भारत में मुगलों की बनाई पहली इमारत कौन-सी है, जानें नाम और स्थान

Last Updated: Dec 29, 2025, 16:46 IST

भारत में मुगलों ने 300 साल से अधिक समय तक राज किया है। इस दौरान अलग-अलग मुगल शासकों ने भारत में भव्य इमारतों का निर्माण करवाया है। आज भी ये इमारतें भारत में मुगल स्थापत्य कला की प्रमाण हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में मुगलों द्वारा बनाई गई पहली इमारत कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

भारत में मुगलों की पहली इमारत
भारत में मुगलों की पहली इमारत

भारत इतिहास पर गौर करें, तो यहां दिल्ली सल्तनत काल से लेकर मुगल और मराठाओं से लेकर ब्रिटिश काल रहा है। इस दौरान भारत में अलग-अलग शैलियों में विभिन्न इमारतों का निर्माण हुआ, जो कि मुगल से लेकर इंडो-यूरोपियन शैली में बनाई गई हैं।

हालांकि, सबसे अधिक और भव्य इमारतों का निर्माण मुगलों द्वारा किया गया है, जिन्हें देखने के लिए आज दुनियाभर से लोग पहुंचते हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत में बनी मुगलों की पहली इमारत कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

भारत में किसने की थी मुगल साम्राज्य की स्थापना

भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर द्वारा 1526 में की गई थी। बाबर ने पानीपत की लड़ाई में दिल्ली सल्तनत के आखिरी शासक इब्राहिम लोदी को हरा दिया था। उसने इस युद्ध में तुलुगमा और अराबा तकनीक को अपनाया था। इन दोनों तकनीक के माध्यम से बाबर की 12 हजार सैनिकों वाली सेना ने लोदी की एक लाख सैनिकों वाली सेना को हरा दिया था। लोदी के मृत्यु के बाद बाबर ने आगरा को अपनी राजधानी बनाया था।

कौन-सी है मुगलों की बनी पहली इमारत

भारत में काबुली बाग मस्जिद को मुगलों द्वारा बनाई पहली इमारत माना जाता है। इस मस्जिद का निर्माण बाबर द्वारा 1527 ईस्वी में किया गया था। यह मस्जिद बाबर द्वारा जीती गई पानीपत की लड़ाई का प्रमाण थी कि उसने दिल्ली को फतेह कर लिया है। 

पत्नी के नाम पर बनवाई थी मस्जिद

बाबर ने इस मस्जिद का निर्माण अपनी पत्नी के नाम पर रखा। उसकी पत्नी का नाम मुस्म्मत काबुली बेगम था। ऐसे में अपनी पत्नी के सम्मान के रूप में बाबर द्वारा यह नाम चुना गया। मस्जिद का निर्माण समरकंद शैली में करवाने की कोशिश की गई थी, लेकिन भारत में उस समय इसके कुशल कारीगर नहीं थे। इस वजह से मस्जिद का निर्माण पूरी तरह समरकंद शैली में नहीं हो सका।

मस्जिद के चारों ओर बनवाए बाग

बाबर को बाग-बगीजों का बहुत शौक था। ऐसे में बाबर द्वारा मस्जिद के चारों ओर बाग-बगीचों का निर्माण किया गया था। इससे मस्जिद की सुंदरता और बढ़ गई थी। 

हूमायूं ने जोड़ा चबूतरा

बाबर के बेटे हूमायूं ने जब दिल्ली के शासक रहे शेर शाह सूर से दिल्ली वापस ली, तो उसने इस मस्जिद में एक चबूतरे का निर्माण करवाया, जिसे फतेह मुबारक कहा गया। आज भी इस मस्जिद को देखा जा सकता है, जिसकी पहचान पहली मुगल इमारत के तौर पर की जाती है। 

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पढ़ेंःभारत में मुगलों की आखिरी इमारत कौन-सी है, जानें नाम और जगह

 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Dec 29, 2025, 16:46 IST

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