विजय कुमार 27 साल बाद बनें सरकारी टीचर, सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती
किसी ने सच ही कहा है कि सफलता और अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। बस मन में लगन और अपनी गलतियों से सीखने का जज्बा होना चाहिए। विजय कुमार शर्मा की कहानी भी यही ब्यां करती है, जिन्हें तकरीबन 27 साल बाद यानी 59 की उम्र में सरकारी टीचर की नौकरी मिली। आज देश उनकी हिम्मत और हौंसले को सलाम कर रहा है।
“विजय कुमार शर्मा” आज यह नाम देश में चमक रहा है क्योंकि जिन्होंने यह साबित कर दिखाया कि सपने पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती। विजय को 27 साल संघर्ष करने के बाद 59 की उम्र में सरकारी टीचर की नौकरी मिली। उन्हें उत्तर प्रदेश के शामली के एक सरकारी सहायता प्राप्त (एडिड) स्कूल में संस्कृत के प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के पद पर नियुक्त किया गया है। अब वे 62 साल तक नौकरी करेंगे। आइए विजय की इस विजयी सफलता के बारे में विस्तार से जानें।
आखिर कौन है विजय कुमार शर्मा?
विजय कुमार शर्मा उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बढ़वाढ़ गांव के रहने वाले हैं। लगभग 26 सालों से वे बड़ौत के पास एक निजी स्कूल में पढ़ा रहे थे। विजय के पिता का नाम लक्ष्मण सिंह था, जो पेशे से एक टीचर थे। बेटे ने भी पिता की तरह सरकारी टीचर बनने का सपना देखा, जो करीब 27 साल बाद पूरा हुआ। हालांकि 59 की उम्र में सरकारी टीचर बनने के लिए विजय को काफी संघर्ष करना पड़ा।
सरकारी टीचर बनना नहीं था आसान
विजय ने साल 1999 में पहली सरकारी टीचर बनने के लिए परीक्षा दी थी पर सफल नहीं हो सकें। इस दौरान उन्होंने 6 बार ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) की लिखित परीक्षा और 4 बार पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) की परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में पास न होने की वजह से विजय का सलेक्शन नहीं हो सका। हालांकि इस दौरान उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी गलतियों से सीखते रहें और आगे बढ़ते रहें। आखिकार 27 साल बाद वह सुनहरा दिन भी आया जब उनका चयन टीजीटी टीचर के रुप में हुआ।
हालांकि कमाल की बात यह है कि विजय की बेटी ने भी इस परीक्षा को पास किया है और वे वेटिंग लिस्ट में है। उन्हें आशा है कि जल्द बेटी भी सरकारी टीचर के रूप में चयनित हो जाएगी।
Farhan Khan is an education journalist with over 3 years of experience specializing in the public sector recruitment space. From UPSC and SSC to Banking and Defense, he provides end-to-end coverage on exam notifications, admit cards, and Sarkari results. Farhan holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambheshwar University and blends research-driven journalism with creative storytelling to guide aspirants through their exam preparation journeys.