कॉलेज स्टूडेंट्स ग्रुप डिस्कशन में सफल होने के लिए इन स्मार्ट टिप्स को जरुर अपनायें

पिछले कुछ वर्षों से भारत में सभी बड़े एंट्रेंस एग्जाम्स और कॉम्पीटीटिव एग्जाम्स में स्टूडेंट्स के कम्युनिकेशन और लीडरशिप्स स्किल्स की जांच करने के लिए अधिकतर एग्जाम बॉडीज़ ग्रुप डिस्कशन आयोजित करती हैं. देश में अनेक टॉप जॉब प्रोफाइल्स के इंटरव्यू के दौरान भी कैंडिडेट्स को ग्रुप डिस्कशन के दौर से गुजरना पड़ता है.

Created On: Oct 10, 2019 18:28 IST
Modified On: Sep 22, 2021 15:28 IST
Smart tips for Indian Students to get success in every group discussion
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पिछले कुछ दशकों से भारत के अनेक टॉप एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स स्टूडेंट्स को एडमिशन देने के लिए एंट्रेंस एग्जाम्स, इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन से टैलेंटेड स्टूडेंट्स की स्क्रीनिंग करते हैं. हमारे देश के टॉप रिक्रूटिंग इंस्टीट्यूशन्स भी अपने महत्वपूर्ण जॉब प्रोफाइल्स में कैंडिडेट्स को रिक्रूट करने के लिए रिटन टेस्ट, इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन से ही मोस्ट सूटेबल कैंडिडेट्स की स्क्रीनिंग करते हैं. अगर स्टूडेंट्स अपने कॉलेज में पढ़ने के दौरान ही ‘ग्रुप डिस्कशन’ में माहिर हो जायें तो वे हायर एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स और मनचाहा करियर गोल बड़ी आसानी से हासिल कर सकते हैं. बेशक! किसी भी ग्रुप डिस्कशन में सफलता हासिल करने के लिए स्टूडेंट्स को कुछ जरुरी लेकिन, ऐसे महत्पूर्ण टिप्स जरुर अपनाने चाहिए जिनके बारे में सारी जरुरी जानकारी इस आर्टिकल में दी जा रही है. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

ग्रुप डिस्कशन के बारे में

ग्रुप डिस्कशन्स (GD) में, किसी भी किस्म और किसी भी क्षेत्र से एक टॉपिक चर्चा करने वाले ग्रुप के सामने पेश किया जाता है. जीडी में कोई सही या गलत जवाब नहीं होते हैं (जब तक कोई टॉपिक केवल फैक्ट्स पर आधारित न हो) क्योंकि जीडी का लक्ष्य कैंडिडेट्स के कम्युनिकेशन स्किल्स, व्यक्तित्व और अन्य उपस्थित लोगों को अपने प्वाइंट्स से सहमत करने की ताकत का मूल्यांकन करना होता है. आमतौर पर किसी भी ग्रुप डिस्कशन में मतभेद और विवाद तो होते ही हैं और वे कैंडिडेट्स जो अपने प्वाइंट्स या तर्क बड़े आत्मविश्वास से रख सकते हैं; जीडी में सफलता प्राप्त करते हैं.

इसलिये, ग्रुप डिस्कशन्स के लिए कैसे अच्छी तरह तैयारी करें? क्या जीडी के लिए स्टडी मेटीरियल उपलब्ध होता है? ऐसे प्रश्नों के लेकर चिंता न करें क्योंकि हम इस आर्टिकल में आपकी सहूलियत के लिए ग्रुप डिस्कशन्स में सफलता प्राप्त करने के कुछ नायाब टिप्स पेश कर रहे हैं.

डेली रीडिंग से बढ़ेगी आपकी जानकारी  

आपको रोजाना विभिन्न विषयों पर आर्टिकल्स या अन्य रीडिंग मेटीरियल पढ़ने की आदत डालनी चाहिए. इससे आपको किसी भी विषय की अच्छी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी. रीडिंग के निरंतर अभ्यास से आप किसी भी विषय को कई पहलुओं से देखने की काबिलियत भी हासिल कर लेंगे. जब आप रीडिंग करने की आदत को अच्छी तरह अपना लेंगे तो आपका आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही शब्द ज्ञान भी काफी बढ़ेगा. इन सभी बातों से आप किसी भी ग्रुप डिस्कशन में बड़ी आसानी से सफलता प्राप्त कर लेंगे क्योंकि अबतक आप अपनी राय ठोस तर्कों और अक्लमंदी से पेश करने में माहिर बन जाते हैं.

