अमेरिका की येल और कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अध्ययन के तहत वायु प्रदूषण सूचकांक जनवरी 2012 के अंतिम सप्ताह में जारी किया गया. वायु प्रदूषण सूचकांक में 132 देशों की सूची में भारत का स्थान 125वां है. सौ बिंदुओं वाले इस विश्लेषण में भारत को न्यूनतम अंक 3.73 दिया गया है.
वायु प्रदूषण सूचकांक में सबसे स्वच्छ वायु वाले दस देशों में यूरोपीय देश स्विटजरलैंड 76.69 अंकों के साथ सबसे आगे है. लातविया, नॉर्वे, लक्जमबर्ग और कोस्टारिका शीर्ष पांच स्थानों में क्रम से शामिल है. इस सूची में ब्राजील को 30वां स्थान मिला है. अमेरिका 49वें स्थान पर, फ्रांस छठे स्थान पर, ब्रिटेन नौवें स्थान पर, जर्मनी 11वें स्थान पर और जापान 23वें स्थान पर है.
सूचकांक में भारत के साथ आखिरी दस देशों में इराक (25.32), तुर्केमेनिस्तान (31.75) और उज्बेकिस्तान (32.24) जैसे देश हैं. सूची में सबसे निचले पांच स्थान पर आए देश हैं - दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और इराक.
वायु प्रदूषण सूचकांक विश्व के देशों के पर्यावरण संबंधी सौ बिंदुओं को 22 श्रेणियों के अंतर्गत रखकर निर्धारित किया गया है. इनमें से दस प्रमुख श्रेणियां हैं: पर्यावरण स्वास्थ्य, जल (मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव), वायु प्रदूषण (प्रकृति पर प्रभाव), वायु प्रदूषण (मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव), जल संसाधन (प्रकृति पर प्रभाव), जैव विविधता, उपजाऊपन, वन, मछली पालन, कृषि और पर्यावरण परिवर्तन.
वायु गुणवत्ता पर आधारित 132 देशों में हुए अध्ययन में भारत आखिरी दस देशों में शामिल है. पड़ोसी बांग्लादेश और चीन की स्थिति भी भारत से बेहतर है. चीन को 116वां स्थान मिला है. जबकि बांग्लादेश ने भारत से कहीं बेहतर अंक 13.66 हासिल किए हैं.
ज्ञातव्य हो कि वायु प्रदूषण सूचकांक निकालने के लिए येल और कोलंबिया विश्वविद्यालय 2006 से लगातार हर दो साल पर आंकड़े जारी करती है.
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