काफी बढ़ोत्तरी हुई है. ग्रुप सी के ग्राउंड स्टाफ पदों पर मिलने वाला वेतनमान बढ़ोत्तरी के बाद कितना हुआ, आइये जानते हैं.
7वां वेतन आयोग में इंडियन नेवी में ग्रुप सी पदों पर मिलने वाली सैलरी; मूल वेतन और ग्रेड पे
| पद का नाम | 7वें वेतन आयोग के अनुसार पे-मैट्रक्स का लेवल | क्लासिफिकेशन |
| स्टाफ नर्स | पे-मैट्रिक्स का लेवल 7: रु.44900 - रु.142400 | ग्रुप ‘बी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| टेलिफोन ऑपरेटर | पे-मैट्रिक्स का लेवल 3: रु.21700 - रु.69100 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| स्विमिंग इंस्ट्रक्टर | पे-मैट्रिक्स का लेवल 4: रु.25500 - रु.81100 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| फायर इंजन ड्राइवर (पहले एफईडी ग्रेड I या II) | पे-मैट्रिक्स का लेवल 3: रु.21700 - रु.69100 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| फायरमैन (पहले फायरमैन ग्रेड I या II) | पे-मैट्रिक्स का लेवल 2: रु.19900 - रु.63200 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| कुक | पे-मैट्रिक्स का लेवल 2: रु.19900 - रु.63200 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| एमटीएस मिनिस्ट्रियल (पहले सफाईवाला) | पे-मैट्रिक्स का लेवल 1: रु.18000 - रु.56900 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| एमटीएस मिनिस्ट्रियल (पहले चपरासी) | पे-मैट्रिक्स का लेवल 1: रु.18000 - रु.56900 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| एमटीएस मिनिस्ट्रियल (पहले चौकीदार) | पे-मैट्रिक्स का लेवल 1: रु.18000 - रु.56900 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| टायरमैन | पे-मैट्रिक्स का लेवल 1: रु.18000 - रु.56900 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
| पेस्ट कंट्रोल वर्कर (पहले बेगारी) | पे-मैट्रिक्स का लेवल 1: रु.18000 - रु.56900 | ग्रुप ‘सी’ नॉन-इंडस्ट्रियल |
7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद इस प्रकार हम देखते हैं कि न्यूनतम वेतन रु. 18000 निर्धारत की गयी है और समान पद पर ही बने रहते हुए और नया वेतन आयोग न आने की दशा में भी वेतन निर्धारित समय एवं प्रावधानों के अनुसार बढ़कर रु.56900 हो जाएगा.
इस प्रकार अगर लेवल 7 की बात करें तो अधिकतम वेतन ग्रुप बी के पद पर बढ़कर रु.1.42 लाख हो जाएगी. जो कि आज के परिदृश्य में देखें अच्छी बढ़ोत्तरी है.
7वां वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद मूल वेतन एवं ग्रेड पे को मिलाकर लेवल के अनुसार वेतनमान निर्धारित किये गये जो कि पहले के स्ट्रक्चर की तुलना में अधिक सैलरी दिलाते हैं. इस बढ़ोत्तरी में महंगाई के आकड़ों को ध्यान रखा गया है.
रक्षा सेनाओं में मिलने वाली सैलरी के अतिरिक्त कई अन्य सुविधाएं एवं भत्ते मिलते हैं जैसे राशन, वर्दी, शिक्षा, मेडिकल, पेड-लीव, आदि.
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