एशियाई विकास बैंक के मुख्य कार्य और भारत के विकास में क्या भूमिका है ?

May 28, 2018, 16:48 IST

एशियाई विकास बैंक (ADB) की स्थापना 1966 में हुई थीl इस बैंक की स्थापना का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देना थाl 1 जनवरी, 1967 को इस बैंक ने पूरी तरह से काम करना शुरू किया थाl इसका मुख्यालय “मनीला”, फिलीपींस में स्थित हैl इसकी अध्यक्षता हमेशा जापानी को दी जाती है जबकि इसके 3 डिप्टी चेयरमैन का पद किसी अमेरिका, यूरोप और एशिया के नागरिक को दिया जाता हैl

Asian Development Bank Head office
Asian Development Bank Head office

एशियाई विकास बैंक (ADB) एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसकी स्थापना 19 दिसम्बर 1966 को की गयी थीl इस बैंक की स्थापना का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देना थाl 1 जनवरी, 1967 को इस बैंक ने पूरी तरह से काम करना शुरू किया थाl इसका मुख्यालय “मनीला”, फिलीपींस में स्थित हैl इसकी अध्यक्षता हमेशा एक जापानी को दी जाती है जबकि इसके 3 डिप्टी चेयरमैन का संबंध अमेरिका, यूरोप और एशिया से होता हैl एशियाई विकास बैंक के वर्तमान अध्यक्ष और एशियाई विकास बैंक के निदेशक मंडल के अध्यक्ष “ताकेहिको नकाओ” हैं जिनका संबंध जापान से हैl

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एशियाई विकास बैंक (ADB) के कार्य

1. ADB , अपने विकासशील सदस्य देशों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ऋण और इक्विटी निवेश की व्यवस्था करनाl

2. विभिन्न विकास परियोजनाओं और सलाहकार सेवाओं की तैयारी और क्रियान्वयन के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करनाl

3. सदस्य देशों द्वारा विकास के लिए विकास संबंधी नीतियों और योजनाओं के समन्वय में सहायता के लिए अनुरोध करने पर प्रतिक्रिया देनाl

4. ADB द्वारा 1974 में “एशियाई विकास निधि” का गठन किया था जिसके माध्यम से रियायती ब्याज दरों पर एशियाई देशों को ऋण प्रदान किया जाता हैl

बहुपक्षीय विकास को समर्थन देने वाली वित्तीय संस्था के रूप में “एशियाई विकास बैंक” निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करता है:

I. ऋण

II. तकनीकी सहायता

III. अनुदान

एशियाई विकास बैंक के ग्राहक इसके सदस्य देश हैं, जो इसके शेयरधारक भी हैंl इसके अलावा यह इक्विटी निवेश और ऋण के माध्यम से सदस्य देशों में विकास के लिए निजी उद्यमों को प्रत्यक्ष रूप से सहायता प्रदान करता हैl

एशियाई विकास बैंक निम्नलिखित सहायता माध्यमों के द्वारा विकास को बढ़ावा देता है:

I. नीतिगत संवाद सुगम बनाना

II. सलाहकार सेवाएं प्रदान करना और

III. सह-वित्तपोषण के संचालन के माध्यम से वित्तीय संसाधनों को गति प्रदान करना जो आधिकारिक, वाणिज्यिक और निर्यात क्रेडिट स्रोतों को प्रोत्साहित करते हैं

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फोकस के क्षेत्र और परिणाम

एशियाई विकास बैंक की कार्यप्रणाली को मुख्यतः समावेशी आर्थिक विकास, पर्यावरण की दृष्टि से स्थायी विकास और क्षेत्रीय एकीकरण के तीन पूरक एजेंडे को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया हैl एशियाई विकास बैंक अपने दुर्लभ संसाधनों का उपयोग अपेक्षाकृत अपने ताकत को सुदृढ़ करने के लिए करता है, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्र आते हैं:

I. जल, ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी से जुड़े मूलभूत सुविधाएं

II. वातावरण

III. क्षेत्रीय सहयोग और एकीकरण

IV. वित्तीय क्षेत्र का विकास

V. शिक्षा

VI. स्वास्थ्य

VII. कृषि और प्राकृतिक संसाधन

VIII. सार्वजनिक क्षेत्र का प्रबंधन

एशियाई विकास बैंक के वित्तपोषण (Funding) का स्रोत क्या है?

