SSC क्वांटिटेटिव एपटीत्युड की तैयारी टिप्स: अनुपात, समानुपात, और अभियोग

इस लेख में, हम अनुपात, समानुपात और अभियोग पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए सुझावो और तरीकों के बारे में चर्चा करेंगे। आइये, इनके बारे में विस्तार से जानें-

SSC Quantitative Aptitude tips
SSC Quantitative Aptitude tips

अनुपात, समानुपात और अभियोग- SSC की परीक्षा में सबसे अहम और कठिन विषयों में से एक है। प्रश्नों की कठिनाई का स्तर हर परीक्षा में भिन्न होता है। आपको SSC CGL में सवाल मुश्किल मिल सकते है जबकि SSC CHSL और अन्य परीक्षाओं में सरल होते है।  इस विषय से, SSC की सभी टियर-1 परीक्षा में 1-2 सवाल अवश्य पूछे जाते है। इस तरह के सवालों को हल करने के लिए आपको पूछी गयी समस्या और उसके समाधान हेतु अवधारणा को समझने की आवश्यकता है।

इस लेख में, हम अनुपात, समानुपात और अभियोग पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए सुझावो और तरीकों के बारे में चर्चा करेंगे। आइये, इनके बारे में विस्तार से जानें-

SSC क्वांटिटेटिव एपटीत्युड टिप्स: अनुपात (Ratio)

अनुपात एक संबंध है जिसमें एक मात्रा की उसी ही तरह की दूसरी मात्रा के साथ तुलना की जाती है। दो मात्राओं a और b का अनुपात a/b के अंश के बराबर होगा और हम इसे a:b के रूप में लिख सकते है| a:b के अनुपात में, हम पहले पद ‘a’ को पूर्ववर्ती और दूसरे ‘b’ को उत्तरवर्ती कहा जाता हैं।

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ध्यान दें: अगर अनुपात के प्रत्येक पद को एक ही किसी गैर शून्य संख्या से विभाजित या गुणा किया जाता है, तो इससे अनुपात प्रभावित नहीं होगा।

अनुपात के विभिन्न प्रकार: - अनुपात प्राय: छह प्रकार के होते हैं-

  • यौगिक अनुपात:- यह अंशो और हरों के एक साथ गुणन द्वारा प्राप्त किया जाता है। a:b और c: d का यौगिक अनुपात ac : bd है।
  • डुप्लिकेट अनुपात: -यदि x और y दो नंबर है, तो उन दोनों का डुप्लीकेट अनुपात x2:y2 होगा।
  • उप-डुप्लिकेट अनुपात: - यदि x और y दो नंबर है, तो उन दोनों का उप-डुप्लीकेट अनुपात x1/2:y1/2 होगा।
  • त्रिपलीकेट अनुपात: - यदि x और y दो नंबर है, तो उन दोनों का त्रिपलीकेट अनुपात x3:y3 होगा।
  • उप- त्रिपलीकेट अनुपात: - यदि x और y दो नंबर है, तो उन दोनों का उप-त्रिपलीकेट अनुपात x1/3 :y1/3 होगा।
  • इनवर्स अनुपात:- जब पूर्ववर्ती और उत्तरवर्ती को परस्पर बदल दिया जाता है तो इसके फलस्वरूप इनवर्स अनुपात प्राप्त होता है।

उदाहरण: 4:3, 15:20, 2: 6 और 3: 5 का यौगिक अनुपात क्या होगा?

 

उदहारण: अगर हम 495 को दो भागों में इस तरह से विभाजित करते है कि वे 7: 2 के अनुपात में हैं| अत:, दोनों भागों का मान ज्ञात कीजिये?

उत्तर: मान लीजिये, वास्तविक चर 7x और 2x है।

अत: प्रश्नानुसार,  7x + 2x = 495; => x = 55;

अत:, प्रथम अंश = 7 × 55 = 385;

दूसरा अंश= 2 × 55 = 110;

ध्यान दें:

यदि प्रथम, द्वितीय, और तृतीय मात्राओं का अनुपात ac : bc : bd दिया गया है। तो, पहली और दूसरी मात्रा के बीच का अनुपात  a:b और दूसरी व तीसरी मात्रा के मध्य अनुपात c:d होगा।

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इसी तरह, प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ मात्राओं के बीच का अनुपात ace : bce : bde : bdf दिया गया है| तो, पहली और दूसरी मात्रा के बीच का अनुपात  a:b,  दूसरी व तीसरी मात्रा के मध्य अनुपात c : d, और तीसरी व चौथी मात्राओं के बीच अनुपात e : f  होगा।