ग्रुप डिस्कशन के कॉमन टॉपिक जरुर करें तैयार

बहुत बार, इस संबंध में आपके पूर्वानुमान भी काफी फायदेमंद साबित होते हैं. इसलिये, विभिन्न बिजनेस स्कूल्ज में होने वाली घटनाओं और कार्यक्रमों से अपडेटेड रहें और अपने सीनियर्स से चर्चा करें तथा इस बात का पता लगाने की कोशिश करें कि ग्रुप डिस्कशन्स में अक्सर कौन से टॉपिक्स पर चर्चा की जाती है?. उदाहरण के लिए, जेंडर इनइक्वलिटी, प्राइवेटाइज़ेशन, वर्तमान विवाद और ऐसे अन्य कई विषय आमतौर पर जीडी टॉपिक्स के तौर पर पेश किये जाते हैं. इससे आप ऐसे टॉपिक्स पर पहले से ही तैयारी कर सकेंगे और फिर, ग्रुप डिस्कशन के दौरान आप अपनी राय बड़ी चतुराई से पेश कर सकेंगे क्योंकि अब आपको अपने टॉपिक की काफी अच्छी जानकारी होगी.

बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स से मिलता है फायदा

अच्छा हो अगर आप अपने कम्युनिकेशन स्किल्स को ग्रुप डिस्कशन की निर्धारित तिथि से पहले ही समय रहते निखार लें. अपने दोस्तों के साथ किसी भी टॉपिक पर चर्चा करें और देखें कि आप किस तरह से अपनी राय रख रहे हैं? इस बात पर भी ध्यान दें कि आपकी राय पर आपके दोस्तों की कैसी प्रतिक्रियाएं हैं? क्या आप उम्दा तरीके से अपनी राय रखने में सक्षम हैं और क्या आप इस चर्चा के दौरान अपना संयम बनाये रखते हैं? इन सब बातों से आप खुद को जज कर सकेंगे और इससे आपके कम्युनिकेशन स्किल्स में निखार आएगा.

ग्रुप डिस्कशन में अच्छे लिसनर होते हैं सफल

चाहे आप कितने ही बढ़िया तरीके से अपने प्वाइंट्स पेश करने में सक्षम हों, अन्य लोगों की बातों को अनसुना न करें. अगर आप अन्य कैंडिडेट्स की बातों को अनसुना कर देंगे तो पैनलिस्ट्स पर आपका गलत इम्प्रैशन पड़ेगा और इससे आपका कोई भला नहीं होगा. इसलिये, अन्य लोगों का सम्मान करें, संयम बरतें और अपने ओपोनेंट्स के विचार बड़े ध्यान से सुनें.

बहस करते समय अपना संतुलन बनाये रखें

यह आपके लिए बहुत जरुरी है क्योंकि आपको अपने प्वाइंट्स का पुरजोर समर्थन करना है और इसलिये आपको बिलकुल अच्छी तरह पता होना चाहिए कि आप क्या कह रहे हैं? कुछ भी ऐसा न कहें जो आपके पहले प्वाइंट्स के खिलाफ हो क्योंकि इससे आपके ओपोनेंट्स को आपका जमकर विरोध करने का अच्छा अवसर मिल जाएगा. इसलिये, अपनी राय और प्वाइंट्स पर हमेशा कायम रहें और उनके आधार पर ही चर्चा को आगे बढायें. इससे सभी को पता चलेगा कि आप अपनी राय के प्रति ईमानदार हैं.

अगर हम काफी कम शब्दों में कहें तो आप ग्रुप डिस्कशन में सेल्फ-कंट्रोलर होते हैं. यह आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा कि उक्त सभी प्वाइंट्स का पूरा-पूरा ध्यान रखें और अपनी राय बड़ी अक्लमंदी से पेश करें. विशेष तौर पर, अपना संयम न गंवाएं और अन्य लोगों के प्वाइंट्स बड़े ध्यान से सुनें. अगर आप इन सभी प्वाइंट्स का ध्यान रखेंगे तो आप किसी भी ग्रुप डिस्कशन में बड़ी आसानी से सफल हो जायेंगे. हमें आशा है कि ग्रुप डिस्कशन्स में सफलता प्राप्त करने के लिए आप इन नायाब टिप्स को जरुर अपनाएंगे. 

जॉब, करियर, इंटरव्यू, एजुकेशनल कोर्सेज, प्रोफेशनल कोर्सेज, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के बारे में लेटेस्ट अपडेट्स के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर नियमित तौर पर विजिट करते रहें.  

 

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