RPSC प्री-परीक्षा का परीक्षा पैटर्न और सिलेबस
इस लेख में, हम RPSC के परीक्षा पैटर्न और सिलेबस के बारे में जानेंगे-
RPSC की प्री-परीक्षा प्रकृति में बहुविकल्पीय प्रकार की होगी। इसमें 150 प्रश्न, कुल 200 अंकों के होंगे। इस परीक्षा में नकारात्मक अंकन भी होगा। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.33 अंक की कटौती दंड के रूप में की जायेगी। यह परीक्षा प्रकृति में क्वालीफाइंग प्रकृति की होगी। अंतिम योग्यता सूची में इन अंको नहीं माना जाएगा। इस पेपर की कठिनाई का स्तर स्नातक स्तर का होगा। सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान की परीक्षा में केवल एक ही पेपर होगा जिसकी समय सीमा 3 घंटे की होगी।
RPSC प्री-परीक्षा का सिलेबस
इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, राजस्थान की विरासत और परंपरा
- राजस्थान के इतिहास में प्रमुख स्थल, प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक व राजस्व प्रणाली और सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे
- स्वतंत्रता आंदोलन, राजनीतिक जागरूकता और एकीकरण
- वास्तुकला की मुख्य विशेषताएं - किले और स्मारक
- कला, चित्रकला और हस्तशिल्प
- राजस्थानी साहित्य के महत्वपूर्ण कार्य और स्थानीय बोलियां
- मेले, त्यौहार, लोक संगीत और लोक नृत्य
- राजस्थानी संस्कृति, परंपराये और विरासत
- राजस्थान के धार्मिक आंदोलन, संत और लोक देवता
- महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल
- राजस्थान के अग्रणी व्यक्तित्व
भारतीय इतिहास
प्राचीन और मध्ययुगीन काल:
- प्राचीन और मध्ययुगीन भारत की मुख्य विशेषताएं और प्रमुख स्थल
- कला, संस्कृति, साहित्य और वास्तुकला
- प्रमुख राजवंश व उनकी प्रशासनिक प्रणाली. सामाजिक-आर्थिक स्थितियां और प्रमुख आंदोलन
आधुनिक युग:
- आधुनिक भारतीय इतिहास (अठारहवीं शताब्दी के मध्य से वर्तमान तक) - महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व और मुद्दे
- स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न हिस्सों के महत्वपूर्ण योगदानकर्ता और उनके योगदान
- 19वीं और 20वीं शताब्दी में सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन
- देश के भीतर स्वतंत्रता के बाद समेकन और पुनर्गठन
विश्व और भारत का भूगोल
विश्व भूगोल:
- व्यापक भौतिक विशेषताएं
- पर्यावरण और पारिस्थितिक मुद्दे
- वन्यजीवन और जैव-विविधतायें
- अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग
- प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र
भारत का भूगोल:
- व्यापक भौतिक विशेषताएं और प्राकृतिक भूगोल-संबंधी हिस्से
- कृषि और कृषि आधारित गतिविधियां
- खनिज - लौह, मैंगनीज, कोयला, तेल और गैस व परमाणु खनिज
- प्रमुख उद्योग और औद्योगिक विकास
- परिवहन- प्रमुख परिवहन कॉरिडोर
- प्राकृतिक संसाधन
- पर्यावरण की समस्याएं और पारिस्थितिकीय मुद्दे
राजस्थान का भूगोल
- व्यापक भौतिक विशेषताएं और प्राकृतिक भूगोल-संबंधी हिस्से
- राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन- जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन, वन्यजीवन और जैव-विविधतायें
- प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
- खान और खनिज
- जनसंख्या
- औद्योगिक विकास के लिए प्रमुख और सशक्त उद्योग
भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था और शासन
संवैधानिक विकास और भारतीय संविधान
भारत सरकार अधिनियम: 1919 और 1935, संविधान सभा, भारतीय संविधान की प्रकृति: प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, राज्य के निर्देशक सिद्धांत, मौलिक कर्तव्य, संघीय संरचना, संवैधानिक संशोधन, आपातकालीन प्रावधान, जनहित याचिका (P.I.L.) और न्यायिक समीक्षा.
