Green Tea और Black Tea में क्या होता है अंतर, जानें
आज के दौर में भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा अपनी सेहत को लेकर भी चिंतित हो रहा है। इसके लिए कसरत से लेकर डाइट पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, खान-पान में बदलाव के साथ ग्रीन और ब्लैक टी को तवज्जों दी जा रही है। हालांकि, इन दोनों में ही अंतर है। इस लेख के माध्यम से हम आपको इन दोनों के बीच अंतर बताने जा रहे हैं। जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारतीयों के जीवन में चाय का अहम स्थान है। सुस्ती को दूर करना हो या फिर किसी के साथ चर्चा, ऐसे मौके पर चाय का अपना एक स्थान है। हालांकि, आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम में पसीना बहाते हैं। साथ ही अपने खान-पान की चीजों में भी बदलाव कर रहे हैं। इस कड़ी में कुछ लोग दूध वाली रेगुलर चाय को छोड़कर ग्रीन टी या फिर ब्लैक टी की तरफ बढ़ रहे हैं। दोनों ही चाय सेहत के लिए लाभकारी हैं, हालांकि इन दोनों में ही अंतर मौजूद है और दोनों के ही अपने-अपने लाभ हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको इन दोनों के बीच अंतर और लाभ बताने जा रहे हैं। जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
क्या होती है ग्रीन टी
ग्रीन टी कैमिलिया सिनेंसिस प्लांट की पत्तियों से बनी होती है। आम चाय की तुलना में इसमें दूध को नहीं मिलाया जाता है। इसकी पत्तियां ऑक्सीडाइज्ड नहीं होती हैं। यह चाय EGCG एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जिससे हमें हृदय संबंधी बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर रहता है। यह नेचर में कम एसिडिक होने के साथ शरीर रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को भी बढ़ा देती है और त्वचा पर निखार लाने में भी मदद करती है।

क्या होती है ब्लैक टी
ब्लैक टी भी कैमिलिया सिनेंसिस प्लांट की पत्तियों से बनी होती है। यदि कम मात्रा में इसका सेवन किया जाए, तो इससे तनाव से राहत मिलती है। क्योंकि, इसका कम मात्रा में सेवन करने से शरीर में तनाव हॉर्मोन का कम रिसाव होता है, जिससे मूड ठीक रहता है। इसमें एमिनो एसिड एल-थिनिन भी पाया जाता है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। वहीं, यह भी हमारे दिल के लिए लाभकारी है। हालांकि, नेचर में यह अधिक एसिडिक होती है। ब्लैक टी में थाईफ्लेविन पाया जाता है, जो कि ब्लड वेसल्स की रक्षा करता है। साथ ही यह शरीर में शुगर कंट्रोल करने में भी मदद करती है।
Green Tea और Black Tea में प्रमुख अंतर
-ग्रीन टी में कम मात्रा में कैफिन होता है, जबकि ब्लैक टी में अधिक मात्रा में कैफिन होता है। हालांकि, इन दोनों चाय में ही रेगुलर चाय और कॉफी की तुलना कम कैफिन होता है। कैफिन हमारे दिमाग को बूस्ट करता है, जिससे प्रतिक्रिया बढ़ती है और दिमाग फ्रेश हो जाता है।
-ग्रीन टी कम एसिडिक नेचर की होती है, जबकि ब्लैक टी अधिक एसिडिक नेचर की होती है।
-ब्लैक टी की तुलना में ग्रीन टी महंगी होती है, जबकि ब्लैक टी आपको कम दाम पर उपलब्ध हो जाती है।
-ब्लैक टी में थाईफ्लेवीन पाया जाता है, जो कि हृदय की रक्त वाहिकाओं की रक्षा करता है, जबकि ग्रीन टी में यह नहीं होता है। हालांकि, ग्रीन टी में ईजीसीजी होने से दिल की बीमारियों होने की संभावना कम रहती है।
-ब्लैक टी ऑक्सीडाइज्ड होती है, जबकि ग्रीन टी ऑक्सीडाइज्ड नहीं होती है।
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