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एफएमएस से एमबीए : एफएमएस दिल्ली की डीन डॉक्टर सुनीता सिंह सेनगुप्ता का इन्टरव्यू

एफएमएस दिल्ली की डीन डॉक्टर सुनीता सिंह सेनगुप्ता ने जगारणजोश.कॉम के साथ अपने विचार शेयर करते हुए यह बताया है कि एमबीए प्रोग्राम में एडमिशन के दौरान प्रीमियर बी-स्कूल्स उम्मीदवारों में किन गुणों की तलाश करते हैं ?

Apr 8, 2019 15:24 IST

एफएमएस दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई करना

दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई करना वाकई  किसी भी एमबीए उम्मीदवार के लिए उसके सपने के सच होने जैसा है.एक विश्वविद्यालय सेटअप का हिस्सा होने के बावजूद, एफएमएस दिल्ली लगातार देश के शीर्ष बी-स्कूलों के बीच अपनी रैंकिंग बनाने में सफल रहा है. जागरजोश.कॉम के साथ एक विशेष इन्टरव्यू में एफएमएस दिल्ली की डीन सुनीता सिंह सेनगुप्ता ने यह बताने का प्रयास किया है कि किस तरह यह इंस्टीट्यूट लगातार भारत के प्रीमियर बी-स्कूल्स में अपना स्थान बनाये रखने में सफल रहा है ? इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताने का प्रयास किया है कि किसे एमबीए करना चाहिए तथा क्यों? एफएमएस दिल्ली की शिक्षण पद्धति तथा लर्निंग प्रोसेस तथा ये किस प्रकार उम्मीदवरों में समकालीन प्रबंधकीय चुनौतियों से निपटने के लिए जरुरी स्किल्स तथा अभिनव दृष्टिकोण विकसित करने की प्रक्रिया में सहायक होते हैं ?

इन्टरव्यू का सारांश

वास्तव में एमबीए किसे करना चाहिए?

डॉक्टर सेनगुप्ता का मानना है कि भारत के बी-स्कूल्स द्वारा एडमिशन के समय एलिजीबिलिटी क्राईटेरिया के अतिरिक्त किसी अन्य गुणों की जाँच परख नहीं की जाती है और ना ही उसकी अपेक्षा किसी उम्मीदवार से की जाती है. लेकिन भारत के कुछ टॉप बी-स्कूल्स जैसे एफएमएस दिल्ली,ऐसे गुण जो उम्मीदवार को एक सफल कॉर्पोरेट लीडर बनाने के लिए जरुरी होती है उसकी तलाश उम्मीदवारों में करते हैं तथा आगे चलकर उसके विकास के लिए भी इनके द्वारा प्रयास किया जाता है. डॉक्टर सेनगुप्ता दृढ़ता के साथ इस बात पर विश्वास करती हैं कि ऐसे उम्मीदवार जो मैनेजमेंट के जरिये समाज में बदलाव लाने की इच्छा रखते हैं उन्हें अवश्य ही किसी टॉप बी-स्कूल्स से एमबीए करना चाहिए.

एमबीए प्रोग्राम करते समय उम्मीदवारों में विकसित स्किल्स

1954 में स्थापित एफएमएस, दिल्ली भारत के सबसे पुराने मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स में से एक है.इसकी अपनी एक उत्कृष्ट परम्परा रही है. यह इंस्टीट्यूट छात्रों को अपनी अभिनव सोच विकसित करने तथा एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स विकसित करने की प्रेरणा देता है. एफएमएस, दिल्ली में एक कुशल मैनेजर बनने के लिए जरूरी विभिन्न टेक्नीकल तथा मैनेजेरियल स्किल्स से जुड़े सिलेबस,कोर्सेज तथा सेशन के जरिये छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप स्टडी कराया जाता है. इतना ही नहीं इस इंस्टीट्यूट का सिलेबस प्रतिवर्ष अपडेटेड रहता है ताकि उम्मीदवार अपने आप को बिजनेस या कार्पोरेट जगत से जुड़े सभी समकालीन तथा प्रासंगिक मॉड्यूल से अपडेटेड रखें.