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था और शासन
- भारत के राज्यों की प्रकृति, भारत में लोकतंत्र, राज्यों का पुनर्गठन, गठबंधन सरकार, राजनीतिक दल और राष्ट्रीय एकीकरण
- संघ और राज्य कार्यकारी: संघ और राज्य विधान, न्यायपालिका
- राष्ट्रपति, संसद, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, योजना आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), केंद्रीय सूचना आयोग, लोकपाल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
- स्थानीय स्व-सरकार और पंचायती राज
सार्वजनिक नीति और अधिकार
- एक कल्याणकारी राज्य के रूप में राष्ट्रीय सार्वजनिक नीति
- विभिन्न कानूनी अधिकार और नागरिक चार्टर
राजस्थान की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रणाली
- राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य विधानसभा, उच्च न्यायालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग, जिला प्रशासन, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य चुनाव आयोग और राज्य सूचना आयोग
- सार्वजनिक नीति, कानूनी अधिकार और नागरिक चार्टर
आर्थिक अवधारणायें और भारतीय अर्थव्यवस्था
अर्थशास्त्र की मूल अवधारणायें
- बजट, बैंकिंग, सार्वजनिक वित्त, राष्ट्रीय आय, तरक्की और विकास का मूल ज्ञान
- लेखांकन - संकल्पना, उपकरण और प्रशासन में उपयोग
- स्टॉक एक्सचेंज और शेयर बाजार
- वित्तीय और मौद्रिक नीतियां
- सब्सिडी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली
- ई-कॉमर्स
- मुद्रास्फीति- अवधारणा, प्रभाव और नियंत्रण तंत्र
आर्थिक विकास और इसकी योजना
- 5 साल की योजनाएं - उद्देश्य, रणनीतियां और उपलब्धियां
- अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र- कृषि, उद्योग, सेवाओं और व्यापार की वर्तमान स्थिति, मुद्दे और पहल
- प्रमुख आर्थिक समस्याएं और सरकार द्वारा किये गए प्रयास, आर्थिक सुधार और उदारीकरण
मानव संसाधन और आर्थिक विकास
- मानव विकास सूचकांक
- गरीबी और बेरोजगारी- अवधारणायें, प्रकार, कारण, उपचार और वर्तमान प्रमुख योजनाएं
सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण
- कमजोर वर्ग के लोगो के लिए प्रावधान
राजस्थान की अर्थव्यवस्था
- अर्थव्यवस्था का अवलोकन
- प्रमुख कृषि, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के मुद्दे
- तरक्की, विकास और योजना
- बुनियादी ढांचा और संसाधन
- प्रमुख विकास परियोजनाएं
- कार्यक्रम और योजनाएं- अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यक / विकलांग व्यक्तियों, गंतव्य, महिलाएं, बच्चे, वृद्धावस्था के लोग, किसान और मजदूरों के लिए सरकारी कल्याण योजनाएं
विज्ञान और प्रोद्योगिकी
- हर रोज के विज्ञान की मूल बातें
- इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी
- उपग्रहों सहित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
- रक्षा प्रौद्योगिकी
- नैनो-टेक्नोलॉजी
- मानव शरीर, खाद्य और पोषण, स्वास्थ्य देखभाल
- पर्यावरण व पारिस्थितिक परिवर्तन और इसके प्रभाव
- जैव विविधता, जैव प्रौद्योगिकी और जेनेटिक इंजीनियरिंग
- राजस्थान के संदर्भ में कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन
- राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास
रीजनिंग व मेंटल एबिलिटी
लॉजिकल रीजनिंग (निगमात्मक, आगमनात्मक)
- Statement and Assumptions, Statement and Argument, Statements and Conclusion, Courses of Action.
- Analytical Reasoning.
मेंटल एबिलिटी
- Number series, Letter series, Odd man out, Coding-Decoding, Problems relating to Relations, Shapes and their sub sections.
मूल संख्यायें
- गणितीय और सांख्यिकीय विश्लेषण का प्राथमिक ज्ञान
- संख्या प्रणाली, आवृत्ति का क्रम, अनुपात और समानुपात, प्रतिशत, सरल और चक्रवृद्धि ब्याज, डेटा विश्लेषण (टेबल्स, बार-आरेख, रेखा-ग्राफ, पाई-चार्ट)
कर्रेंट अफेयर्स
- प्रमुख वर्तमान घटनाक्रम और राज्य के मुद्दे (राजस्थान), राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व
- हाल के समाचारों में व्यक्तियों और स्थान
- खेल और खेल से संबंधित गतिविधियां
उम्मीदवारों को पूरे सिलेबस के माध्यम से जाना चाहिए और इसके आधार पर ही नोट्स बनाने चाहिए। नोट्स का नियमित अध्ययन, परीक्षा में आत्मविश्वास बढ़ाता हैं। उम्मीदवारों को केवल स्टैण्डर्ड किताबों का ही संदर्भ लेना चाहिए। नियमित अभ्यास से उम्मीदवारों को आवश्यक कट-ऑफ को हांसिल करने में मदद मिलती हैं.
शुभकामनाएं!