भारत की पहली महिला सांसद कौन थी, यहां पढ़ें
भारत में वर्तमान में 104 महिला सांसद हैं। ये संख्या लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली महिला सांसद कौन थी, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में वर्तमान में लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर 104 महिला सांसद हैं। इनमें लोकसभा की बात करें, तो यहां कुल 74 महिला सासंद और राज्यसभा में कुल 30 महिला सांसद हैं।
राज्यसभा में हर दो साल में सदस्यों के सेवानिवृत्त होने की वजह से संख्या में बदलाव होता रहता है। वहीं, लोकसभा सांसद का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। हालांकि, क्या आप भारत की पहली महिला सांसद के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत की पहली महिला सांसद
भारत की पहली महिला सांसद राधाबाई सुबारायन थीं। उन्हें राजनीतिज्ञ के साथ-साथ समाज सुधारक और शिक्षाविद् के तौर पर भी जाना जाता था।
राधाबाई का प्रारंभिक जीवन
राधाबाई का जन्म 1891 में मंगलुरु में एक कोंकणी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई चेन्नई स्थित प्रेसीडेंसी कॉलेज से पूरी की। उनकी शादी प्रमुख राजनीतिज्ञ डॉ. पी. सुबारायन से हुई, जो कि बाद में मद्रास प्रेसीडेंसी के मुख्यमंत्री भी बने।
राजनीति में राधाबाई का सफर
साल 1938 में राधाबाई सुबारायन को केंद्रीय विधायिका के ऊपरी सदन यानि कि राज्य परिषद् के लिए चुना गया। उस समय यह चुनाव महिला आरक्षित सीट पर हुआ था, वह इस पद चुने जाने वाली पहली महिला थीं। ऐसे में उन्होंने भारत के आजाद होने से पहले सांसद के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
गोलमेज सम्मेलनों में क्या रही भूमिका
राधाबाई ने साल 1930 और 1931 में हुए गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया, जिसमें उन्होंने महिलाओं के मताधिकार और राजनीति में प्रतिनिधित्व को लेकर वकालत की।
बाल विवाह का किया विरोध
राधाबाई की पहचान प्रमुख समाज सुधारक के तौर पर भी रही है। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के कई प्रयास किए। साथ ही समाज में व्याप्त बाल विवाह का भी पुरजोर तरीके से विरोध किया, जिससे उन्हें नई पहचान मिली।
स्वतंत्रता के बाद कैसा रहा जीवन
भारत के आजाद होने के बाद उन्हें पहली लोकसभा के लिए नहीं चुना गया। हालांकि, वह मद्रास विधानसभा की सदस्य रहीं। भारत की पहली महिला सांसद होने के नाते उन्होंने कई महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया और उन्हें राजनीति का रास्ता दिखाया। यही वजह है कि भारतीय राजनीति में राधाबाई का विशेष स्थान है।
1960 में हुआ निधन
राधाबाई सुबारायन का निधन दिल्ली में 2 जून, 1960 को हुआ। हालांकि, उनका निधन कैसे हुआ, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी तरह सामान्य अध्ययन से जुड़ा अन्य लेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
पढ़ेंःभारत में किस शहर को कहा जाता है ‘इलायची का शहर’, यहां जानें जवाब
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.