SSC क्वांटिटेटिव एपटीत्युड टिप्स: समानुपात (Proportion)

चार मात्राओं को समानुपाती तभी कहा जाता है, जब उनमें से कोई दो अनुपात बराबर होंगे यानि, अत:, A, B, C और D समानुपाती है। इसको  "::"  द्वारा दिखाया जाता है व A : B ::  C : D  एक के रूप में लिखा जाता है, इसमें A और D कार्नर वैल्यूज(Extremes) है और B और C मध्यिकाएं है|
                                                                      A x D == B x C
डायरेक्ट समानुपात:-  दी गयी दो मात्रायें इस प्रकार से संबंधित होती हैं कि अगर एक मात्रा बढ़ती है (या कम हो जाती है) तो अन्य मात्रा भी बढ़ जाती है (या कम हो जाती है)

उदाहरण: 5 कलम का लागत मूल्य रु० 10 है तो 15 कलम का लागत मूल्य क्या होगा?

उत्तर: यह देखा गया है कि अगर कलम की संख्या बढ़ जाती है तो लागत भी बढ़ जाती है। इसलिए,

5 कलम: 15 कलम :: 10 रु: आवश्यक लागत;

आवश्यक लागत = = 150/5 = 30 रुपये

इनवर्स अनुपात:- यदि दी गयी दो मात्रायें इस प्रकार से संबंधित हैं कि एक मात्रा बढ़ जाती है (या कम हो जाती है) तो अन्य मात्रा कम हो जाती है| (या बढ़ जाती है)

उदाहरण: यदि 10 पुरुष किसी कार्य को 20 दिनों में कर सकते हैं, तो 20 पुरुष उसी कार्य को करने में कितना समय लेंगे?

उत्तर: यहाँ अगर पुरुषों की संख्या में वृद्धि करते है तो दिनों की संख्या में कमी हो जाएगी| अत:, यह इनवर्स अनुपात का मामला है, इसलिए

10 पुरुष: 20 पुरुष :: आवश्यक दिनों की संख्या: 20 दिन

इसी तरह, आवश्यक दिनों की संख्या = 200/20 = 10 दिन

तीन का नियम: इस नियम का उपयोग समानुपात में चौथे पद को ज्ञात करने में किया जाता है जबकि अन्य तीनो पद a : b :: c : d के अनुपात में दिए गए हो|

SSC क्वांटिटेटिव एपटीट्युड टिप्स और ट्रिक्स: नाव और धारा

SSC क्वांटिटेटिव एपटीत्युड टिप्स: अभियोग (Allegation)

अभियोग शब्द का मतलब “जोड़ना” होता है। इसका प्रयोग अनुपात का पता लगाने के लिए किया जाता है, जब निम्न में से कोई भी शर्त दी गयी हो-

1. अनुपात, जिसमें दिए गए मूल्य की सामग्रियों को मिलाकर एक तय कीमत पर एक नया मिश्रण का उत्पादन करना होता है।

2. मिश्रण का औसत मूल्य दिया हो, जब दो या अधिक सामग्री को उनकी कीमत और मात्रा के अनुपात में मिलाया जाता है|

गणितीय सूत्र:

दो घटक के लिए: -

उदाहरण: 3.20 रुपये प्रति किलो वाले चावल और 3.50 रुपये प्रति किलोग्राम वाले चावल को किस अनुपात में मिलाया जायें कि नए मिश्रण के चावल का दाम 3.35 रुपये प्रति किलो हो जाएँ?

 

इसलिए, वे बराबर अनुपात यानि 1:1 में मिलाया जाना चाहिए|

उदाहरण : तीन प्रकार के चावलों, जिनका मूल्य प्रति किलो० क्रमश: रु० 1.20, रु० 1.45, और रु० 1.74 है, को किस अनुपात में मिलाया जायें की नए मिश्रण का मूल्य रु० 1.40 प्रति किलो० हो जाएँ?

उत्तर: पहले प्रकार के चावल की लागत = 120 पैसा, दूसरे प्रकार के चावल की लागत = 145 पैसा और तीसरे प्रकार के चावल की लागत = 174 पैसा;

अत: उपरोक्त नियम के अनुसार,

इसलिए, चावल के नए मिश्रण को तैयार करने के लिए, इन तीनों चावलों को 39:20:20  में मिश्रित किया जाना चाहिए।

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