उभरते हुए एमबीए स्पेशलाइजेशन और उनके दायरे

डॉक्टर सुनीता सिंह सेनगुप्ता का कहना है कि आने वाले समय में एमबीए स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम्स के सिलेबस में कुछ ऐसे कोर्सेज या सिलेबस होंगे जो उम्मीदवारों को अभिनव सोंच के साथ साथ महत्वपूर्ण लाइफ स्किल्स की समुचित जानकारी प्रदान करेंगे. कुछ विशिष्ट पाठ्यक्रमों की बात की जाय तो इस विषय में डॉक्टर सेनगुप्ता का मानना है कि दुनिया के तेजी से डिजिटलीकरण के कारण मैनेजमेंट फील्ड में डेटा संबंधित पाठ्यक्रम जैसे डेटा एनालिटिक्स, एचआर एनालिटिक्स, मार्केटिंग एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग तथा रोबोटिक्स मैनेजमेंट आदि कोर्सेज की डिमांड भविष्य में बहुत ज्यादा बढ़ेगी. साथ ही वह यह भी महसूस करती हैं कि इन कोर्सेज के अलावा उम्मीदवारों को क्रिटिकल लाइफ स्किल्स पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है अन्य स्किल्स पर तो आमतौर पर हर जगह फोकस किया जाता है.

एफएमएस दिल्ली - ब्रांड और इसका कॉम्पिटीशन

प्रोफेसर सेनगुप्ता का कहना है कि एफएमएस एक अद्वितीय ब्रांड है.यह उन छात्रों के लिए सपनों की एक लाल इमारत की तरह है जो भारत के प्रीमियर बी-स्कूलों के एमबीए कोर्सेज  में शामिल होने की इच्छा रखते हैं. इस बी-स्कूल को भारत के टॉप 5 बी-स्कूलों में स्थान दिया गया है. इस वजह से भी भारत में यह इंस्टीट्यूट बहुत ज्यादा डिमांड में है. दिल्ली विश्वविद्यालय का हिस्सा होने के कारण फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज का सेटअप भी विश्वविद्यालय जैसा है. डॉक्टर सेनगुप्ता कहती हैं कि हार्वर्ड और केलॉग यूनिवर्सिटी का ही सेटअप यूनिवर्सिटी की तरह है. एफएमएस दिल्ली विश्व में तीसरा विश्वविद्यालय वाला सेटअप है तथा यह हार्वर्ड और केलॉग को सीधे सीधे कॉम्पिटीशन देता है. एफएमएस दिल्ली का कल्चर बड़ा ही उत्कृष्ट कल्चर है. यहाँ के सभी सदस्य जैसे छात्र, फैकल्टी, एडमिन स्टाफ, नॉन टीचिंग स्टाफ इस विश्वविद्यालय को परफेक्ट बनाने की दिशा में काम करते हैं जिससे यहाँ सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है.

एमबीए उम्मीदवारों के लिए संदेश

प्रोफेसर सेनगुप्ता कहती हैं कि भावी एमबीए उम्मीदवारों के लिए एफएमएस के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है छात्रों में विनम्रता और सेवा भाव तथा बुनियादी मानवीय मूल्यों को विकसित करना.यह इंस्टीट्यूट ग्लोबली अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाये रखने के प्रयास में अपने मैनेजमेंट एजुकेशन के जरिये सामजिक लक्ष्योंमुखी तथा समाज की उन्नति से जुड़े कार्यों को करने का कल्चर विकसित करने की दिशा में अथक प्रयास करता है. सामजिक रूप से सभी को सक्षम बनाना तथा सभी को प्रसन्नता देना हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. एफएमएस भी छात्रों में सामाजिक चेतना पैदा करने की कोशिश करता है ताकि वे आगे चलकर अपना एक  सामाजिक प्रभाव बनाने में सक्षम हो सकें.

वह यह भी महसूस करती हैं कि एफएमएस दिल्ली का हिस्सा बनने वाले सभी छात्रों को ऐसे इंस्टीट्यूट का हिस्सा बनने का विशेषाधिकार प्राप्त है तथा समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी बनती है. इसलिए, एमबीए ग्रेजुएट्स को न सिर्फ प्लेसमेंट के लिए ही सोचना चाहिए बल्कि उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि वे देश और समाज को क्या दे सकते हैं ?

एक्सपर्ट के बारे में

डॉ सुनीता सिंह सेनगुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की हेड और डीन हैं. डॉ सेनगुप्ता ने “पावर रिलेशनशिप बिटवीन मैनेजेरियल एंड नॉन मैनेजेरियल पर्सनल इन बैंकिंग ऑर्गनाइजेशंस” विषय पर पीएचडी की है. फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ज्वाइन करने से पूर्व लगभग 10 वर्षों तक प्रो.सेन गुप्ता इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, कलकत्ता, के बिहैवियरल साइंस ग्रुप में असोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थीं. इन्होने लगभग 28 पुस्तकें तथा नेशनल तथा इंटरनेशनल जर्नल में प्राकशित 5 दर्जन आर्टिकल्स लिखा है.प्रोफेसर सेनगुप्ता एक ट्रैवेल स्कॉलर हैं तथा इन्होंने यूएसए, यूके और फ्रांस में कई लेक्चर दिए हैं.

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