G7 Summit 2024 Italy: जी-7 समूह की बैठक का इस बार क्या है एजेंडा, यहां पढ़ें पूरी जानकारी
G7 Summit 2024 Italy: इटली में G7 की 50वीं बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कई देशों के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति भी पहुंचे हैं। आर्थिक व सामाजिक रूप से महत्त्वपूर्ण यह समहू वैश्विक स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाए है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके निर्णयों का भी अहम प्रभाव पड़ता है। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समूह की बैठक में शामिल होने के लिए इटली पहुंचे हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत इस समूह का सदस्य है या नहीं, वहीं बैठक का एजेंडा क्या है, यदि नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
G7 Summit 2024 Italy: जी7, सात देशों के समूह को कहा जाता है। इसकी 50वीं बैठक का आयोजन इटली के पुगलिया(अपूलिया) में किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए भारत को भी न्यौता दिया गया है।
इस कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समूह की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। इस मंच का आयोजन आर्थिक मंच के रूप में किया गया था, हालांकि वर्तमान में इसके मुद्दों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा जैसी चुनौतियों को भी शामिल किया गया है।
यह समूह विश्व की करीब 45 फीसदी सकल घेरलू उत्पाद(GDP) को भी कवर करता है। वहीं, आबादी के लिहाज से यह दुनिया की करीब 10 फीसदी आबादी को कवर करता है। इस लेख के माध्यम से हम इस समूह के एजेंडे के बारे में जानेंगे।
G7 Summit 2024 Italy: क्या भारत है G7 समूह का सदस्य
आपको बता दें कि भारत जी-7 समूह का सदस्य नहीं है। हालांकि, भारत को इसकी बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया था। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में शामिल होने के लिए इटली के पुगलिया में पहुंचे हैं। आपको बता दें कि भारत 11वीं बार इसमें शामिल हो रहा है, जबकि इटली सातवीं बार इसे होस्ट कर रहा है।
G7 Summit 2024 Italy:जी-7 सदस्य देशों की सूची
जी-7 समूह, सात देशों का एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, इटली, कनाडा, फ्रांस और जर्मनी शामिल है।
G7 Summit 2024 Italy: बैठक का क्या है प्रमुख एजेंडा
बैठक के प्रमुख एजेंडे इस प्रकार हैंः
-यूक्रेन युद्ध- बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध एक अहम मुद्दा हो सकता है। यूक्रेन के लिए ऋण के रूप में सहायता राशि के लिए चर्चा हो सकती है।
-गाजा में युद्ध विराम-बैठक में गाजा युद्ध विराम को लेकर भी बात हो सकती है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रस्ताव रखा गया था। इसके तहत बंधकों की रिहाई और गाजा को सहायता राशि की बात की गई थी।
लाल सागर-बैठक में लाल सागर में जहाजों पर हुए हमलों को रोकने के लिए भी बैठक में चर्चा हो सकती है।
हिंद प्रशांत क्षेत्र- हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती दखलअंदाजी भी बैठक का बड़ा मुद्दा है। क्योंकि, यहां इसके सदस्य देश जापान की मौजूदगी भी है।
जलवायु परिवरर्तनः यहां जलवायु परिवर्तन में भी ऊर्जा कटौती का लक्ष्य है, जो कि 40 से 42 फीसदी तक रखा गया है।
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