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जाने भविष्य में आप आधार कार्ड से कैसे पेमेंट कर सकते हैं

भारत सरकार कैशलेस लेन-देन की व्यवस्था पर बल देने के उद्देश्य से जल्द ही आधार के जरिए पेमेंट करने वाला इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) एंड्रॉएड ऐप लाएगी| जिससे भविष्य में किसी भी तरह की शॉपिंग या ट्रांजेक्शंस के लिए कस्टमर को सिर्फ अपना आधार नंबर बताना होगा और सत्यापन के साथ ही ट्रांजेक्शन हो जाएगा|
Dec 12, 2016 17:51 IST
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आधार कार्ड आवेदनकर्ता को दिया गया 12 अंकों का अद्वितीय पहचान पत्र है, जो जीवनभर उस व्यक्ति की पहचान बताएगा| भारत सरकार की ओर से यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी (UIDAI) ने सभी भारतीय निवासी (विदेशी नागरिक सहित) को आधार कार्ड जारी करना शुरू किया है| यह कंप्यूटर के माध्यम से आटोमेटिक रूप से दी जाने वाली एक अद्वितीय संख्या है जो किसी जाति, पंथ या धर्म आदि पर आधारित नहीं है| यह संख्या भारत में कहीं भी किसी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा|

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Source:www.getaadhar.in.com

भारत सरकार का आधार कार्ड प्रोजेक्ट डिजिटल भारत की नई स्टैण्डर्ड आइडेंटिटी बनने जा रहा हैं| आने वाले समय में आधार कार्ड हर नागरिक के लिए न केवल जरूरी हो जाएगा बल्कि बहुत सी सरकारी सेवाएँ इसके बिना उपयोग में नही ली जा सकेंगी| भारतीय डाक द्वारा प्राप्त यूआधार (U-AADHAR) एवं यूआईडीएआई (UIDAI) की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार (e-AADHAR) दोनों ही समान रूप से मान्य हैं| हर व्यक्ति को जीवनभर के लिए केवल एक ही अद्वितीय आधार कार्ड क्रमांक दिया जाएगा| क्या आप जानते हैं कि यह अकेला डॉक्यूमेंट "पहचान प्रमाण" और "पते का प्रमाण" दोनों का काम करेगा?

क्या आपको पता हैं कि आधार कार्ड कौन बनवा सकता हैं?

आधार कार्ड को बनवाने के लिए कोई भी उम्र या लिंग का प्रतिबंध नहीं है| कानूनी रूप से कोई भी भारतीय निवासी जो आधार कार्ड बनाने संबंधी सभी नियमों पर पूरी तरह से खरा उतरता है वह आधार कार्ड के लिए नामांकन कर सकता है|

अब देखते हैं कि आधार कार्ड को बनवाने मैं कितना खर्च होता है और क्या इसे बनवाना अनिवार्य है?

आधार कार्ड को बनवाने में कोई भी खर्च नही लगता हैं| यह सभी भारतीय निवासियों के लिए मुफ्त है| हमें केवल इस बात का ध्यान रखना है कि इसके लिए हम एक ही बार आवेदन कर सकते हैं| जैसे-जैसे भारत डिजिटलाइजेशन (digitalisation) की ओर बढ़ रहा है वैसे-वैसे आधार कार्ड की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है| चूंकि सभी सरकारी एवं निजी एजेंसियां अब अपने कार्यकलापों में आधार कार्ड का उपयोग कर रही है, जिसके कारण आधार कार्ड बनवाना लगभग अनिवार्य हो चुका है, क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों में आधार कार्ड न होने पर हम कई सरकारी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं|

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आइये अब देखते हैं कि कैसे क्रेडिट और डेबिट कार्ड के बदले आधार कार्ड से ही पेमेंट हो सकती है?

जैसा कि हम जानतें हैं कि सरकार डिजिटल पेमेंट को मजबूत करना चाहती है और इसके लिए कैशलेस लेन-देन की व्यवस्था पर बल दिया जा रहा है| इसीलिए यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) जल्द ही आधार के जरिए पेमेंट करने वाला इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) एंड्रॉएड ऐप लाएगी| जिससे भविष्य में किसी भी तरह की शॉपिंग या ट्रांजेक्शंस के लिए कस्टमर को अपने साथ क्रेडिट और डेबिट कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं होगी, उसे सिर्फ अपना आधार नंबर बताना होगा और सत्यापन के साथ ही ट्रांजेक्शन हो जाएगा|

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Source:www.cdn.aadharcardkendra.org.in.com

हाल ही में डिजिटल भुगतान की विभिन्न प्रणालियों के अध्ययन के लिए गठित मुख्यमंत्रियों की समिति ने फैसला किया है कि सभी बैंकों में इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) एंड्रॉएड ऐप उपलब्ध रहेगा और बैंक अपने आस-पास के व्यापारियों एवं खाताधारकों को इसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित करेंगे| इस ऐप को टीसीएस (TCS) के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है|

अब सवाल यह उठता है कि यह ऐप का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा?

इसका इस्तेमाल करने के लिए एक स्मार्टफोन और फिंगरप्रिंट की जरूरत होगी और बगैर किसी कार्ड या पिन के जरिए लेन-देन किया जा सकेगा| इसके लिए यूआईडीएआई (UIDAI) अपनी बायोमेट्रिक जानकारी के प्रमाणन की क्षमता को बढ़ाकर 40 करोड़ प्रतिदिन करेगा और ज्यादा से ज्यादा जानकारी और जागरूकता को सम्पूर्ण भारत में फैलायेगा|

इसके आलावा मुख्यमंत्रियों की समिति ने यूएसएसडी (USSD) या स्टार99हैश (*99#) की यूजर फ्रेंडली वर्जन जारी करने की संस्तुति भी की है जिनका इस्तेमाल मोबाइल फोन से बगैर नकदी के भुगतान करने के लिए किया जाएगा| ऐसा माना जा रहा है कि 25 दिसंबर तक अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंटरी सर्विस डाटा (USSD) का अत्याधुनिक वर्जन बाजार में आ जाएगा|

अब देखते हैं कि आधार कार्ड के क्या-क्या फायदे है?

- बैंकिंग, राशन कार्ड, पासपोर्ट, मोबाइल फोन कनेक्शन, आदि सेवाओं के लिए आधार कार्ड "पहचान प्रमाण" और "पते के प्रमाण" के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है|

- आधार कार्ड की ऑनलाइन जांच आसानी से और कम खर्चे में हो सकती है|

- सर्विस प्रोवाइडर्स को बार बार "नो योर कस्टमर" (KYC) की जांच नहीं करनी पड़ेगी|

- भारत के निवासियों को उनके जनसांख्यिकीय और बॉयोमीट्रिक जानकारी के आधारित नामांकित किया जाएगा। इससे सरकारी और निजी डेटाबेस में से बहुत से डुप्लीकेट और जाली पहचान पत्र समाप्त करने में मदद मिलेगी|

- आधार कार्ड से गरीबों को बैंकिंग प्रणाली में प्रवेश का अवसर मिलेगा|

- आधार कार्ड से गरीब जनता को सरकारी और निजी क्षेत्र द्वारा प्रदान की गई सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा|

अंत में यह कहना गलत नही होगा कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रूपये के नोटों को अमान्य घोषित करने के बाद सरकार द्वारा कैशलेस इकॉनमी की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं और उठाए जा भी रहे हैं| आधार कार्ड द्वारा भुगतान भी इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है|

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