एशियाई विकास बैंक दुनिया के पूंजी बाजारों में बांड जारी कर धन जुटाता हैl यह संस्था अपने सदस्यों के योगदान द्वारा, ऋण के माध्यम से और ऋण लेने वाले सदस्यों द्वारा वापस किए गए धन के माध्यम से धन उगाही करता हैl इसके अलावा यह संस्था कई विशेष निधियों के माध्यम से ऋण और अनुदान भी प्रदान करता है।

वर्ष 2010 में एशियाई विकास बैंक के पूंजी स्टॉक में भारत की भागीदारी 6.05% थी जिसके कारण

इस बैंक की मतदान क्षमता में भारत की हिस्सेदारी 7.090% थीl सन 2015 में एशियाई विकास बैंक में भारत की शेयर हिस्सेदारी 6.5% थी जबकि जापान की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 15.6% थीl

एशियाई विकास बैंक द्वारा कितनी धनराशि की सहायता प्रदान की जाती है?

एशियाई विकास बैंक द्वारा 2016 में खर्च की गई धनराशि 31.5 बिलियन डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी थी जो कि 2015 में 26.9 बिलियन डॉलर थी और इसमें 17% की वृद्धि हुई थीl एशियाई विकास बैंक द्वारा संप्रभु (sovereign) और गैर-संप्रभु (non sovereign) कार्यों के संचालन के लिए 2016 में 17.5 बिलियन डॉलर राशि की मंजूर की गई थी, जोकि 2015 में 16.0 अरब डॉलर थी और इसमें 9% की वृद्धि की गई थीl इसके अलावा 2016 में तकनीकी सहायता के लिए 2015 में जारी किए गए 141 मिलियन डॉलर की धनराशि में 20% की वृद्धि करके 170 मिलियन डॉलर की धनराशि मंजूर की गई थीl

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एशियाई विकास बैंक और भारत

भारत ने 1986 में पहली बार एशियाई विकास बैंक की साधारण पूंजीगत संसाधनों से उधार लेना शुरू किया थाl भारत, मुख्य रूप से ऊर्जा, परिवहन, संचार, वित्त, उद्योग, शहरी बुनियादी ढांचों, कृषि और सिंचाई जैसे क्षेत्रों के लिए एशियाई विकास बैंक से ऋण लेता हैl

 adb and help to india

Image source:SlideShare

हाल ही में 31 मार्च 2017 को एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत भर में सड़कों और घरों में कम उर्जा की खपत वाले (energy-efficient) लाखों बल्ब लगाने के साथ-साथ कम उर्जा की खपत वाले (energy-efficient) वाटर पंपों (water pumps) को लगाने के लिए 200 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी हैl इस सौदे के द्वारा प्रति वर्ष लगभग 3800 गीगावाट घंटा (GWh) ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलेगीl

एशियाई विकास बैंक का लक्ष्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र को गरीबी से मुक्त करना हैl इसका लक्ष्य विकासशील सदस्य देशों में गरीबी को कम करने और वहां के लोगों के जीवन-स्तर की गुणवत्ता में सुधार के लिए मदद करना हैl कई सफलताओं के बावजूद इस क्षेत्र में दुनिया के सर्वाधिक गरीब लोग रहते हैं, जिनमें से 330 मिलियन लोग की दैनिक आमदनी 1.90 डॉलर से कम है, जबकि 1.2 बिलियन लोगों की दैनिक आमदनी 3.10 डॉलर से कम हैl

इसलिए यह कहा जा सकता है कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ढांचागत विकास परियोजनाओं में एशियाई विकास बैंक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यह सफ़र आगे आने वाले सालों में भी चलता ही रहेगा l

भारतीय रिज़र्व बैंक के मुख्य कार्य क्या हैं

Hemant Singh is an academic writer with 7+ years of experience in research, teaching and content creation for competitive exams. He is a postgraduate in International
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