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भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के बीच क्या अंतर होता है?

राजमार्ग और एक्सप्रेसवे आम शब्द हैं जिनका हम ज्यादातर कभी न कभी उपयोग करते हैं और इन मार्गों पर यात्रा भी करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग या हाईवे और एक्सप्रेसवे क्या होते हैं, उनमें क्या अंतर होता है? इसके अलावा, भारत में सबसे लंबा और सबसे छोटा राजमार्ग कौन सा है, उनकी क्या विशेषताएं हैं इत्यादि? आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.
Feb 6, 2019 14:34 IST
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What is the difference between Highway and Expressway in India?
What is the difference between Highway and Expressway in India?

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है जो सभी प्रमुख और छोटे शहरों, कस्बों, गांवों को क्रमशः जोड़ता है. आपको बता दें कि भारतीय सड़क नेटवर्क में एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और अन्य प्रमुख जिले और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. क्या आप एक्सप्रेसवे और राजमार्गों के बीच के अंतर को जानते हैं? एक्सप्रेसवे के लिए उपयोग किए जाने वाले अन्य शब्द क्या होते हैं? आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

राष्ट्रीय राजमार्ग क्या होता है?

राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क के बुनियादी ढांचे की रीढ़ हैं जो भारत के हर प्रमुख शहर को जोड़ती है चाहे बंदरगाह, राज्यों की राजधानी हो इत्यादि. इसमें दो, चार या अधिक लेन होते हैं जो चारकोल या कोयला और कुछ सीमेंट कंक्रीट द्वारा निर्मित किए जाते हैं. भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रेड सड़कों पर है. देखा जाए तो राजमार्गों पर गति ज्यादातर अनियंत्रित होती है जिसके कारण यह पैदल या साइकिल चालकों के लिए खतरनाक होते हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि राष्ट्रीय राजमार्ग ने देश के आर्थिक विकास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है क्योंकि कई शहरों के साथ व्यापार राजमार्गों के माध्यम से ही होता है.

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Source: www.theindianiris.com
यह नेटवर्क सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के स्वामित्व में है. इसका निर्माण और प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL) और राज्य सरकारों के लोक निर्माण विभाग (PWDs) द्वारा किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि NH को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, 1988 द्वारा स्थापित किया गया था. यह प्रधिकरण राजमार्ग विकास, रखरखाव और टोल संग्रह के लिए निजी और सार्वजनिक साझेदारी मॉडल का उपयोग करता है. यहीं आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना राजमार्गों के नेटवर्क को विस्तारित और अपग्रेड करने के लिए बनाई जाती है.

भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग - 228
राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई - 1,31,326 किमी
अधिकतम गति (दोपहिया) - 80 किमी / घंटा
अधिकतम गति (कारें) - 100 किमी / घंटा
सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग - NH 44, 3745 किमी लंबा और उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को कवर करता है. यह उत्तर में श्रीनगर से शुरू होता है और दक्षिण में कन्याकुमारी में समाप्त होता है.
भारत में सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग - NH 47A जो NH 47 से कुंडनूर (Kundannur) से शुरू होता है.

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एक्सप्रेसवे क्या होता है?

भारत में एक्सप्रेसवे में उच्च वर्ग की सड़कें होती हैं. ये छह से आठ लेन नियंत्रित एक्सेस रोड नेटवर्क वाले राजमार्ग होते हैं. मूल रूप से, एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं से युक्त होते हैं, जिनमें एक्सेस रैंप, ग्रेड सेपरेशन, लेन डिवाइडर और एलिवेटेड सेक्शन जैसी आधुनिक सुविधाएँ होती हैं. इनमें प्रवेश और निकास छोटी सड़कों के उपयोग द्वारा नियंत्रित किया जाता है.

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Source: www indiatoday.in.com
क्या आप जानते हैं कि एक्सप्रेसवे कई स्मार्ट और इंटेलिजेंट फीचर्स से लैस है, जिसमें एक हाइवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (HTMS) और वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) भी शामिल हैं. भविष्य के राजमार्गों के लिए ये सिस्टम एक बेंचमार्क सेट करेंगे और पर्यावरण के अनुकूल भी हैं. एक्सप्रेसवे को द्रुतमार्ग, या द्रुतगामी मार्ग भी कहा जाता है. राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे प्रधिकरण सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत संचालित किए जाते हैं और इनके निर्माण और रखरखाव के लिए भी प्रभारी होते हैं.

भारत में कुल एक्सप्रेसवे (परिचालन) - लगभग 21 से 25
भारत में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई - 1581,4 किमी
सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे - अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे को भारत में सर्वश्रेष्ठ एक्सप्रेसवे के रूप में जाना जाता है. यह 95 किमी लंबा है.
भारत में सबसे लंबा एक्सप्रेसवे - आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, 302 किमी लंबा
एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम सीमा गति - 120 किमी / घंटा
एक्सप्रेसवे पर दो पहिया वाहनों के लिए अधिकतम सीमा गति - 80 किमी / घंटा

एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच अंतर

राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के बीच मुख्य अंतर 'पहुंच' नियंत्रण का है.
- एक्सप्रेसवे में, सड़कें बहुगुणित नहीं होती हैं, वहाँ पर पहुँच नियंत्रित होती है यानी कि जहाँ वाहन एक सीमित स्थान से प्रवेश कर सकता है और आगे या अन्य सड़क विलय या एक्सप्रेसवे को कहीं भी पार नहीं करता है.  इसको ऐसे भी समझा जा सकता है कि एक्सप्रेसवे तक पहुँचने के रास्ते सिमित होते हैं यानी कुछ निर्धारित जगहों से ही वाहन एक्सप्रेसवे पर पहुंचते हैं. इससे कोई दूसरी सड़क न तो जुड़ती है और ना ही होकर गुजरती है. इसके कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होती है. लेकिन राष्ट्रीय राजमार्गों के मामले में, कई सड़कें ऐसी हैं जो कई स्थानों पर राजमार्गों के साथ विलय या उसको पार करती हैं यानी राजमार्ग से होकर कई रास्ते गुज़रते और जुड़ते हैं.

- राजमार्ग रोडवेज को दिया जाने वाला एक सामान्य शब्द है जो महत्वपूर्ण शहरों, गावों इत्यादि को जोड़ता है और आमतौर पर उच्च गति यातायात प्रदान करने के लिए इसमें मुख्य तौर पर 4 लेन होते हैं. लेकिन एक्सप्रेसवे एक उच्च गति वाली सड़कों का ढाचा होता है जिसमें कम सडकें जुड़ती हैं या थोड़ी सी पहुंच होती है. इसमें कई सुविधाएं भी होती हैं जैसे एक्सेस रैंप, लेन डिवाइडर इत्यादि. ऐसा राष्ट्रीय राजमार्ग में नहीं होता है.

क्या आप फ्रीवे (Freeway) के बारे में जानते हैं?

फ्रीवे मूल रूप से उच्च गति वाले वाहनों के आवागमन के लिए बनाया गया है. यह नियंत्रित अभिगम राजमार्ग का एक उच्चतम वर्ग है. आपको बता दें कि भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग प्रणाली में केवल दो ही फ्रीवे हैं जो मुंबई द्वीप शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए पूर्वी फ्रीवे और पश्चिमी फ्रीवे बनाए गए हैं.

तो, अब आप जान गए होंगे कि एक्सप्रेसवे कई सुविधाओं के साथ उच्च गति वाली सड़के होती हैं और पहुंच कम होती है लेकिन राजमार्ग में कई सड़कें होती हैं और आमतौर पर इसमें 4 लेन होते हैं.

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