India's first carbon neutral drone: भारत की सबसे बड़ी ड्रोन स्टार्टअप गरुड़ एयरोस्पेस (Garuda Aerospace) ने वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के प्लेटफार्म से पहले कार्बन-न्यूट्रल ड्रोन को लांच किया. जो गरुड़ एयरोस्पेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. गरुड़ एयरोस्पेस WEF के वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया.
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम का वार्षिक सम्मेलन दावोस में आयोजित किया जा रहा है. वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम जैसे प्रतिष्टित प्लेटफार्म से इस तरह की लॉन्चिंग ग्लोबल लेवल पर भारत की कार्बन-न्यूट्रल प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.
गरुड़ एयरोस्पेस के संस्थापक और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने बताया कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के साथ साथ ग्लोबल लेवल पर इसकी लॉन्चिंग अधिक खास है.
India's 1st ever sustainable drone at the World Economic Forum in Davos!
— Prasar Bharati News Services & Digital Platform (@PBNS_India) January 20, 2023
India’s drone startup company, @garuda_india, unveiled the first-ever carbon-neutral drone at the Indian Sustainability Lounge of @wef on January 19.@Davos #Davos2023
Read- https://t.co/dQYIoNB7YT
कार्बन-न्यूट्रल ड्रोन, हाइलाइट्स:
ड्रोन स्टार्टअप कंपनी, गरुड़ एयरोस्पेस ने 19 जनवरी को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के इंडियन सस्टेनेबिलिटी लाउंज में पहले कार्बन-न्यूट्रल ड्रोन का अनावरण किया.
इस अवसर पर गरुड़ एयरोस्पेस ने घोषणा की कि अगले 15 महीनों में 25,000 से अधिक ड्रोन का निर्माण किया जायेगा जो कृषि क्षेत्र में क्रांति लाएगा.
पीएम मोदी ने पूरे भारत के 100 गांवों में 100 किसान ड्रोन को हरी झंडी दिखाई थी जो कृषि हरित क्रांति 2.0 की शुरुआत थी जिसकी मदद से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए है.
स्टार्ट-अप और निवेश WEF के अन्य एजेंडे में प्रमुख है और इस प्रकार का कार्बन-न्यूट्रल पहल WEF के क्लाइमेट एक्शन टारगेट के अनुरूप है.
कार्बन-न्यूट्रल ड्रोन का महत्व:
इस प्रकार के कार्बन-न्यूट्रल ड्रोन के प्रयास से भारत में तेजी से बढ़ रहे स्टार्टअप की क्षमता को दर्शाता है और आगे आने वाले समय में अन्य भारतीय टेक स्टार्टअप को प्रेरित करेगा.
इस तरह के इनोवेटिव आइडियाज से भारत के नेट जीरो कार्बन इमिशन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी साथ ही ऐसे प्रयास पीएम मोदी की जीरो कार्बन इमिशन की प्रतिबद्धता को भी बल देगा. पीएम मोदी ने हरियाणा के मानेसर से भारत के पहले किसान ड्रोन को लांच किया था.
भारत में ड्रोन का भविष्य:
भारत के टेक स्टार्टअप देश में ड्रोन के विकास में काफी प्रगति की है. फिक्की की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में ड्रोन और इसका बिज़नेस 2030 तक लगभग 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का हो जायेगा.
भारत में अब भी बाहर से ड्रोन इम्पोर्ट किये जा रहे है जो ग्लोबल इम्पोर्ट का लगभग 22.5 प्रतिशत है. लेकिन आने वाले समय में इस आकड़े में कमी देखी जाएगी क्योंकि भारत के ड्रोन स्टार्टअप इस समय काफी तेजी आगे बढ़ रहे है.
गरुड़ एयरोस्पेस:
भारत के इस ड्रोन मेकिंग स्टार्टअप की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी. यह भारत का तेजी से बढ़ता हुआ ड्रोन स्टार्टअप है. इसका मुख्यालय चेन्नई में स्थित है जो मुख्य रूप से कृषि आधारित ड्रोन का निर्माण करता है.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation